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एएसआई 10 हजार की रिश्वत लेता रंगेहाथ पकड़ा
ब्यूरो/अमर उजाला राई
Updated Sun, 20 Dec 2015 11:40 PM IST
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लड़ाई-झगड़े के एक मामले में कार्रवाई के नाम पर रिश्वत मांगे रहे एक एएसआई को विजिलेंस की टीम ने रंगेहाथ काबू किया है। थाना कुंडली की बारोटा चौकी में कार्यरत आरोपी एएसआई पर 10 हजार की रिश्वत मांगने का आरोप है। विजिलेंस टीम ने आरोपी एएसआई का रविवार देर शाम मेडिकल करवाया।
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सोमवार को उसे अदालत में पेश किया जाएगा। बता दें कि साल का यह छठा मामला है, जब किसी पुलिस कर्मी को रिश्वत के मामले में विजिलेंस ने काबू किया है।
जानकारी के अनुसार, श्रवण कुमार निवासी गांव कत्लूपुर ने विजिलेंस निरीक्षक राजीव कुमार सोनी को शिकायत दी कि उसकी पत्नी निर्मला की गांव के कुछ लोगों ने पिटाई कर दी थी। इस मामले में उसने एमएलआर के साथ शिकायत बारोटा चौकी में दी थी। एएसआई राजपाल को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया था।
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आरोप है कि इस मामले में कार्रवाई के लिए राजपाल ने उससे 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। श्रवण कुमार की शिकायत के आधार पर विजिलेंस टीम ने अधिकारियों को मामले की जानकारी दी। इसके बाद डीसी के निर्देशों के तहत जिला राजस्व अधिकारी सुरेश कुमार को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त करते हुए टीम का गठन किया।
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विजिलेंस टीम में एसआई रामेहर, पवन, एचसी नेत्रपाल और सुजीत शामिल रहे। टीम ने सुरेश कुमार को हस्ताक्षर किए हुए और पाउडर लगे नोट श्रवण को देकर एएसआई के पास भेजा था। जैसे ही श्रवण कुमार ने ये रुपये एएसआई राजपाल को दिए, वैसे ही विजिलेंस की टीम को इशारा कर दिया। टीम ने तुरंत राजपाल को रिश्वत की रकम के साथ काबू कर लिया। जब राजपाल के हाथ धुलवाए गए तो उसके हाथ गुलाबी हो गए।
छह मामले में लगा खाकी पर दाग
जनवरी 2015 से यह छठा मामला सामने आया है, जिसमें खाकी दागदार हुई है। नौ जनवरी को जीटी रोड गन्नौर पुलिस चौकी में नियुक्त हवलदार राममेहर को दो हजार रुपये रिश्वत लेते पकड़ा गया था। चार फरवरी को मुडलाना चौकी में तैनात एएसआई बिजेंद्र व हवलदार हरेंद्र को 10 हजार की रिश्वत मांगने के आरोप में काबू किया गया था।
21 जुलाई को सेक्टर-23 चौकी में नियुक्त एएसआई सुभाष को पांच सौ रुपये रिश्वत लेते काबू किया गया था। सात अगस्त को एएसआई वेदप्रकाश व होमगार्ड जवान करतार को पांच-पांच सौ रुपये की रिश्वत लेते काबू किया गया था। 15 अगस्त को पानीपत के समालखा थाने में नियुक्त एएसआई राजबीर को गोहाना से 20 हजार रुपये रिश्वत लेते काबू किया गया था।