{"_id":"5e7e09058ebc3e7754391355","slug":"corona-virus-sonipat-news-rtk548554424","type":"story","status":"publish","title_hn":"लॉकडाउन में प्रसव पीड़िता के लिए फरिश्ते बने दो युवक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
लॉकडाउन में प्रसव पीड़िता के लिए फरिश्ते बने दो युवक
विज्ञापन
रक्त देते जीवन रक्षक ब्लड ग्रुप के अध्यक्ष हुक्मचंद भारद्वाज
- फोटो : Sonipat
प्रदीप कौशिक
सोनीपत। कोरोना वायरस फैलने से बचाव के लिए पूरे देश में लॉकडाउन किया हुआ है। ऐसे में दर्द से कराहती एक गर्भवती महिला को प्रसव कराने के लिए परिजन नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन नागरिक अस्पताल में भर्ती महिला को ए पॉजिटिव ब्लड नहीं होने पर महिला मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां रेफर कर दिया गया। महिला को वहां भी ए पॉजिटिव ब्लड नहीं मिला तो ब्लड के बिना महिला की जान पर बन सकती थी। ऐसे में दो युवक महिला के लिए फरिश्ता बनकर पहुंच गए। सूचना मिलने पर जीवन रक्षक ब्लड ग्रुप के यह सदस्य किसी तरह खानपुर कलां पहुंचे और वहां महिला को ब्लड दिया। इसके बाद महिला की सामान्य डिलिवरी हुई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया। खून की कमी के चलते महिला की जान को खतरा हो सकता था।
कोरोना वायरस से बचाव के लिए देश में लॉक डाउन जारी है। इसके चलते लोगों को घरों में कैद रहना पड़ रहा है। इस बीच ही गांव खेवड़ा की रहने वाली काजल को प्रसव पीड़ा हुई तो परिजन वीरवार सुबह उसे नागरिक अस्पताल में लेकर पहुंचे। जहां उसे ब्लड की कमी बताकर खानपुर कलां महिला मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया। खानपुर कलां मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद वहां के चिकित्सकों ने ए पॉजिटिव ब्लड नहीं होने की बात कही। इस पर गर्भवती काजल के पति संदीप ने अपने ससुर गुलशन सैनी निवासी गढ़ी ब्राह्मणान को फोन कर ए पॉजिटिव ब्लड की मांग की। इस पर गुलशन सैनी ने अपनी बेटी के लिए जीवन रक्षक ब्लड ग्रुप के अध्यक्ष हुक्मचंद भारद्वाज से संपर्क किया। इसके बाद हुक्मचंद भारद्वाज अपने साथी सोमबीर सरोहा जुआं के साथ खानपुर कलां के लिए चल दिए। रास्ते में उन्हें नाका लगाकर खड़े पुलिसकर्मियों ने रोक लिया तो हुक्मचंद ने गर्भवती महिला को रक्त देने के लिए खानपुर कलां जाने की बात कही। इस पर पुलिस कर्मियों ने उन्हें खानपुर कलां के लिए भेज दिया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद हुक्मचंद ने अपने साथी प्रवीण को भी बुलाया और वहां तीनों ने काजल के लिए ब्लड दिया। इसके बाद काजल की सामान्य डिलिवरी हुई और एक बच्चे को जन्म दिया।
विज्ञापन
सोनीपत। कोरोना वायरस फैलने से बचाव के लिए पूरे देश में लॉकडाउन किया हुआ है। ऐसे में दर्द से कराहती एक गर्भवती महिला को प्रसव कराने के लिए परिजन नागरिक अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन नागरिक अस्पताल में भर्ती महिला को ए पॉजिटिव ब्लड नहीं होने पर महिला मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां रेफर कर दिया गया। महिला को वहां भी ए पॉजिटिव ब्लड नहीं मिला तो ब्लड के बिना महिला की जान पर बन सकती थी। ऐसे में दो युवक महिला के लिए फरिश्ता बनकर पहुंच गए। सूचना मिलने पर जीवन रक्षक ब्लड ग्रुप के यह सदस्य किसी तरह खानपुर कलां पहुंचे और वहां महिला को ब्लड दिया। इसके बाद महिला की सामान्य डिलिवरी हुई और उसने एक बच्चे को जन्म दिया। खून की कमी के चलते महिला की जान को खतरा हो सकता था।
कोरोना वायरस से बचाव के लिए देश में लॉक डाउन जारी है। इसके चलते लोगों को घरों में कैद रहना पड़ रहा है। इस बीच ही गांव खेवड़ा की रहने वाली काजल को प्रसव पीड़ा हुई तो परिजन वीरवार सुबह उसे नागरिक अस्पताल में लेकर पहुंचे। जहां उसे ब्लड की कमी बताकर खानपुर कलां महिला मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया। खानपुर कलां मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद वहां के चिकित्सकों ने ए पॉजिटिव ब्लड नहीं होने की बात कही। इस पर गर्भवती काजल के पति संदीप ने अपने ससुर गुलशन सैनी निवासी गढ़ी ब्राह्मणान को फोन कर ए पॉजिटिव ब्लड की मांग की। इस पर गुलशन सैनी ने अपनी बेटी के लिए जीवन रक्षक ब्लड ग्रुप के अध्यक्ष हुक्मचंद भारद्वाज से संपर्क किया। इसके बाद हुक्मचंद भारद्वाज अपने साथी सोमबीर सरोहा जुआं के साथ खानपुर कलां के लिए चल दिए। रास्ते में उन्हें नाका लगाकर खड़े पुलिसकर्मियों ने रोक लिया तो हुक्मचंद ने गर्भवती महिला को रक्त देने के लिए खानपुर कलां जाने की बात कही। इस पर पुलिस कर्मियों ने उन्हें खानपुर कलां के लिए भेज दिया। मेडिकल कॉलेज पहुंचने के बाद हुक्मचंद ने अपने साथी प्रवीण को भी बुलाया और वहां तीनों ने काजल के लिए ब्लड दिया। इसके बाद काजल की सामान्य डिलिवरी हुई और एक बच्चे को जन्म दिया।

रक्त देते सोमबीर सरोहा जुआं- फोटो : Sonipat
विज्ञापन