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Sonipat News: शेयर मार्केट में ट्रेडिंग के नाम पर 63.85 लाख रुपये ठगे
Wed, 01 May 2024 01:32 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Wed, 01 May 2024 01:32 AM IST
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सोनीपत। ऑनलाइन एप के माध्यम से ट्रेडिंग व आईपीओ खरीद के नाम पर युवक से 63.85 लाख रुपये हड़पने का मामला सामने आया है। पीडि़त की शिकायत साइबर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
काठ मंडी क्षेत्र निवासी रविंद्र ने साइबर थाना पुलिस को बताया कि फरवरी में उनके मोबाइल पर कॉल आई थी। कॉल करने वाले खुद को मल्टीनेशनल कंपनी वैंगार्ड का कर्मचारी बताया था जिसने उनको व्हाट्सएप पर फ्री शेयर मार्केट और शेयर ट्रेडिंग सिखाने की बात कही थी। उन्हें बताया गया कि इसके लिए हर रोज एक घंटा ऑनलाइन कक्षा लगेगी। उसके बाद उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया। रविंद्र का आरोप है कि कुछ दिन बाद उन्होंने उसे शेयर मार्केट में निवेश के लिए उकसाना शुरू कर दिया। उन्हें उनकी राशि पर 20 से 30 फीसदी मुनाफा देने का लालच दिया गया। उन्हें कहा गया कि उनकी कंपनी की तरफ से बताई गई कंपनी में रुपये लगाने से कुछ समय में ही रुपये दोगुना हो जाएंगे। इसके चलते वह उनके झांसे में आ गया। रविंद्र का कहना है कि नौ अप्रैल को उन्होंने स्टार प्रोजेक्ट में पहला निवेश किया। शेयर ट्रेडिंग के लिए ठगों ने अपनी खुद की एलाइस नाम से एप बना रखी है। इस एप पर अन्य लोग भी निवेश में मुनाफे की जानकारी साझा कर रहे थे। आरोपी उसे रुपये डालने के लिए हर बार अलग-अलग नंबर भेजते थे।
रविंद्र का कहना है कि उन्होंने 9 अप्रैल से लेकर 24 अप्रैल तक करीब 12 बार में उनके दिए खातों में 63 लाख 85 लाख रुपये डाल दिए। उसके बाद जब उन्होंने रुपये निकालने का प्रयास किया तो एप बंद हो गया। 25 से 27 अप्रैल तक एप बंद रहा और रुपये नहीं निकले। उसके बाद 28 अप्रैल को व्हाट्सएप पर संदेश मिला कि तकनीकी कारणों के चलते वह ऐसा नहीं कर पा रहे थे। इसके लिए कंपनी माफी चाहती है। उसके बाद वह रुपये वापस निकालने लगे तो रुपये फिर भी नहीं निकल सके। बाद में उनसे 33 लाख रुपये की और मांग की गई। न देने पर कहा गया कि वह रुपये नहीं निकाल सकते। जिसके बाद उसे ठगी का अहसास हुआ। उसने अपने स्तर पर पता किया तो जानकारी मिली कि ठगों ने फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया है।
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काठ मंडी क्षेत्र निवासी रविंद्र ने साइबर थाना पुलिस को बताया कि फरवरी में उनके मोबाइल पर कॉल आई थी। कॉल करने वाले खुद को मल्टीनेशनल कंपनी वैंगार्ड का कर्मचारी बताया था जिसने उनको व्हाट्सएप पर फ्री शेयर मार्केट और शेयर ट्रेडिंग सिखाने की बात कही थी। उन्हें बताया गया कि इसके लिए हर रोज एक घंटा ऑनलाइन कक्षा लगेगी। उसके बाद उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ दिया गया। रविंद्र का आरोप है कि कुछ दिन बाद उन्होंने उसे शेयर मार्केट में निवेश के लिए उकसाना शुरू कर दिया। उन्हें उनकी राशि पर 20 से 30 फीसदी मुनाफा देने का लालच दिया गया। उन्हें कहा गया कि उनकी कंपनी की तरफ से बताई गई कंपनी में रुपये लगाने से कुछ समय में ही रुपये दोगुना हो जाएंगे। इसके चलते वह उनके झांसे में आ गया। रविंद्र का कहना है कि नौ अप्रैल को उन्होंने स्टार प्रोजेक्ट में पहला निवेश किया। शेयर ट्रेडिंग के लिए ठगों ने अपनी खुद की एलाइस नाम से एप बना रखी है। इस एप पर अन्य लोग भी निवेश में मुनाफे की जानकारी साझा कर रहे थे। आरोपी उसे रुपये डालने के लिए हर बार अलग-अलग नंबर भेजते थे।
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रविंद्र का कहना है कि उन्होंने 9 अप्रैल से लेकर 24 अप्रैल तक करीब 12 बार में उनके दिए खातों में 63 लाख 85 लाख रुपये डाल दिए। उसके बाद जब उन्होंने रुपये निकालने का प्रयास किया तो एप बंद हो गया। 25 से 27 अप्रैल तक एप बंद रहा और रुपये नहीं निकले। उसके बाद 28 अप्रैल को व्हाट्सएप पर संदेश मिला कि तकनीकी कारणों के चलते वह ऐसा नहीं कर पा रहे थे। इसके लिए कंपनी माफी चाहती है। उसके बाद वह रुपये वापस निकालने लगे तो रुपये फिर भी नहीं निकल सके। बाद में उनसे 33 लाख रुपये की और मांग की गई। न देने पर कहा गया कि वह रुपये नहीं निकाल सकते। जिसके बाद उसे ठगी का अहसास हुआ। उसने अपने स्तर पर पता किया तो जानकारी मिली कि ठगों ने फर्जी वेबसाइट बनाकर ठगी की वारदात को अंजाम दिया है।
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