{"_id":"67c74f9d093ed5311c05908a","slug":"bps-womens-universitys-library-will-have-a-new-look-three-designs-were-patented-sonipat-news-c-197-1-snp1008-133231-2025-03-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: नए रूप में नजर आएगा बीपीएस महिला विवि का पुस्तकालय, तीन डिजाइन हुए पेटेंट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: नए रूप में नजर आएगा बीपीएस महिला विवि का पुस्तकालय, तीन डिजाइन हुए पेटेंट
विज्ञापन
फोटो 51- सोनीपत के गांव खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय में प्रमाण पत्र दिखा
- फोटो : reasi
गोहाना। गांव खानपुर कलां स्थित भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय का पुस्तकालय जल्द नए रूप में नजर आएगा। पुस्तकालय को डिजिटल व तकनीकी रूप से सशक्त बनाने के लिए तीन डिजाइन पेटेंट हुए हैं। अत्याधुनिक डिजाइनों को भारत सरकार के पेटेंट कार्यालय से आधिकारिक मंजूरी व प्रमाण पत्र जारी किए गए।
कुलपति प्रो. सुदेश ने कहा कि विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों की पुस्तकालय संसाधनों तक निर्बाध पहुंच होगी। परिचय पत्र दिखाने या हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया समाप्त होगी। अत्याधुनिकता के साथ तकनीक को अपनाना विकास के मार्ग खोलने का जरिया है। इन डिजाइनों का मुख्य उद्देश्य पुस्तकालय सेवाओं को अत्याधुनिक तकनीकों से परिपूर्ण कर अधिक प्रभावी, सुविधाजनक व सुरक्षित बनाना है। यह डिजाइन पुस्तकालय को डिजिटल व स्मार्ट बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। कुलपति ने पेटेंट सर्टिफिकेट विश्वविद्यालय के पुस्तकालय अधिकारी डाॅ. अशोक को सौंपे।
डाॅ. अशोक ने बताया कि प्रथम डिजाइन एआइ-आधारित इंटरएक्टिव लाइब्रेरी कियोस्क है। यह प्रणाली व्यक्तिगत सिफारिशें देने, पुस्तकें खोजने व एक सहज इंटरफेस प्रदान करने की क्षमता रखती है। दूसरा डिजाइन- पुस्तकालय के लिए चेहरा पहचानने वाला उपकरण है, जो छात्राओं व आगंतुकों की पहचान सुनिश्चित करती है। इससे परिचय पत्र दिखाने या हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया समाप्त होगी। तीसरा डिजाइन-लाइब्रेरी पुस्तक प्रबंधन के लिए पोर्टेबल डिवाइस है। यह पुस्तकालय प्रबंधन को अधिक सरल व प्रभावी बनाता है। इससे पुस्तकों का हिसाब रखने में आसानी होगी। कार्यक्रम में प्रो. विजय नेहरा, डाॅ. भूपेंद्र सिंह व डाॅ. नफे सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कुलपति प्रो. सुदेश ने कहा कि विश्वविद्यालय के पुस्तकालय में एआई तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों की पुस्तकालय संसाधनों तक निर्बाध पहुंच होगी। परिचय पत्र दिखाने या हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया समाप्त होगी। अत्याधुनिकता के साथ तकनीक को अपनाना विकास के मार्ग खोलने का जरिया है। इन डिजाइनों का मुख्य उद्देश्य पुस्तकालय सेवाओं को अत्याधुनिक तकनीकों से परिपूर्ण कर अधिक प्रभावी, सुविधाजनक व सुरक्षित बनाना है। यह डिजाइन पुस्तकालय को डिजिटल व स्मार्ट बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। कुलपति ने पेटेंट सर्टिफिकेट विश्वविद्यालय के पुस्तकालय अधिकारी डाॅ. अशोक को सौंपे।
विज्ञापन
डाॅ. अशोक ने बताया कि प्रथम डिजाइन एआइ-आधारित इंटरएक्टिव लाइब्रेरी कियोस्क है। यह प्रणाली व्यक्तिगत सिफारिशें देने, पुस्तकें खोजने व एक सहज इंटरफेस प्रदान करने की क्षमता रखती है। दूसरा डिजाइन- पुस्तकालय के लिए चेहरा पहचानने वाला उपकरण है, जो छात्राओं व आगंतुकों की पहचान सुनिश्चित करती है। इससे परिचय पत्र दिखाने या हस्ताक्षर करने की प्रक्रिया समाप्त होगी। तीसरा डिजाइन-लाइब्रेरी पुस्तक प्रबंधन के लिए पोर्टेबल डिवाइस है। यह पुस्तकालय प्रबंधन को अधिक सरल व प्रभावी बनाता है। इससे पुस्तकों का हिसाब रखने में आसानी होगी। कार्यक्रम में प्रो. विजय नेहरा, डाॅ. भूपेंद्र सिंह व डाॅ. नफे सिंह मौजूद रहे।
विज्ञापन