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Sonipat News: शादी के बहाने ले जाकर दुष्कर्म करना गंभीर अपराध कह जमानत खारिज की

Mon, 24 Nov 2025 01:33 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Mon, 24 Nov 2025 01:33 AM IST
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Bail rejected, saying raping after taking away on the pretext of marriage is a serious crime
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सोनीपत। नाबालिग को शादी के बहाने जाकर दुष्कर्म करने के मामले में फास्ट ट्रैक कोर्ट (एफटीसी) ने आरोपी त्रिलोक सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई की। बचाव पक्ष एवं शासकीय अधिवक्ता की जिरह सुनने के बाद न्यायाधीश डॉ. जसबीर सिंह ने नाबालिग को शादी के बहाने अपहृत कर दुष्कर्म करना गंभीर अपराध है बताकर जमानत खारिज कर दी। आरोपी 11 माह से न्यायिक हिरासत में जेल में है।
उत्तराखंड के जिला पिथौरागढ़ के गांव मवानी दवानी निवासी त्रिलोक सिंह पर शादी का झांसा देकर नाबालिग का अपहरण और दुष्कर्म करने का आरोप है। राई थाना में उसके विरुद्ध किशोरी के पिता ने 26 नवंबर 2023 को अपहरण और पॉक्सो एक्ट में मुकदमा दर्ज कराया था।
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पुलिस ने 29 नवंबर 2023 को किशोरी को बरामद कर लिया था। बाद में पुलिस ने पीड़िता को कलमबंद बयान के लिए मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया था। आरोपी फरार था। 11 जनवरी 2025 को राई थाना पुलिस ने त्रिलोक सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। तब से वह न्यायिक हिरासत में जेल में है।
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अपने अधिवक्ता के माध्यम से उसने फास्ट ट्रैक कोर्ट में जमानत अर्जी दी। बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि आरोपी के विरुद्ध झूठी प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। यह कानून का दुरुपयोग है। पुलिस आरोप पत्र लगा चुकी है। ट्रायल में लंबा समय लग सकता है।
शासकीय अधिवक्ता ने विरोध करते हुए तर्क दिया कि आरोपी के विरुद्ध गंभीर और विशिष्ट आरोप है। अभी पीड़िता व उनके पिता के बयान कोर्ट में होने हैं। जमानत मिलने पर आरोपी गवाहों को धमकी दे सकता है और स्वयं फरार होकर न्याय से बच सकता है।

दोनों पक्षों की जिरह सुनने के बाद न्यायाधीश डॉ. जसबीर सिंह ने फैसला दिया कि त्रिलोक सिंह के विरुद्ध आरोप गंभीर प्रकृति के हैं इसलिए नियमित जमानत देने का कोई आधार नहीं बनता। अपराध की गंभीरता को देखते हुए न्यायाधीश ने जमानत याचिका खारिज कर दी।
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