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बारोटा में बदहाल व्यवस्था : गली में सवा महीने से भरा गंदा पानी, प्रशासन की आंखें बंद
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फोटो :: बबलू चौहान
-सवा महीने से दूषित पानी की समस्या झेल रहे, रेलवे रोड पर हो रही परेशानी
-सफाई व्यवस्था ठप, गली के बीच बह रहा दूषित पानी बना मुसीबत
-स्कूल जाने वाले बच्चों को सुबह सबसे ज्यादा हो रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। गांव बारोटा में करीब सवा महीने से दूषित पानी की समस्या ने ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है। गांव की मुख्य गली में लगातार दूषित पानी बहने से हालात बदतर हो चुके हैं। सफाई व्यवस्था ठप दिखाई दे रही है और गली में जमा दूषित पानी से लोगों को रोजाना भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। सबसे अधिक दिक्कत स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है, जिन्हें दूषित पानी से बचकर निकलना पड़ता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में दूषित पानी की निकासी मुसीबत बन चुकी है। सबसे अधिक समस्या रेलवे रोड है। यहां दुकानदारों से लेकर राहगीरों व विद्यार्थियों तक सभी को दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थाई समाधान नहीं किया गया।
मजबूरन ग्रामीणों को सड़क किनारे बने रैंप और फुटपाथ के सहारे आवाजाही करनी पड़ रही है। सुबह के समय स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जब स्कूल जाने वाले बच्चों की भीड़ रहती है। कई बच्चे फिसलकर गिर चुके हैं। दूषित पानी और बदबू के कारण बीमारी फैलने का खतरा भी बना हुआ है।
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दुकानदारों ने खुद कराई सफाई
गली में फैली गंदगी और दूषित पानी से परेशान होकर क्षेत्र के दुकानदारों ने अपने स्तर पर सफाई भी कराई, लेकिन स्थाई निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण कुछ ही दिनों में हालात फिर पहले जैसे हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने और पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण समस्या लगातार बनी हुई है।
ग्रामीणों ने रोष जताया कि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। प्रशासन गांव की मूलभूत समस्याओं की ओर प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहा। इसस लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
गली में लंबे समय से दूषित पानी बह रहा है। कई बार शिकायत देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है।
अनिल, ग्रामीण
दूषित पानी और बदबू के कारण घरों के बाहर बैठना तक मुश्किल हो गया है। मच्छरों की संख्या बढ़ रही है और संक्रमण फैलने का डर बना हुआ है। सफाई व निकासी को लेकर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
डॉ. सतीश
गली में जमा दूषित पानी की तुरंत निकासी कराई जाए, नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और स्थाई समाधान के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाएं, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
सुनीता
समस्या से परेशान होकर दुकानदारों ने खुद सफाई कराई थी, लेकिन पानी निकासी की स्थाई व्यवस्था नहीं होने से दोबारा वही हालात बन गए। जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे।
बबलू चौहान, पूर्व पंच एवं दुकानदार
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-सफाई व्यवस्था ठप, गली के बीच बह रहा दूषित पानी बना मुसीबत
-स्कूल जाने वाले बच्चों को सुबह सबसे ज्यादा हो रही परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। गांव बारोटा में करीब सवा महीने से दूषित पानी की समस्या ने ग्रामीणों का जीना दूभर हो गया है। गांव की मुख्य गली में लगातार दूषित पानी बहने से हालात बदतर हो चुके हैं। सफाई व्यवस्था ठप दिखाई दे रही है और गली में जमा दूषित पानी से लोगों को रोजाना भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। सबसे अधिक दिक्कत स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को हो रही है, जिन्हें दूषित पानी से बचकर निकलना पड़ता है।
ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में दूषित पानी की निकासी मुसीबत बन चुकी है। सबसे अधिक समस्या रेलवे रोड है। यहां दुकानदारों से लेकर राहगीरों व विद्यार्थियों तक सभी को दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या को लेकर कई बार संबंधित विभाग और प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई स्थाई समाधान नहीं किया गया।
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मजबूरन ग्रामीणों को सड़क किनारे बने रैंप और फुटपाथ के सहारे आवाजाही करनी पड़ रही है। सुबह के समय स्थिति और अधिक गंभीर हो जाती है, जब स्कूल जाने वाले बच्चों की भीड़ रहती है। कई बच्चे फिसलकर गिर चुके हैं। दूषित पानी और बदबू के कारण बीमारी फैलने का खतरा भी बना हुआ है।
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दुकानदारों ने खुद कराई सफाई
गली में फैली गंदगी और दूषित पानी से परेशान होकर क्षेत्र के दुकानदारों ने अपने स्तर पर सफाई भी कराई, लेकिन स्थाई निकासी व्यवस्था नहीं होने के कारण कुछ ही दिनों में हालात फिर पहले जैसे हो गए। ग्रामीणों का कहना है कि नियमित सफाई नहीं होने और पानी निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण समस्या लगातार बनी हुई है।
ग्रामीणों ने रोष जताया कि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वह प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। प्रशासन गांव की मूलभूत समस्याओं की ओर प्रशासन गंभीरता नहीं दिखा रहा। इसस लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।
गली में लंबे समय से दूषित पानी बह रहा है। कई बार शिकायत देने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। सबसे ज्यादा परेशानी बच्चों और बुजुर्गों को उठानी पड़ रही है।
अनिल, ग्रामीण
दूषित पानी और बदबू के कारण घरों के बाहर बैठना तक मुश्किल हो गया है। मच्छरों की संख्या बढ़ रही है और संक्रमण फैलने का डर बना हुआ है। सफाई व निकासी को लेकर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए।
डॉ. सतीश
गली में जमा दूषित पानी की तुरंत निकासी कराई जाए, नालियों की नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए और स्थाई समाधान के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाएं, ताकि लोगों को राहत मिल सके।
सुनीता
समस्या से परेशान होकर दुकानदारों ने खुद सफाई कराई थी, लेकिन पानी निकासी की स्थाई व्यवस्था नहीं होने से दोबारा वही हालात बन गए। जल्द समाधान नहीं हुआ तो ग्रामीण आंदोलन करेंगे।
बबलू चौहान, पूर्व पंच एवं दुकानदार

फोटो :: बबलू चौहान

फोटो :: बबलू चौहान

फोटो :: बबलू चौहान

फोटो :: बबलू चौहान

फोटो :: बबलू चौहान

फोटो :: बबलू चौहान