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Sonipat News: एक माह तक चलने वाला एनीमिया मुक्त अभियान शुरू
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फोटो : सोनीपत के एक स्वास्थ्य केंद्र में महिला के हीमोग्लोबिन की जांच करती एएनएम। स्रोत: स्वास्
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोमवार को एनीमिया मुक्त अभियान की शुरुआत की गई। अभियान के पहले दिन 1500 से ज्यादा बच्चों, किशोरों व महिलाओं का हीमोग्लोबिन (एचबी) जांचा गया। पहले विभाग ने एनीमिया मुक्त सप्ताह मनाने के निर्देश दिए थे।
एक माह तक चलने वाले अभियान के तहत उप स्वास्थ्य केंद्र, पीएचसी, सीएचसी, नागरिक अस्पताल में शिविर लगाए जाएंगे। खून की गंभीर कमी वाले मरीजों को ऑयरन, फोलिक एसिड की गोलियां दी जाएंगी। एक माह तक चलने वाले अभियान के तहत 1.21 लाख से ज्यादा की जांच की जाएगी।
इस दौरान छह टारगेटेड ग्रुप 6 माह-5 वर्ष, 6-9 वर्ष, 10-19 वर्ष आयु के बच्चों व किशोरों के खून की जांच की जाएगी। विशेष रूप से स्तनपान कराने वाली व गर्भवती महिलाएं के खून की जांच की जाएगी। साथ ही 15 से 49 साल तक की महिलाओं की रक्त जांच की जाएगी।
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अभियान के तहत आयरन-फोलिक एसिड (आयरन) की दवाएं वितरित की जाएंगी और इसी तरह बच्चों के लिए सिरप दिया जाएगा। जांच के दौरान हीमोग्लोबिन कम पाए जाने पर बच्चों, किशोरों व महिलाओं का इलाज भी किया जाएगा। इलाज कराने वाले मरीज की काउंसिलिंग भी होगी।
अस्पताल में आने वाली सभी महिलाओं की जांच सुनिश्चित की जाएगी। सरकार की ओर से एनीमिया ट्रैकिंग एप विकसित किया गया है। इसमें एचबी परीक्षण की जानकारी वास्तविक समय के आधार पर अपलोड की जानी है।
व्यापक सेवा वितरण पैकेज सुनिश्चित होगा। इसमें एचबी परीक्षण और उपचार, रोग निरोधी ऑयरन फोलिक एसिड (आईएफए) पूरकता, आहार विविधीकरण व आयरन वाले भोजन को बढ़ावा देना शामिल है। स्टाफ कर्मियों को एनीमिया मुक्त माह के दौरान की जाने वाली जांच का डाटाबेस तैयार करने के भी निर्देश दिए।
वर्जन
पुराने मरीजों की लगातार निगरानी की जाएगी। नए मरीजों को भी अभियान से जोड़कर उनकी भी नियमित निगरानी का अभिलेख रखा जाएगा।अभियान के तहत संबंधित आशा वर्कर और एएनएम समय-समय पर मरीजों का फॉलोअप लेंगी। एक माह तक चलने वाले अभियान के दौरान गंभीर एनीमिया रोगी पाए गए तो उन्हें दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। एनीमिया मुक्त हरियाणा मिशन को सफल बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। -डॉ. जितेंद्र सिंह, नोडल अधिकारी, मातृत्व स्वास्थ्य अभियान।
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सोनीपत। स्वास्थ्य विभाग की ओर से सोमवार को एनीमिया मुक्त अभियान की शुरुआत की गई। अभियान के पहले दिन 1500 से ज्यादा बच्चों, किशोरों व महिलाओं का हीमोग्लोबिन (एचबी) जांचा गया। पहले विभाग ने एनीमिया मुक्त सप्ताह मनाने के निर्देश दिए थे।
एक माह तक चलने वाले अभियान के तहत उप स्वास्थ्य केंद्र, पीएचसी, सीएचसी, नागरिक अस्पताल में शिविर लगाए जाएंगे। खून की गंभीर कमी वाले मरीजों को ऑयरन, फोलिक एसिड की गोलियां दी जाएंगी। एक माह तक चलने वाले अभियान के तहत 1.21 लाख से ज्यादा की जांच की जाएगी।
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इस दौरान छह टारगेटेड ग्रुप 6 माह-5 वर्ष, 6-9 वर्ष, 10-19 वर्ष आयु के बच्चों व किशोरों के खून की जांच की जाएगी। विशेष रूप से स्तनपान कराने वाली व गर्भवती महिलाएं के खून की जांच की जाएगी। साथ ही 15 से 49 साल तक की महिलाओं की रक्त जांच की जाएगी।
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अभियान के तहत आयरन-फोलिक एसिड (आयरन) की दवाएं वितरित की जाएंगी और इसी तरह बच्चों के लिए सिरप दिया जाएगा। जांच के दौरान हीमोग्लोबिन कम पाए जाने पर बच्चों, किशोरों व महिलाओं का इलाज भी किया जाएगा। इलाज कराने वाले मरीज की काउंसिलिंग भी होगी।
अस्पताल में आने वाली सभी महिलाओं की जांच सुनिश्चित की जाएगी। सरकार की ओर से एनीमिया ट्रैकिंग एप विकसित किया गया है। इसमें एचबी परीक्षण की जानकारी वास्तविक समय के आधार पर अपलोड की जानी है।
व्यापक सेवा वितरण पैकेज सुनिश्चित होगा। इसमें एचबी परीक्षण और उपचार, रोग निरोधी ऑयरन फोलिक एसिड (आईएफए) पूरकता, आहार विविधीकरण व आयरन वाले भोजन को बढ़ावा देना शामिल है। स्टाफ कर्मियों को एनीमिया मुक्त माह के दौरान की जाने वाली जांच का डाटाबेस तैयार करने के भी निर्देश दिए।
वर्जन
पुराने मरीजों की लगातार निगरानी की जाएगी। नए मरीजों को भी अभियान से जोड़कर उनकी भी नियमित निगरानी का अभिलेख रखा जाएगा।अभियान के तहत संबंधित आशा वर्कर और एएनएम समय-समय पर मरीजों का फॉलोअप लेंगी। एक माह तक चलने वाले अभियान के दौरान गंभीर एनीमिया रोगी पाए गए तो उन्हें दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। एनीमिया मुक्त हरियाणा मिशन को सफल बनाने के लिए हर स्तर पर प्रयास किए जाएंगे। -डॉ. जितेंद्र सिंह, नोडल अधिकारी, मातृत्व स्वास्थ्य अभियान।