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एंबुलेंस चालक और ईएमटी को नहीं मिल रहा आशियाना, अस्पताल में प्रदर्शन
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नागरिक अस्पताल में एकत्रित होकर विरोध जताते एंबुलेंस चालक व ईएमटी
- फोटो : Sonipat
कोरोना वायरस महामारी के दौरान मरीजों के उपचार के लिए चिकित्सक व कर्मचारी जान जोखिम में डालकर दिन-रात ड्यूटी पर तैनात हैं। नागरिक अस्पताल में तैनात एनएचएम कर्मियों (एंबुलेंस चालक व ईएमटी) ने स्वास्थ्य विभाग के अफसरों पर बर्बरता करने का आरोप लगाया।
उनका आरोप है कोरोना वायरस संक्रमण के चलते वह पिछले काफी दिनों से परिवार से दूर हैं। उन्हें पहले एथनिक इंडिया राई में रहने के लिए कमरे दिए गए थे। वहां पर स्वास्थ्य विभाग ने अपने चहेतों को एसी रूम तक दे दिए। अब दो दिन से उन्हें रात गुजारने के लिए आशियाना नहीं मिल रहा है। अस्पताल में रात को मिलने वाला खाना बेहद खराब होता है। दो दिन से भूखे पेट सोने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इस संबंध में सिविल सर्जन व अन्य अधिकारियों को भी शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो रही।
जिले के कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। संक्रमित मरीजों को अस्पताल में लाने व महिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लेकर जाने वाले एंबुलेंस चालकों व ईएमटी संग बर्बरता करने का मामला सामने आया है। विभाग की तरफ से पांच एंबुलेस को कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए लगा रखा है। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए ड्यूटी देने वाले कर्मियों के रहने के लिए डिप्टी सीएम ने होटल व सरकारी विश्रामगृह में रुकने व खाना मुहैया करवाने के लिए जिला प्रशासन को आदेश जारी किये थे। जिले में उनके आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कर्मियों का आरोप हैं कि दो दिन से उन्हें रहने के लिए कमरे नहीं मिल रहे हैं। कभी किसी होटल तो कभी अस्पताल में बिस्तरों पर लेटकर रात गुजारनी पड़ रही है। कोरोना संक्रमित मरीजों को लाने व ले जाने में उनकी ड्यूटी लगी हुई है। इसके चलते वह अपने बच्चों के पास घर पर नहीं जा सकते।
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एनएचएम कर्मियों का आरोप हैं कि दो दिन से उन्हें कभी किसी होटल तो कभी किसी होटल में भेजा जा रहा है। होटल मेें जाने के बाद सामाजिक संस्था द्वारा किए जा रहे भोजन वितरण से बचा हुआ खाना उनके पास भेजा रहा है। एनएचएम के नोडल अधिकारी के पास समस्या को लेकर पहुंचे, उन्होंने अपने कार्य क्षेत्र से बाहर की बात कहकर जाने के लिए बोल दिया। उन्होंने मंगलवार को नागरिक अस्पताल में एकत्रित स्वास्थ्य अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से न्याय की गुहार लगाई है।
सिविल सर्जन डॉ. बीके राजौरा ने बताया कि एनएचएम कर्मी अपनी शिकायतें लेकर कार्यालय में मिलने आए थे। उनकी समस्या का जल्द समाधान कर दिया जायेगा। इसको लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।
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उनका आरोप है कोरोना वायरस संक्रमण के चलते वह पिछले काफी दिनों से परिवार से दूर हैं। उन्हें पहले एथनिक इंडिया राई में रहने के लिए कमरे दिए गए थे। वहां पर स्वास्थ्य विभाग ने अपने चहेतों को एसी रूम तक दे दिए। अब दो दिन से उन्हें रात गुजारने के लिए आशियाना नहीं मिल रहा है। अस्पताल में रात को मिलने वाला खाना बेहद खराब होता है। दो दिन से भूखे पेट सोने पर मजबूर होना पड़ रहा है। इस संबंध में सिविल सर्जन व अन्य अधिकारियों को भी शिकायत दी जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हो रही।
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जिले के कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। संक्रमित मरीजों को अस्पताल में लाने व महिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लेकर जाने वाले एंबुलेंस चालकों व ईएमटी संग बर्बरता करने का मामला सामने आया है। विभाग की तरफ से पांच एंबुलेस को कोरोना संक्रमित मरीजों के लिए लगा रखा है। कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए ड्यूटी देने वाले कर्मियों के रहने के लिए डिप्टी सीएम ने होटल व सरकारी विश्रामगृह में रुकने व खाना मुहैया करवाने के लिए जिला प्रशासन को आदेश जारी किये थे। जिले में उनके आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। कर्मियों का आरोप हैं कि दो दिन से उन्हें रहने के लिए कमरे नहीं मिल रहे हैं। कभी किसी होटल तो कभी अस्पताल में बिस्तरों पर लेटकर रात गुजारनी पड़ रही है। कोरोना संक्रमित मरीजों को लाने व ले जाने में उनकी ड्यूटी लगी हुई है। इसके चलते वह अपने बच्चों के पास घर पर नहीं जा सकते।
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एनएचएम कर्मियों का आरोप हैं कि दो दिन से उन्हें कभी किसी होटल तो कभी किसी होटल में भेजा जा रहा है। होटल मेें जाने के बाद सामाजिक संस्था द्वारा किए जा रहे भोजन वितरण से बचा हुआ खाना उनके पास भेजा रहा है। एनएचएम के नोडल अधिकारी के पास समस्या को लेकर पहुंचे, उन्होंने अपने कार्य क्षेत्र से बाहर की बात कहकर जाने के लिए बोल दिया। उन्होंने मंगलवार को नागरिक अस्पताल में एकत्रित स्वास्थ्य अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला व स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज से न्याय की गुहार लगाई है।
सिविल सर्जन डॉ. बीके राजौरा ने बताया कि एनएचएम कर्मी अपनी शिकायतें लेकर कार्यालय में मिलने आए थे। उनकी समस्या का जल्द समाधान कर दिया जायेगा। इसको लेकर अधिकारियों के साथ बैठक की जाएगी।