{"_id":"a0481fc8d58b355906973c0028a52de4","slug":"against-nagar-nigam-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"निगम के विरोध में दीपालपुर के ग्रामीण डीसी से मिले ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
निगम के विरोध में दीपालपुर के ग्रामीण डीसी से मिले
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Thu, 29 Oct 2015 12:12 AM IST
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गांव दीपालपुर को निगम से अलग कर ग्राम पंचायत का गठन करने और निगम के खाते में आए हुए पैसों से गांव का विकास कार्य करने के संबंध में बुधवार को ग्रामीण लघु सचिवालय पहुंचे और इस दौरान जिला उपायुक्त एवं नगर निगम के कमिश्नर से मुलाकात कर एक मांग पत्र भी सौंपा।
ग्रामीणों का कहना है कि जब सोनीपत नगर परिषद को नगर निगम बनाने की योजना चल रही थी तो दीपालपुर गांव को इसमें शामिल करने की कोई प्रस्तावित योजना नहीं थी। गांव में पंचायती चुनाव के लिए सरपंच पद हेतु अनुसूचित जाति पद को आरक्षित किया गया। इस संबंध में ग्रामीण कैबिनेट मंत्री और अन्य अधिकारियों से भी मिले थे, जिस पर उन्होंने आश्वासन दिया था कि गांव दीपालपुर को नगर निगम में शामिल नहीं किया जाएगा, लेकिन अधिकारियों व सरकार ने गांव के गरीब लोगों के साथ धोखा किया और जबरदस्ती नगर निगम में शामिल किया गया। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से फैसला किया कि गांव दीपालपुर को किसी कीमत पर नगर निगम का हिस्सा नहीं बनने देंगे। इस दौरान सीएम मनोहर लाल खट्टर से भी अपील करते हुए कहा गया कि ग्रामीण सरकार के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जनभावनाओं और उचित विकास को ध्यान में रखते हुए गांव दीपालपुर को नगर निगम से अलग करके ग्राम पंचायत का गठन किया जाए। इस अवसर पर पूर्व सरपंच रामपत, हवा सिंह पहलवान, कुलदीप, आजाद सिंह आंतिल, देवी सिंह आंतिल, जगदीश, साहब सिंह मौजूद थे।
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ग्रामीणों का कहना है कि जब सोनीपत नगर परिषद को नगर निगम बनाने की योजना चल रही थी तो दीपालपुर गांव को इसमें शामिल करने की कोई प्रस्तावित योजना नहीं थी। गांव में पंचायती चुनाव के लिए सरपंच पद हेतु अनुसूचित जाति पद को आरक्षित किया गया। इस संबंध में ग्रामीण कैबिनेट मंत्री और अन्य अधिकारियों से भी मिले थे, जिस पर उन्होंने आश्वासन दिया था कि गांव दीपालपुर को नगर निगम में शामिल नहीं किया जाएगा, लेकिन अधिकारियों व सरकार ने गांव के गरीब लोगों के साथ धोखा किया और जबरदस्ती नगर निगम में शामिल किया गया। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से फैसला किया कि गांव दीपालपुर को किसी कीमत पर नगर निगम का हिस्सा नहीं बनने देंगे। इस दौरान सीएम मनोहर लाल खट्टर से भी अपील करते हुए कहा गया कि ग्रामीण सरकार के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जनभावनाओं और उचित विकास को ध्यान में रखते हुए गांव दीपालपुर को नगर निगम से अलग करके ग्राम पंचायत का गठन किया जाए। इस अवसर पर पूर्व सरपंच रामपत, हवा सिंह पहलवान, कुलदीप, आजाद सिंह आंतिल, देवी सिंह आंतिल, जगदीश, साहब सिंह मौजूद थे।
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