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Sonipat News: लंबित ऋण आवेदनों पर अतिरिक्त उपायुक्त ने बैंकर्स पर जताई नाराजगी
Thu, 20 Jun 2024 05:19 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 20 Jun 2024 05:19 AM IST
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सोनीपत। अतिरिक्त उपायुक्त अंकिता चौधरी ने ऋण आवेदनों की समीक्षा करते हुए उन बैंकर्स के प्रति नाराजगी जताई, जिनमें बड़ी संख्या में केस लंबित मिले। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस कारण के कोई भी आवेदन लंबित नहीं रहना चाहिए। चेतावनी देते हुए कहा कि निर्देशों की अवहेलना करने वालों के विरूद्ध कार्रवाई की जाएगी। जरूरतमंद लोगों को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से उन्हें बैंकिंग सहायता के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, ताकि उन्हें सस्ती दरों पर ऋण मिल सके।
अतिरिक्त उपायुक्त ने लघु सचिवालय में बुधवार को डिस्ट्रिक्ट लेवल रिव्यू कमेटी (डीएलआरसी) व डिस्ट्रिक्ट क्लियरेंस कमेटी (डीसीसी) की बैठक ले रही थी। उन्होंने योजनाओं के तहत चिन्हित जरूरतमंदों के ऋण आवेदनों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बैंकों की सहायता से ऋण लेकर अपने जीवन स्तर को ऊंचा उठा सकते हैं। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए बैंकर्स संवेदनशीलता के साथ जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण प्रदान करें। बैंकर्स लोक कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत आने वाले आवेदनों को सकारात्मकता के साथ स्वीकृति दें। बैंकर्स को यहां प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि लोगों को स्व-रोजगार स्थापना में मदद मिल सके। ऋण आवेदनों की समीक्षा करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं के तहत बैंकों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण देना चाहिए। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (पीएनबी-आरसेटी) की भी समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अधिकाधिक युवाओं को स्व-रोजगार के लिए प्रशिक्षण प्रदान करें। इसके लिए जागरूकता कैंप भी लगाएं। इस दौरान आरबीआई चंडीगढ़ से एलडीओ मंजीत कुमार, एलडीएम मनोज सेठी, नाबार्ड के डीडीएम अजीत सिंह भी मौजूद रहे।
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अतिरिक्त उपायुक्त ने लघु सचिवालय में बुधवार को डिस्ट्रिक्ट लेवल रिव्यू कमेटी (डीएलआरसी) व डिस्ट्रिक्ट क्लियरेंस कमेटी (डीसीसी) की बैठक ले रही थी। उन्होंने योजनाओं के तहत चिन्हित जरूरतमंदों के ऋण आवेदनों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद बैंकों की सहायता से ऋण लेकर अपने जीवन स्तर को ऊंचा उठा सकते हैं। इस दिशा में आगे बढ़ते हुए बैंकर्स संवेदनशीलता के साथ जरूरतमंद लोगों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण प्रदान करें। बैंकर्स लोक कल्याणकारी योजनाओं के अंतर्गत आने वाले आवेदनों को सकारात्मकता के साथ स्वीकृति दें। बैंकर्स को यहां प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि लोगों को स्व-रोजगार स्थापना में मदद मिल सके। ऋण आवेदनों की समीक्षा करते हुए कहा कि सरकारी योजनाओं के तहत बैंकों को प्राथमिकता के आधार पर ऋण देना चाहिए। ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (पीएनबी-आरसेटी) की भी समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि अधिकाधिक युवाओं को स्व-रोजगार के लिए प्रशिक्षण प्रदान करें। इसके लिए जागरूकता कैंप भी लगाएं। इस दौरान आरबीआई चंडीगढ़ से एलडीओ मंजीत कुमार, एलडीएम मनोज सेठी, नाबार्ड के डीडीएम अजीत सिंह भी मौजूद रहे।
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