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Sonipat News: चाकू से हमला करने के आरोपी को मिली जमानत
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सोनीपत। गन्नौर थाना क्षेत्र में चाकू से हमला और चोरी के मामले में करीब दस माह से जेल में बंद अनुराग उर्फ आशु को सत्र न्यायालय ने जमानत दे दी।
जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगजीत सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 483 के तहत दायर उसकी दूसरी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए एक लाख रुपये के जमानती बांड और इतनी ही राशि के एक जमानतदार पर रिहाई के आदेश दिए।
अनुराग की पहली जमानत याचिका 14 मई को खारिज हुई थी। दूसरी याचिका पर बचाव पक्ष ने बताया कि वह 11 दिसंबर 2025 से हिरासत में है और सह-आरोपी अरुण उर्फ रमन को पहले ही जमानत मिल चुकी है। प्राथमिकी 8 दिसंबर 2025 को दर्ज हुई थी। अधिवक्ता ने दलील दी कि अनुराग के पास से कोई बरामदगी नहीं हुई। वारदात में इस्तेमाल कथित चाकू सह-आरोपी दीपक से बरामद किया गया था।
अभियोजन ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि अनुराग ने सह-आरोपी के साथ मिलकर घायल पर चाकू से हमला किया था। महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही अभी बाकी है और मामला छह अक्तूबर को साक्ष्य के लिए लगा है। अदालत ने कहा कि आरोपी को हमेशा हिरासत में नहीं रखा जा सकता।
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जिला एवं सत्र न्यायाधीश जगजीत सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 483 के तहत दायर उसकी दूसरी जमानत याचिका स्वीकार करते हुए एक लाख रुपये के जमानती बांड और इतनी ही राशि के एक जमानतदार पर रिहाई के आदेश दिए।
अनुराग की पहली जमानत याचिका 14 मई को खारिज हुई थी। दूसरी याचिका पर बचाव पक्ष ने बताया कि वह 11 दिसंबर 2025 से हिरासत में है और सह-आरोपी अरुण उर्फ रमन को पहले ही जमानत मिल चुकी है। प्राथमिकी 8 दिसंबर 2025 को दर्ज हुई थी। अधिवक्ता ने दलील दी कि अनुराग के पास से कोई बरामदगी नहीं हुई। वारदात में इस्तेमाल कथित चाकू सह-आरोपी दीपक से बरामद किया गया था।
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अभियोजन ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि अनुराग ने सह-आरोपी के साथ मिलकर घायल पर चाकू से हमला किया था। महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही अभी बाकी है और मामला छह अक्तूबर को साक्ष्य के लिए लगा है। अदालत ने कहा कि आरोपी को हमेशा हिरासत में नहीं रखा जा सकता।
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