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झारखंड में 13 साल से मुरथल के मशहूर परांठे बेच रहा था 25 हजार का इनामी लुटेरा, एसटीएफ ने दबोचा
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सोनीपत। एसटीएफ सोनीपत की टीम ने लूट के मामले में 17 साल से फरार चल रहे 25 हजार के इनामी बदमाश को झारखंड के जिला सरायकेला खरसावां के गांव चौलीबासा से गिरफ्तार किया है। आरोपी वर्ष 2004 में जेल से पैरोल मिलने के बाद से फरार चल रहा था। झारखंड में उसने वर्ष 2008 में हरियाणा-पंजाब के नाम से ढाबा खोला और मुरथल के मशहूर परांठे बेचने लगा। लुटेरे ने नाम बदलकर वहां पर शादी कर ली। उसके दो बच्चे हैं। लुटेरे को सोमवार को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा।
एसटीएफ प्रभारी सतीश देशवाल ने बताया कि 7 फरवरी 2000 को गन्नौर में हरियाणा एग्रो सर्विस सेंटर पेट्रोल पंप के मालिक रमेश बत्रा से पिस्तौल व चाकू के बल पर तीन बदमाशों ने लूटपाट की थी। उनके साथ मौजूद नौकर बलदेव को चाकू मारकर 62 हजार रुपये लूटे ले गए थे। रुपये लेकर दो लुटेरे विकास और सुरेंद्र भाग गए थे, जबकि चाकू मारने वाले चटिया औलिया गांव के धर्मेंद्र को लोगों ने मौके पर ही दबोच लिया था। न्यायालय ने वर्ष 2003 में उसे 20 साल की सजा सुनाई थी। वर्ष 2004 में पैरोल मिलने पर वह फरार हो गया। अदालत ने ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
झारखंड भाग राजेश नाम से बनवाया पहचान पत्र
एसटीएफ के अनुसार धर्मेंद्र ने झारखंड में जाकर अपना नाम बदलकर राजेश रख लिया। इस नाम की पहचान पत्र बनवाकर वह पहले ट्रक पर हेल्पर रहा। उसके बाद रांची के पास जिला सरायकेला खरसावां के गांव चौलीबासा में हाईवे पर हरियाणा-पंजाब नाम से ढाबा खोला। उसने मुरथल के ढाबों के नाम पर मशहूर परांठे बनाकर खिलाने शुरू कर दिए। वर्ष 2008 में सरायकेला खरसावां जिले की युवती से शादी कर ली थी, उसके दो बच्चे हैं। उसके ढाबे के परांठे आसपास के क्षेत्र में काफी प्रसिद्ध हो गए, जिसका पता लगने पर एसटीएफ ने अब उसे झारखंड से गिरफ्तार किया है।
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रोहतक से झारखंड के बीच ट्रक पर की हेल्परी
पुलिस जांच में सामने आया है कि वर्ष 2004 में फरारी के बाद धर्मेंद्र ने सबसे पहले ट्रक पर हेल्परी शुरू की। वह लंबे समय तक रोहतक से झारखड़ के बीच ट्रक पर हेल्परी करता रहा। इस दौरान उसकी जान पहचान चौलीबासा गांव के पास पेट्रोल पंप संचालक से हुई। उसने पेट्रोल पंप के पास तीन हजार रुपये महीना जमीन किराये पर लेकर ढाबा खोला था।
धर्मेंद्र ने अपना नाम बदलकर राजेश रख लिया था और हरियाणा-पंजाब के नाम से ढाबा चलाने लगा। वह सोनीपत से 1478 किमी दूर पहचान छिपाकर रहने लगा। उसे सोमवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड में उससे पता लगाया जाएगा कि फरारी के दौरान उसने कोई अपराध तो नहीं किया है।
- सतीश देशवाल, प्रभारी, एसटीएफ सोनीपत
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एसटीएफ प्रभारी सतीश देशवाल ने बताया कि 7 फरवरी 2000 को गन्नौर में हरियाणा एग्रो सर्विस सेंटर पेट्रोल पंप के मालिक रमेश बत्रा से पिस्तौल व चाकू के बल पर तीन बदमाशों ने लूटपाट की थी। उनके साथ मौजूद नौकर बलदेव को चाकू मारकर 62 हजार रुपये लूटे ले गए थे। रुपये लेकर दो लुटेरे विकास और सुरेंद्र भाग गए थे, जबकि चाकू मारने वाले चटिया औलिया गांव के धर्मेंद्र को लोगों ने मौके पर ही दबोच लिया था। न्यायालय ने वर्ष 2003 में उसे 20 साल की सजा सुनाई थी। वर्ष 2004 में पैरोल मिलने पर वह फरार हो गया। अदालत ने ने उसकी गिरफ्तारी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर रखा था।
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झारखंड भाग राजेश नाम से बनवाया पहचान पत्र
एसटीएफ के अनुसार धर्मेंद्र ने झारखंड में जाकर अपना नाम बदलकर राजेश रख लिया। इस नाम की पहचान पत्र बनवाकर वह पहले ट्रक पर हेल्पर रहा। उसके बाद रांची के पास जिला सरायकेला खरसावां के गांव चौलीबासा में हाईवे पर हरियाणा-पंजाब नाम से ढाबा खोला। उसने मुरथल के ढाबों के नाम पर मशहूर परांठे बनाकर खिलाने शुरू कर दिए। वर्ष 2008 में सरायकेला खरसावां जिले की युवती से शादी कर ली थी, उसके दो बच्चे हैं। उसके ढाबे के परांठे आसपास के क्षेत्र में काफी प्रसिद्ध हो गए, जिसका पता लगने पर एसटीएफ ने अब उसे झारखंड से गिरफ्तार किया है।
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रोहतक से झारखंड के बीच ट्रक पर की हेल्परी
पुलिस जांच में सामने आया है कि वर्ष 2004 में फरारी के बाद धर्मेंद्र ने सबसे पहले ट्रक पर हेल्परी शुरू की। वह लंबे समय तक रोहतक से झारखड़ के बीच ट्रक पर हेल्परी करता रहा। इस दौरान उसकी जान पहचान चौलीबासा गांव के पास पेट्रोल पंप संचालक से हुई। उसने पेट्रोल पंप के पास तीन हजार रुपये महीना जमीन किराये पर लेकर ढाबा खोला था।
धर्मेंद्र ने अपना नाम बदलकर राजेश रख लिया था और हरियाणा-पंजाब के नाम से ढाबा चलाने लगा। वह सोनीपत से 1478 किमी दूर पहचान छिपाकर रहने लगा। उसे सोमवार को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड में उससे पता लगाया जाएगा कि फरारी के दौरान उसने कोई अपराध तो नहीं किया है।
- सतीश देशवाल, प्रभारी, एसटीएफ सोनीपत