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Sonipat News: लोक कला उत्सव में आज से तीन दिन दिखेगी देश की संस्कृतियों की झलक
Mon, 16 Mar 2026 08:32 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 16 Mar 2026 08:32 PM IST
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खानपुर कलां विवि में लोक कला उत्सव की तैयारी करते कलाकार। स्रोत : प्रवक्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
गोहाना। भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां में 17 से 19 मार्च तक होने वाले तीन दिवसीय मेगा सांस्कृतिक कार्यक्रम लोक कला उत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम छात्र कल्याण अधिष्ठाता विभाग और धर्मपुत्र कला मंच, गोहाना के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
उत्सव में अलग-अलग राज्यों से लोक कलाकारों की टीमें भाग लेंगी। असम राज्य की सांस्कृतिक टीम विश्वविद्यालय पहुंच गई है। टीम के कलाकारों ने मंच पर प्रस्तुति देने के लिए अभ्यास भी शुरू कर दिया है। अभ्यास के दौरान छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. श्वेता सिंह ने कलाकारों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया।
उन्होंने कहा कि लोक कला उत्सव का उद्देश्य देश की अलग-अलग लोक संस्कृतियों को एक मंच पर लाना और छात्राओं को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराना है।
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उन्होंने बताया कि तीन दिन तक चलने वाले इस उत्सव में कई राज्यों की टीमें अपने पारंपरिक लोक नृत्य, लोक गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगी, जिससे दर्शकों को भारत की सांस्कृतिक विविधता की झलक देखने को मिलेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कार्यक्रम की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बाहर से आने वाले कलाकारों के स्वागत और ठहरने की विशेष व्यवस्था की गई है। इस उत्सव के माध्यम से छात्राओं को देश की विभिन्न लोक परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।
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गोहाना। भगत फूल सिंह महिला विश्वविद्यालय, खानपुर कलां में 17 से 19 मार्च तक होने वाले तीन दिवसीय मेगा सांस्कृतिक कार्यक्रम लोक कला उत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कार्यक्रम छात्र कल्याण अधिष्ठाता विभाग और धर्मपुत्र कला मंच, गोहाना के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है।
उत्सव में अलग-अलग राज्यों से लोक कलाकारों की टीमें भाग लेंगी। असम राज्य की सांस्कृतिक टीम विश्वविद्यालय पहुंच गई है। टीम के कलाकारों ने मंच पर प्रस्तुति देने के लिए अभ्यास भी शुरू कर दिया है। अभ्यास के दौरान छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. श्वेता सिंह ने कलाकारों से मुलाकात कर उनका हौसला बढ़ाया।
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उन्होंने कहा कि लोक कला उत्सव का उद्देश्य देश की अलग-अलग लोक संस्कृतियों को एक मंच पर लाना और छात्राओं को भारत की समृद्ध सांस्कृतिक परंपराओं से परिचित कराना है।
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उन्होंने बताया कि तीन दिन तक चलने वाले इस उत्सव में कई राज्यों की टीमें अपने पारंपरिक लोक नृत्य, लोक गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगी, जिससे दर्शकों को भारत की सांस्कृतिक विविधता की झलक देखने को मिलेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से कार्यक्रम की सभी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। बाहर से आने वाले कलाकारों के स्वागत और ठहरने की विशेष व्यवस्था की गई है। इस उत्सव के माध्यम से छात्राओं को देश की विभिन्न लोक परंपराओं को करीब से जानने का अवसर मिलेगा।