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Sirsa News: महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर किया शहर का भ्रमण

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 06 Sep 2025 11:34 PM IST
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Women visited the city with urns on their heads
सिरसा। ​कलश  यात्रा के दोरान रथ यात्रा पर सवार कान्हा बने नन्हें बच्चे। संस्था
सिरसा। दिव्य ज्योति जागृति संस्थान की ओर से शनिवार को कलश यात्रा निकाली गई। इस दौरान 501 महिलाओं ने सिर पर कलश रखकर शहर का भ्रमण किया। इस दौरान युवतियों ने हाथ में संदेश पटिकाएं लेकर विभिन्न सामाजिक संदेश दिए। शहर में सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के उपलक्ष्य में कलश यात्रा का आयोजन किया गया।
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कलश यात्रा अनाज मंडी से आरंभ हुई। इसके बाद जनता भवन रोड सिरसा क्लब पहुंची। यहां से जगदेव चौक, शिव चौक, सांगवान चौक, लाल बत्ती चौक से होते मुख्य बाजारों में पहुंची। यहां से चलकर कलश यात्रा कथा स्थल पर पहुंची। कथा स्थल पर पहुंचकर विधिवत पूजन के साथ संपन्न की गई।
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मुख्य यजमान परिवार सुनील बंसल, संजीव बंसल, अनिल बंसल ने हरी झंडी देकर कलश यात्रा का शुभांरभ किया। कलश यात्रा का स्वागत ललित मोहन जैन, प्रकाश, मुनीश कुमार, सुखपाल कुमार, सीता राम, मनोहर लाल ने किया। जबकि लक्की कटारिया, लायंस क्लब सिरसा सिटी से राजेश गनेरीवाला व उनके साथियों ने मिलकर भोजन प्रसाद का भंडारा किया। इस मौके पर अनाज मंडी प्रधान प्रेम बजाज, उप प्रधान राजू सुधा, महासचिव राजेंद्र नढा, कोषाध्यक्ष कृष्ण गोयल भी उपस्थित रहे।
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501 महिलाओं ने उठाया कलश

दिव्य ज्योति जागृति संस्थान से स्वामी प्रेम प्रकाशानंद ने बताया कि इस यात्रा में 501 सौभाग्यवती महिलाओं ने कलश उठाया। महिलाएं शहर के मुख्य बाजारों से होते हुए कथा स्थल तक पहुंची। स्वामी ने कहा कि हमारे शास्त्रों में लिखित है कि कलश के अग्रभाग में देवताओं का निवास होता है एवं यह कलश हमारे मस्तिष्क में स्थित अमृत का प्रतीक है और यह यात्रा हमें संकेत करती है। उस दिव्य अमृत को प्राप्त करने की। कलश में आम के पेड़ के पत्तों को रखा जाता है। आम का वृक्ष सदाबहार होने के साथ फल प्रदान करने वाला भी है। ठीक इसी प्रकार प्रभु की कथा सदाबहार है भाव युगों-युगों से चली आ रही है।


कलश यात्रा में युवतियों ने दिए सामाजिक संदेश

कलश यात्रा धार्मिक आस्था और सामाजिक जागरूकता का संगम बनी। यात्रा के दौरान युवतियां हाथों में संदेश पटिकाएं लेकर शामिल हुईं। इन पटिकाओं पर भ्रूण हत्या रोकने, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, पर्यावरण संरक्षण सहित कई सामाजिक मुद्दों से जुड़े नारे लिखे गए थे। कलश यात्रा में जब युवतियां कतारबद्ध होकर सामाजिक संदेश लेकर आगे बढ़ीं तो लोगों का ध्यान आकर्षित हुआ। बेटी है तो कल है, पेड़ लगाओ-जीवन बचाओ, भ्रूण हत्या बंद करो जैसे संदेशों ने श्रद्धालुओं को सोचने पर मजबूर कर दिया।
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