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Sirsa News: मांगें न माने जाने पर आंदोलन की चेतावनी
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मागों को लेकर प्रदर्शन करते हुए कर्मचारी
रानियां। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर रानियां नगर पालिका के कर्मचारियों ने सोमवार को सरकार के खिलाफ काले बिल्ले लगाकर गेट मीटिंग व विरोध प्रदर्शन किया। इस मौके पर इकाई प्रधान सोमपाल पुहाल ने म्यूनिसिपल इंजीनियर सुमित चोपड़ा के माध्यम से शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, प्रधान सचिव और महानिदेशक को आंदोलन का नोटिस सौंपा।
संघ ने सरकार पर आरोप लगाया कि 29 जून 2025 को दिए गए 18 सूत्रीय मांग पत्र पर मंत्री द्वारा बातचीत का आश्वासन देने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसमें अस्थायी सफाई कर्मचारियों को नियमित करने, अनुबंध कर्मियों को वर्दी भत्ता देने, फायर विभाग के कर्मचारियों को आश्वासन अनुसार लाभ देने, एप आधारित हाजिरी व ऑनलाइन ट्रांसफर नीति को रद्द करने, मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 27000 हजार वेतन को लागू करने सहित अनेक लंबित मांगें शामिल हैं।
संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मांगें पूरी नहीं की गईं तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। 20-21 अगस्त को भूख हड़ताल, 10-11 सितंबर को विधायकों को ज्ञापन, 26 सितंबर को जिला उपायुक्त कार्यालयों पर प्रदर्शन और 18 अक्टूबर को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय कुरुक्षेत्र में प्रदर्शन किया जाएगा। यदि इसके बाद भी समाधान नहीं हुआ, तो बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ा जाएगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। संघ का कहना है कि सरकार का रवैया कर्मचारी विरोधी है और यदि यही हाल रहा तो प्रदेश भर में कामकाज ठप हो सकता है।
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संघ ने सरकार पर आरोप लगाया कि 29 जून 2025 को दिए गए 18 सूत्रीय मांग पत्र पर मंत्री द्वारा बातचीत का आश्वासन देने के बावजूद अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसमें अस्थायी सफाई कर्मचारियों को नियमित करने, अनुबंध कर्मियों को वर्दी भत्ता देने, फायर विभाग के कर्मचारियों को आश्वासन अनुसार लाभ देने, एप आधारित हाजिरी व ऑनलाइन ट्रांसफर नीति को रद्द करने, मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 27000 हजार वेतन को लागू करने सहित अनेक लंबित मांगें शामिल हैं।
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संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही मांगें पूरी नहीं की गईं तो चरणबद्ध आंदोलन किया जाएगा। 20-21 अगस्त को भूख हड़ताल, 10-11 सितंबर को विधायकों को ज्ञापन, 26 सितंबर को जिला उपायुक्त कार्यालयों पर प्रदर्शन और 18 अक्टूबर को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय कुरुक्षेत्र में प्रदर्शन किया जाएगा। यदि इसके बाद भी समाधान नहीं हुआ, तो बड़े स्तर पर आंदोलन छेड़ा जाएगा जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी। संघ का कहना है कि सरकार का रवैया कर्मचारी विरोधी है और यदि यही हाल रहा तो प्रदेश भर में कामकाज ठप हो सकता है।
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