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कोर्बेवैक्स की एक बोतल में 20 डोज से बढ़ी विभाग की परेशानी, नहीं पहुंच रहे एक साथ लाभार्थी
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सिरसा। कोरोना वैक्सीन लगवाने में अब कम लाभार्थी ही रुचि दिखाते हुए नजर आ रहे हैं। 12 से 14 वर्ष के लाभार्थियों को विभाग की ओर से वैक्सीन लगाने का अभियान शुरू किया गया है। लेकिन सरकारी और निजी स्कूल संचालक बच्चों को वैक्सीन लगवाने में रुचि दिखाते हुए नजर नहीं आ रहे। जबकि एक ही कोर्बेवैक्स की बोतल में 20 डोज होने के कारण पहुंचने वाले लाभार्थियों को भी वापस भेजा जा रहा है। वहीं पहली डोज लगवा चुके दो लाख 90 हजार लाभार्थियों की डेट ड्यू हो चुकी है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर रोज अलग-अलग स्थानों वैक्सीनेशन सेंटर लगाए जा रहे है। 12 से 14 वर्ष के कम लाभार्थी ही सेंटर में पहुंचते हुए दिखाई देते है। कोर्बेवैक्स की एक बोतल में 20 डोज होने के कारण स्वास्थ्य विभाग की परेशानी भी पहले से बढ़ी है। तीन से चार लाभार्थी केंद्रों पर वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंचते है लेकिन विभाग की ओर से उनकी एंट्री कर उन्हें वापस भेज दिया जाता है और जब तक 20 लाभार्थी नहीं पहुंचते तो बोतल को नहीं खोला जाता। हालांकि अब निजी स्कूलों में कक्षाएं भी लगनी शुरू हो चुकी है। लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी बच्चों को वैक्सीनेशन लगवाने को लेकर कोई खास रुचि दिखाते हुए नजर नहीं आ रहे।
दो लाख 90 हजार लाभार्थियों की हो चुकी है डेट ड्यू
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 18 लाख 97 हजार वैक्सीनेशन की डोज लाभार्थियों को लगाई जा चुकी है। ऐसे में दूसरी डोज लगवा चुके लाभार्थियों में से दो लाख 90 हजार लाभार्थी दूसरी डोज लगवाने के लिए केंद्रों पर नहीं पहुंचे है। जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग तय लक्ष्य से पिछड़ता हुआ नजर आ रहा है। विभाग अलग-अलग स्थानेें पर कैंप लगाकर लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए प्रेरित कर रहा है। लेकिन अब लोग केंद्रों पर वैक्सीन लेने के लिए नहीं पहुंच रहे।
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वैक्सीनेशन को लेकर शिक्षा विभाग का लिखा पत्र
12 से 14 वर्ष के लाभार्थियों को कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिक्षा विभाग अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। लेकिन अभी तक विभाग बच्चों को वैक्सीन लगवाने के प्रति रुचि दिखाता हुआ नजर नहीं आ रहा। वहीं स्कूलों में अब कक्षाएं भी शुरू हो चुकी है। लेकिन स्कूल संचालक बच्चों को वैक्सीन लगवाने से कतराते हुए नजर आ रहे हैं।
वर्जन
12 से 14 वर्ष के लाभार्थियों को कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। शिक्षा विभाग अधिकारियों को भी इस संबंध में पत्र लिखा गया है। लेकिन स्कूलों में परीक्षाओं के चलते संचालक अभी वैक्सीन लगाने में रुचि लेते हुए दिखाई नहीं दे रहे। एक ही बोतल में 20 डोज होने के कारण परेशानी भी आ रही है।
-नीतिन सोमानी, नोडल अधिकारी, टीकाकरण अभियान।
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स्वास्थ्य विभाग की ओर से हर रोज अलग-अलग स्थानों वैक्सीनेशन सेंटर लगाए जा रहे है। 12 से 14 वर्ष के कम लाभार्थी ही सेंटर में पहुंचते हुए दिखाई देते है। कोर्बेवैक्स की एक बोतल में 20 डोज होने के कारण स्वास्थ्य विभाग की परेशानी भी पहले से बढ़ी है। तीन से चार लाभार्थी केंद्रों पर वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंचते है लेकिन विभाग की ओर से उनकी एंट्री कर उन्हें वापस भेज दिया जाता है और जब तक 20 लाभार्थी नहीं पहुंचते तो बोतल को नहीं खोला जाता। हालांकि अब निजी स्कूलों में कक्षाएं भी लगनी शुरू हो चुकी है। लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारी बच्चों को वैक्सीनेशन लगवाने को लेकर कोई खास रुचि दिखाते हुए नजर नहीं आ रहे।
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दो लाख 90 हजार लाभार्थियों की हो चुकी है डेट ड्यू
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 18 लाख 97 हजार वैक्सीनेशन की डोज लाभार्थियों को लगाई जा चुकी है। ऐसे में दूसरी डोज लगवा चुके लाभार्थियों में से दो लाख 90 हजार लाभार्थी दूसरी डोज लगवाने के लिए केंद्रों पर नहीं पहुंचे है। जिसके कारण स्वास्थ्य विभाग तय लक्ष्य से पिछड़ता हुआ नजर आ रहा है। विभाग अलग-अलग स्थानेें पर कैंप लगाकर लोगों को वैक्सीन लगाने के लिए प्रेरित कर रहा है। लेकिन अब लोग केंद्रों पर वैक्सीन लेने के लिए नहीं पहुंच रहे।
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वैक्सीनेशन को लेकर शिक्षा विभाग का लिखा पत्र
12 से 14 वर्ष के लाभार्थियों को कोरोना वैक्सीन लगवाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिक्षा विभाग अधिकारियों को पत्र लिखा गया है। लेकिन अभी तक विभाग बच्चों को वैक्सीन लगवाने के प्रति रुचि दिखाता हुआ नजर नहीं आ रहा। वहीं स्कूलों में अब कक्षाएं भी शुरू हो चुकी है। लेकिन स्कूल संचालक बच्चों को वैक्सीन लगवाने से कतराते हुए नजर आ रहे हैं।
वर्जन
12 से 14 वर्ष के लाभार्थियों को कोरोना वैक्सीन लगाने के लिए जागरूक किया जा रहा है। शिक्षा विभाग अधिकारियों को भी इस संबंध में पत्र लिखा गया है। लेकिन स्कूलों में परीक्षाओं के चलते संचालक अभी वैक्सीन लगाने में रुचि लेते हुए दिखाई नहीं दे रहे। एक ही बोतल में 20 डोज होने के कारण परेशानी भी आ रही है।
-नीतिन सोमानी, नोडल अधिकारी, टीकाकरण अभियान।