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Sirsa News: प्रवासी विद्यार्थियों के लिए विशेष योजना बना रहा विभाग, मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा
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सिरसा। जिले में प्रवासी (माइग्रेटिंग) विद्यार्थियों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने के लिए शिक्षा विभाग ने नई पहल शुरू की है। विभाग अब खंड स्तर पर प्रवासी विद्यार्थियों की पहचान करवाएगा, ताकि ऐसे बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ा जा सके और उनकी पढ़ाई में आई कमी को पूरा किया जा सके।
शिक्षा विभाग की ओर से प्रभावित विद्यालयों की अलग से सूची तैयार की जाएगी। इस सूची में उन स्कूलों को शामिल किया जाएगा, जहां प्रवासी बच्चों की संख्या अधिक है और उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसमें उन विद्यार्थियों को रखा जाएगा, जिनके अभिभावक काम के लिए दूसरे प्रदेशों में चले जाते हैं और विद्यार्थी लंबे समय से स्कूल में नहीं आते, गैर हाजिर रहते हैं।
विभाग का कहना है कि प्रवासी विद्यार्थियों पर काम उनकी दक्षताओं के आधार पर किया जाएगा। पहले उनकी शैक्षणिक क्षमता का आकलन किया जाएगा और उसके बाद उनकी जरूरत के अनुसार पढ़ाई की योजना बनाई जाएगी। इस तरह बच्चों को कक्षा स्तर के अनुरूप तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।
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मजदूरों के बच्चों पर फोकस
अधिकतर प्रवासी विद्यार्थी ईंट-भट्ठों, निर्माण कार्यों या मौसमी रोजगार के चलते अपने परिवार के साथ जगह-जगह घूमते रहते हैं। ऐसे में उनकी पढ़ाई अधूरी रह जाती है और वे कक्षा स्तर के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाते। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे बच्चों को विशेष ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त क्लास, विशेष मॉड्यूल और शिक्षण सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। गौरतलब है कि इसमें ड्रॉप आउट के बच्चे शामिल नहीं होंगे।
स्वयं उपायुक्त करेंगे समीक्षा
इस पूरी योजना की प्रगति पर जिला उपायुक्त शांतनु शर्मा स्वयं नजर रखेंगे। वे समय-समय पर समीक्षा बैठक लेकर स्कूलों और विभागीय अधिकारियों से रिपोर्ट लेंगे, ताकि योजना का सही ढंग से क्रियान्वयन हो सके।
इन बिंदुओं पर होगा काम
- खंड स्तर पर प्रवासी बच्चों की पहचान कर उनकी सूची बनाई जाएगी।
- प्रभावित विद्यालयों में विशेष अधिगम कार्य योजना बनाई जाए, जिसमें पलायन से पहले और बाद में शिक्षण अंतराल को पाटने की रणनीतियां शामिल हों।
- एलएलएफ के सहयोग से विद्यालय स्तर पर अतिरिक्त शिक्षण गतिविधियां।
- दक्षताओं के आधार पर बच्चों के साथ कार्य।
- विद्यालय मुखिया प्रवासी बच्चों की समीक्षा करेंगे।
- प्रगति संबंधी विवरण खंड शिक्षा अधिकारी को मासिक रिपोर्ट के रूप में भेजी जाएगी।
- खंड स्तर पर समय-समय पर विद्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा।
- निपुण न होने पर बच्चों की सूची खंड स्तर पर तैयार होगी।
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प्रवासी विद्यार्थियों की अब खंड स्तर पर सूची बनाई जाएगी। ये वो बच्चे हैं जिनके माता - पिता काम के लिए कुछ महीनों के लिए बाहर चले जाते हैं। इसके कारण इन विद्यार्थियों की पढ़ाई अधर में लटक जाती है। इन विद्यार्थियों को निपुण बनाने के लिए काम किया जाएगा।-- - डॉ. कपिल देव, जिला कोऑर्डिनेटर, एफएलएन सिरसा।
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सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। स्वयं उपायुक्त इसकी निगरानी कर रहे हैं। कोई भी अधिकारी, शिक्षक व कर्मचारी इसके लिए कोताही न बरतें ।-- - बूटाराम, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, सिरसा।
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शिक्षा विभाग की ओर से प्रभावित विद्यालयों की अलग से सूची तैयार की जाएगी। इस सूची में उन स्कूलों को शामिल किया जाएगा, जहां प्रवासी बच्चों की संख्या अधिक है और उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है। इसमें उन विद्यार्थियों को रखा जाएगा, जिनके अभिभावक काम के लिए दूसरे प्रदेशों में चले जाते हैं और विद्यार्थी लंबे समय से स्कूल में नहीं आते, गैर हाजिर रहते हैं।
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विभाग का कहना है कि प्रवासी विद्यार्थियों पर काम उनकी दक्षताओं के आधार पर किया जाएगा। पहले उनकी शैक्षणिक क्षमता का आकलन किया जाएगा और उसके बाद उनकी जरूरत के अनुसार पढ़ाई की योजना बनाई जाएगी। इस तरह बच्चों को कक्षा स्तर के अनुरूप तैयार करने का प्रयास किया जाएगा।
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मजदूरों के बच्चों पर फोकस
अधिकतर प्रवासी विद्यार्थी ईंट-भट्ठों, निर्माण कार्यों या मौसमी रोजगार के चलते अपने परिवार के साथ जगह-जगह घूमते रहते हैं। ऐसे में उनकी पढ़ाई अधूरी रह जाती है और वे कक्षा स्तर के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाते। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे बच्चों को विशेष ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त क्लास, विशेष मॉड्यूल और शिक्षण सामग्री उपलब्ध करवाई जाएगी। गौरतलब है कि इसमें ड्रॉप आउट के बच्चे शामिल नहीं होंगे।
स्वयं उपायुक्त करेंगे समीक्षा
इस पूरी योजना की प्रगति पर जिला उपायुक्त शांतनु शर्मा स्वयं नजर रखेंगे। वे समय-समय पर समीक्षा बैठक लेकर स्कूलों और विभागीय अधिकारियों से रिपोर्ट लेंगे, ताकि योजना का सही ढंग से क्रियान्वयन हो सके।
इन बिंदुओं पर होगा काम
- खंड स्तर पर प्रवासी बच्चों की पहचान कर उनकी सूची बनाई जाएगी।
- प्रभावित विद्यालयों में विशेष अधिगम कार्य योजना बनाई जाए, जिसमें पलायन से पहले और बाद में शिक्षण अंतराल को पाटने की रणनीतियां शामिल हों।
- एलएलएफ के सहयोग से विद्यालय स्तर पर अतिरिक्त शिक्षण गतिविधियां।
- दक्षताओं के आधार पर बच्चों के साथ कार्य।
- विद्यालय मुखिया प्रवासी बच्चों की समीक्षा करेंगे।
- प्रगति संबंधी विवरण खंड शिक्षा अधिकारी को मासिक रिपोर्ट के रूप में भेजी जाएगी।
- खंड स्तर पर समय-समय पर विद्यालयों का निरीक्षण किया जाएगा।
- निपुण न होने पर बच्चों की सूची खंड स्तर पर तैयार होगी।
प्रवासी विद्यार्थियों की अब खंड स्तर पर सूची बनाई जाएगी। ये वो बच्चे हैं जिनके माता - पिता काम के लिए कुछ महीनों के लिए बाहर चले जाते हैं। इसके कारण इन विद्यार्थियों की पढ़ाई अधर में लटक जाती है। इन विद्यार्थियों को निपुण बनाने के लिए काम किया जाएगा।
सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। स्वयं उपायुक्त इसकी निगरानी कर रहे हैं। कोई भी अधिकारी, शिक्षक व कर्मचारी इसके लिए कोताही न बरतें ।