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Sirsa News: मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए सतर्कता बरत रहा विभाग
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सिरसा। शहर में खाद्य पदार्थों के सैंपल लेते हुए डॉ. गौरव छाबड़ा अपनी टीम के साथ। संवाद
- फोटो : संवाद
सिरसा। जिले में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए खाद्य एवं औषधि नियंत्रण विभाग पूरी सतर्कता बरत रहा है। विभाग की ओर से जनवरी माह से लेकर अब तक जिलेभर से खाद्य पदार्थों के 113 सैंपल जांच के लिए भेजे गए। इनमें डेयरी उत्पाद, नमकीन, मिठाइयां और सरसों का तेल प्रमुख रूप से शामिल रहे।
इन सैंपलों की जांच रिपोर्ट आने के बाद 20 सैंपल फेल पाए गए थे। इस पर विभाग की ओर से फेल पाए गए सैंपलों को लेकर व्यापारियों पर जुर्माना लगाया जा चुका है। 15 और सैंपल ऐसे हैं जिनकी रिपोर्ट हाल ही में आई है और ये भी मानकों पर खरे नहीं उतरे। इन पर भी जल्द जुर्माना किया जाएगा। फेल पाए जाने वाले सैंपलों में मिलावट खोरी, सही मानकों का न होना, प्रॉपर ब्रांडिंग न होना पाया गया है।
कई व्यापारी ऐसे भी थे जिनके पास विभागीय लाइसेंस तक नहीं पाया गया है। जिस पर विभाग ने सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई की है। जिला खाद्य अधिकारी डाॅ. गौरव छाबड़ा का कहना है कि मिलावटखोरी से सीधे तौर पर आमजन की सेहत पर असर पड़ता है। खासकर त्योहारों और गर्मी के मौसम में नकली मिठाई, दूध से बने उत्पाद और नमकीन लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस कारण विभाग नियमित रूप से दुकानों और फैक्ट्रियों से सैंपल एकत्रित करता है।
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डेयरी और मिठाइयों में सबसे ज्यादा गड़बड़ी
डाॅ. गौरव छाबड़ा ने बताया कि अब तक लिए गए 113 सैंपलों में सबसे ज्यादा फेल सैंपल डेयरी उत्पाद और मिठाइयों के रहे। इनमें से कई नमूनों में मिलावट और मानकों से कम गुणवत्ता पाई गई। वहीं, सरसों के तेल सहित अन्य खाद्य पदार्थों के भी कुछ सैंपल जांच में फेल पाए गए हैं।
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मिलावटखोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि फेल सैंपलों के आधार पर जुर्माना लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। दोषी पाए जाने वाले कारोबारियों पर न केवल जुर्माना लगाया जा रहा है बल्कि बार-बार गलती दोहराने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। विभाग का स्पष्ट संदेश है कि उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
यहां करें शिकायत
सिरसा खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से FSOSIRSA@ GMAIL.COM ई-मेल आईडी भी जारी की गई है। इसमें शिकायतकर्ता सीधे शिकायत खाद्य अधिकारी को कर सकता है। खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी ने बताया कि अब तक इस मेल आईडी पर दो लोगों की शिकायतें प्राप्त हुई है, जिस पर बिना किसी देरी के कार्रवाई की जाएगी।
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नियमित निरीक्षण और छापे डाले जा रहे
खाद्य विभाग की टीम समय-समय पर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में छापे डालती है। दूध, मिठाई, नमकीन और अन्य खाद्य पदार्थों की क्वालिटी जांचने के लिए सैंपल उठाए जाते हैं। त्योहारों के समय विभाग की गतिविधियां और तेज हो जाती हैं क्योंकि इस दौरान मिलावटी उत्पादों की बिक्री का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।
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इन सैंपलों की जांच रिपोर्ट आने के बाद 20 सैंपल फेल पाए गए थे। इस पर विभाग की ओर से फेल पाए गए सैंपलों को लेकर व्यापारियों पर जुर्माना लगाया जा चुका है। 15 और सैंपल ऐसे हैं जिनकी रिपोर्ट हाल ही में आई है और ये भी मानकों पर खरे नहीं उतरे। इन पर भी जल्द जुर्माना किया जाएगा। फेल पाए जाने वाले सैंपलों में मिलावट खोरी, सही मानकों का न होना, प्रॉपर ब्रांडिंग न होना पाया गया है।
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कई व्यापारी ऐसे भी थे जिनके पास विभागीय लाइसेंस तक नहीं पाया गया है। जिस पर विभाग ने सख्ती दिखाते हुए कार्रवाई की है। जिला खाद्य अधिकारी डाॅ. गौरव छाबड़ा का कहना है कि मिलावटखोरी से सीधे तौर पर आमजन की सेहत पर असर पड़ता है। खासकर त्योहारों और गर्मी के मौसम में नकली मिठाई, दूध से बने उत्पाद और नमकीन लोगों के स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इस कारण विभाग नियमित रूप से दुकानों और फैक्ट्रियों से सैंपल एकत्रित करता है।
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डेयरी और मिठाइयों में सबसे ज्यादा गड़बड़ी
डाॅ. गौरव छाबड़ा ने बताया कि अब तक लिए गए 113 सैंपलों में सबसे ज्यादा फेल सैंपल डेयरी उत्पाद और मिठाइयों के रहे। इनमें से कई नमूनों में मिलावट और मानकों से कम गुणवत्ता पाई गई। वहीं, सरसों के तेल सहित अन्य खाद्य पदार्थों के भी कुछ सैंपल जांच में फेल पाए गए हैं।
मिलावटखोरी करने वालों पर सख्त कार्रवाई
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि फेल सैंपलों के आधार पर जुर्माना लगाने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। दोषी पाए जाने वाले कारोबारियों पर न केवल जुर्माना लगाया जा रहा है बल्कि बार-बार गलती दोहराने पर कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। विभाग का स्पष्ट संदेश है कि उपभोक्ताओं की सेहत से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
यहां करें शिकायत
सिरसा खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से FSOSIRSA
नियमित निरीक्षण और छापे डाले जा रहे
खाद्य विभाग की टीम समय-समय पर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में छापे डालती है। दूध, मिठाई, नमकीन और अन्य खाद्य पदार्थों की क्वालिटी जांचने के लिए सैंपल उठाए जाते हैं। त्योहारों के समय विभाग की गतिविधियां और तेज हो जाती हैं क्योंकि इस दौरान मिलावटी उत्पादों की बिक्री का खतरा सबसे ज्यादा रहता है।