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Sirsa News: स्वयंसेवक संघ ने पारंपरिक शस्त्रों का किया पूजन
Sat, 24 Oct 2026 12:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 24 Oct 2026 12:22 AM IST
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ऐलनाबाद । राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 101वें स्थापना दिवस पर पथ संचलन करते हुए नगरवासी । संस्था।
संवाद न्यूज एजेंसी
ऐलनाबाद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शुक्रवार को ऐलनाबाद में अपना 101वां स्थापना दिवस मनाया। यह कार्यक्रम स्वामी विवेकानंद भवन के प्रांगण में आयोजित किया गया। इस अवसर पर पारंपरिक शस्त्र पूजन हुआ और सैकड़ों स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर संघ चालक सुशील सरावगी ने की। विभाग मुख्य मार्ग प्रमुख एडवोकेट भारत शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। भारत शर्मा ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि संघ अब केवल भारत ही नहीं बल्कि समूचे विश्व के केंद्र में है।
उन्होंने बताया कि दुनिया की नजर संघ के दृष्टिकोण पर रहती है। संघ किसी भी समस्या के तात्कालिक समाधान के बजाय उसके समूल समाधान पर योजना बनाता है।
संघ का वैश्विक दृष्टिकोण : भारत शर्मा ने कहा कि संघ की यात्रा 101वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। स्वयंसेवकों को अधिक मनोयोग, समर्पण और शक्ति के साथ समाज में कार्य करना चाहिए। उन्होंने फ्रांस की घटना से सीख लेते हुए युवा पीढ़ी को परिवार, संस्कृति और राष्ट्र से जोड़ने पर जोर दिया। भारत शर्मा ने संपूर्ण हिंदू समाज से सामाजिक समरसता के साथ संगठित होने का आह्वान किया। इसका उद्देश्य भारत राष्ट्र को शक्तिशाली बनाना और उसे परम वैभव तक पहुंचाना है।
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ऐलनाबाद। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने शुक्रवार को ऐलनाबाद में अपना 101वां स्थापना दिवस मनाया। यह कार्यक्रम स्वामी विवेकानंद भवन के प्रांगण में आयोजित किया गया। इस अवसर पर पारंपरिक शस्त्र पूजन हुआ और सैकड़ों स्वयंसेवकों ने पूर्ण गणवेश में भाग लिया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता नगर संघ चालक सुशील सरावगी ने की। विभाग मुख्य मार्ग प्रमुख एडवोकेट भारत शर्मा मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। भारत शर्मा ने स्वयंसेवकों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि संघ अब केवल भारत ही नहीं बल्कि समूचे विश्व के केंद्र में है।
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उन्होंने बताया कि दुनिया की नजर संघ के दृष्टिकोण पर रहती है। संघ किसी भी समस्या के तात्कालिक समाधान के बजाय उसके समूल समाधान पर योजना बनाता है।
संघ का वैश्विक दृष्टिकोण : भारत शर्मा ने कहा कि संघ की यात्रा 101वें वर्ष में प्रवेश कर चुकी है। स्वयंसेवकों को अधिक मनोयोग, समर्पण और शक्ति के साथ समाज में कार्य करना चाहिए। उन्होंने फ्रांस की घटना से सीख लेते हुए युवा पीढ़ी को परिवार, संस्कृति और राष्ट्र से जोड़ने पर जोर दिया। भारत शर्मा ने संपूर्ण हिंदू समाज से सामाजिक समरसता के साथ संगठित होने का आह्वान किया। इसका उद्देश्य भारत राष्ट्र को शक्तिशाली बनाना और उसे परम वैभव तक पहुंचाना है।
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