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14 वर्षीय संगीत के हुनका शिक्षा विभाग ने पहचाना, अब सारेगामापा में भेजने की तैयारी
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सिरसा। कहते है जब टैलेंट और मेहनत हो तो सफलता को आपके पास आने से कोई नहीं रोक सकता। ऐसा ही कालांवाली में रहने वाले संगीत के साथ हुआ। एक शिक्षक की ओर से उसे गाए गाने का स्टेटस लगाने के बाद शिक्षा विभाग ने उसके हुनर को पहचाना। विभाग संगीत को सारेगामापा शो या फिर दूरदर्शन में भेजने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए वीरवार को उसके गाने को रिकॉर्डिंग स्टूडियो में रिकॉर्ड करवाया जाएगा। गाने को रिकॉर्ड करवाने के लिए आउट ऑफ स्कूल की कंस्टेंट राजवंत कौर विशेष तौर पर चंडीगढ़ से आएंगी।
14 वर्षीय संगीत अपने माता-पिता के साथ सुरमा बेचने का काम करता है। आठ बहन-भाइयों में संगीत सबसे बड़ा है। संगीत को गाने का बहुत शौक है। अकसर वह गली मोहल्ले में गाता रहता है। कुछ माह पूर्व कालांवाली में एजुकेशन वालंटियर अनमोल रानी की ओर से समग्र शिक्षा के तहत आउट ऑफ कार्यक्रम चलाया गया था। इस दौरान वालंटियर ने जंगीर सिंह कॉलोनी में सर्वे कर बच्चों का दाखिला स्कूल में करवाया। स्कूल में सांस्कृतिक गतिविधियां के दौरान संगीत ने गाना गाकर सुनाया। इसका एजुकेशन वालंटियर अनमोल रानी ने गाना रिकॉर्ड कर अपने सोशल मीडिया ग्रुप में डाल और स्टेटस लगा लिया। इसके बाद अधिकारियों समेत एचएसएसपीपी, चंडीगढ़ ने संगीत के गाने का काफी सराहा। इस बाद संगीत को विभाग ने अप्रैल में चंडीगढ़ के रेडियो स्टेशन पर भी गाने का मौका दिया गया। अब एचएसएसपीपी (हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद) द्वारा बच्चे की डॉक्यूमेंटरी भी बनाई जा रही है।
विभाग निशुल्क करवा रहा प्रशिक्षण
संगीत छठी कक्षा का विद्यार्थी है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत उसको गायिकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें विद्यार्थी को पर्सनल संगीत मास्टर दिया गया है। जो बच्चेे को प्रतिदिन संगीत की रिहर्सल करवा रहा है। उसकी आवाज पहले से ही बहुत अच्छी है, लेकिन टेेक्नीकिल ज्ञान बच्चों को अब दिया जा रहा है।
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दूरदर्शन चैनल में पड़दादा गाते थे क्लासिकल गीत
संगीत के पिता मनप्रीत नाथ का कहना है कि उनके दादा दूरदर्शन में क्लासिकल गीत गाया करते थे। इसके बाद उसने भी गाना सीखा, लेकिन घर चलाने के लिए कभी गाने के बारे में नहीं सोचा। उसके बेटे संगीत को बचपन से ही गाने का शौक है। वह उससे ही गाने के बारे में थोड़ा थोड़ा कुछ पूछ लिया करता था ।
वर्जन
संगीत में बच्चे गायिका का हुनर है। इसे समग्र शिक्षा विभाग पहचान दिलाने के लिए काम कर रहा है। हमारी कोशिश है कि बच्चे को सा रे गा मा पा या फिर दूरदर्शन में भेजा जाए, ताकि उसको एक अच्छा प्लेटफॉर्म मिल सके। वीरवार को बच्चे के गाने की रिकॉर्डिंग करवाई जाएगी। - गोपाल कृष्ण शुक्ला, समग्र शिक्षा अभियान, सिरसा।
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14 वर्षीय संगीत अपने माता-पिता के साथ सुरमा बेचने का काम करता है। आठ बहन-भाइयों में संगीत सबसे बड़ा है। संगीत को गाने का बहुत शौक है। अकसर वह गली मोहल्ले में गाता रहता है। कुछ माह पूर्व कालांवाली में एजुकेशन वालंटियर अनमोल रानी की ओर से समग्र शिक्षा के तहत आउट ऑफ कार्यक्रम चलाया गया था। इस दौरान वालंटियर ने जंगीर सिंह कॉलोनी में सर्वे कर बच्चों का दाखिला स्कूल में करवाया। स्कूल में सांस्कृतिक गतिविधियां के दौरान संगीत ने गाना गाकर सुनाया। इसका एजुकेशन वालंटियर अनमोल रानी ने गाना रिकॉर्ड कर अपने सोशल मीडिया ग्रुप में डाल और स्टेटस लगा लिया। इसके बाद अधिकारियों समेत एचएसएसपीपी, चंडीगढ़ ने संगीत के गाने का काफी सराहा। इस बाद संगीत को विभाग ने अप्रैल में चंडीगढ़ के रेडियो स्टेशन पर भी गाने का मौका दिया गया। अब एचएसएसपीपी (हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद) द्वारा बच्चे की डॉक्यूमेंटरी भी बनाई जा रही है।
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विभाग निशुल्क करवा रहा प्रशिक्षण
संगीत छठी कक्षा का विद्यार्थी है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत उसको गायिकी का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें विद्यार्थी को पर्सनल संगीत मास्टर दिया गया है। जो बच्चेे को प्रतिदिन संगीत की रिहर्सल करवा रहा है। उसकी आवाज पहले से ही बहुत अच्छी है, लेकिन टेेक्नीकिल ज्ञान बच्चों को अब दिया जा रहा है।
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दूरदर्शन चैनल में पड़दादा गाते थे क्लासिकल गीत
संगीत के पिता मनप्रीत नाथ का कहना है कि उनके दादा दूरदर्शन में क्लासिकल गीत गाया करते थे। इसके बाद उसने भी गाना सीखा, लेकिन घर चलाने के लिए कभी गाने के बारे में नहीं सोचा। उसके बेटे संगीत को बचपन से ही गाने का शौक है। वह उससे ही गाने के बारे में थोड़ा थोड़ा कुछ पूछ लिया करता था ।
वर्जन
संगीत में बच्चे गायिका का हुनर है। इसे समग्र शिक्षा विभाग पहचान दिलाने के लिए काम कर रहा है। हमारी कोशिश है कि बच्चे को सा रे गा मा पा या फिर दूरदर्शन में भेजा जाए, ताकि उसको एक अच्छा प्लेटफॉर्म मिल सके। वीरवार को बच्चे के गाने की रिकॉर्डिंग करवाई जाएगी। - गोपाल कृष्ण शुक्ला, समग्र शिक्षा अभियान, सिरसा।