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Sirsa News: चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में तैयार होंगे सुपर-100
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सिरसा। सीडीएलयू की फाइल फोटो। संवाद
सिरसा। चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय में शिक्षण स्तर को सुधारने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। नित नए सेमिनार और नैतिक मूल्यों पर आधारित कार्यक्रम आयोजित हो रहे हैं। वहीं, अब कुलपति प्रो. विजय कुमार ने निर्णय लिया है कि सीडीएलयू में सुपर-100 विद्यार्थी तैयार होंगे, जो विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गुणवत्ता को आगे ले जाने का काम करेंगे।
इस प्रोग्राम को कुलपति प्रो. विजय कुमार स्वयं मॉनिटर करेंगे। विद्यार्थियों के चयन को लेकर पांच सदस्यीय कमेटी का जल्द ही गठन किया जाएगा। कमेटी के चयन के साथ-साथ इन विद्यार्थियों से स्वयं कुलपति भी साक्षात्कार करेंगे ताकि वे विद्यार्थियों की काबिलियत को परख सकें। विवि प्रशासन का यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट जल्द ही शुरू हो जाएगा।
दरअसल, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय की शुरूआत से लेकर अब तक प्लेसमेंट व गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए गंभीरता नहीं दिखाई गई है। मौजूदा समय की मांग के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार नहीं किया गया और पुराने ढर्रे पर ही शिक्षण सत्र को चलाया जा रहा था। पहली बार इस शिक्षण सिस्टम में बदलाव के लिए कार्य किया जा रहा है। विवि में बीटेक के विद्यार्थियों को नॉन बीटेक और बाहरी अनुभव के शिक्षक पढ़ा रहे थे। इस सिस्टम में बदलाव के चलते नन शिक्षकों की भर्ती का कार्य भी अनुबंध आधार पर किया जा रहा है।
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विवि के हॉस्टल से शुरू होगी चयन प्रक्रिया
सुपर-100 का चयन मुख्य रूप से हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों में से किया जाएगा। क्योंकि वह हर समय विवि परिसर में उपलब्ध होते हैं और उन्हें प्रेक्टिकल व अन्य चीजों के आवागमन नहीं करना पड़ेगा। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से शहर के विद्यार्थियों में से चयन किया जाएगा। इस मकसद यह है कि विद्यार्थी हर समय उपलब्ध हो, उसके लिए समय की कोई पाबंदी न हो। क्योंकि सुपर-100 तैयार करने के लिए प्रेक्टिकल, थ्योरी, सेमिनार, वेबिनार, टॉस्क, विशेष ट्रेनिंग आदि रहेंगे। चयनित विद्यार्थियों को अर्न वाइल लर्न स्कीम के साथ भी जोड़ा जाएगा।
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सुपर-100 विद्यार्थियों को तैयार किया जाएगा। उन्हें हर सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी और वैश्विक बाजार के अनुरूप बनाया जाएगा। जब वह विश्वविद्यालय से पास आउट हों तो उन्हें हाथोंहाथ प्लेसमेंट मिले, जिससे विवि की शैक्षणिक काबिलियत का सभी को पता चले।
- प्रो. विजय कुमार, कुलपति, सीडीएलयू।
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इस प्रोग्राम को कुलपति प्रो. विजय कुमार स्वयं मॉनिटर करेंगे। विद्यार्थियों के चयन को लेकर पांच सदस्यीय कमेटी का जल्द ही गठन किया जाएगा। कमेटी के चयन के साथ-साथ इन विद्यार्थियों से स्वयं कुलपति भी साक्षात्कार करेंगे ताकि वे विद्यार्थियों की काबिलियत को परख सकें। विवि प्रशासन का यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट जल्द ही शुरू हो जाएगा।
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दरअसल, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय की शुरूआत से लेकर अब तक प्लेसमेंट व गुणवत्तापरक शिक्षा के लिए गंभीरता नहीं दिखाई गई है। मौजूदा समय की मांग के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार नहीं किया गया और पुराने ढर्रे पर ही शिक्षण सत्र को चलाया जा रहा था। पहली बार इस शिक्षण सिस्टम में बदलाव के लिए कार्य किया जा रहा है। विवि में बीटेक के विद्यार्थियों को नॉन बीटेक और बाहरी अनुभव के शिक्षक पढ़ा रहे थे। इस सिस्टम में बदलाव के चलते नन शिक्षकों की भर्ती का कार्य भी अनुबंध आधार पर किया जा रहा है।
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विवि के हॉस्टल से शुरू होगी चयन प्रक्रिया
सुपर-100 का चयन मुख्य रूप से हॉस्टल में रहने वाले विद्यार्थियों में से किया जाएगा। क्योंकि वह हर समय विवि परिसर में उपलब्ध होते हैं और उन्हें प्रेक्टिकल व अन्य चीजों के आवागमन नहीं करना पड़ेगा। इसके बाद विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से शहर के विद्यार्थियों में से चयन किया जाएगा। इस मकसद यह है कि विद्यार्थी हर समय उपलब्ध हो, उसके लिए समय की कोई पाबंदी न हो। क्योंकि सुपर-100 तैयार करने के लिए प्रेक्टिकल, थ्योरी, सेमिनार, वेबिनार, टॉस्क, विशेष ट्रेनिंग आदि रहेंगे। चयनित विद्यार्थियों को अर्न वाइल लर्न स्कीम के साथ भी जोड़ा जाएगा।
सुपर-100 विद्यार्थियों को तैयार किया जाएगा। उन्हें हर सुविधा उपलब्ध करवाई जाएगी और वैश्विक बाजार के अनुरूप बनाया जाएगा। जब वह विश्वविद्यालय से पास आउट हों तो उन्हें हाथोंहाथ प्लेसमेंट मिले, जिससे विवि की शैक्षणिक काबिलियत का सभी को पता चले।
- प्रो. विजय कुमार, कुलपति, सीडीएलयू।