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सिरसा-फतेहाबाद के उपायुक्त को कोर्ट की अवमानना का नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो/सिरसा
Updated Thu, 25 Aug 2016 12:50 AM IST
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- फोटो : amar ujala
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के न्यायाधीश राजन गुप्ता ने अदालत की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए बुधवार को उपायुक्त सिरसा शरणदीप कौर बराड़ और उपायुक्त फतेहाबाद नरेंद्र कुमार सोलंकी को नोटिस जारी करके कहा है कि क्यों न आपके खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस मामले में आगामी सुनवाई छह अक्तूबर को होगी।
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ओढ़ां हाल हिमाचल प्रदेश के जिला ऊना के गांव धवेरा निवासी अमरनाथ ने वर्ष 2015 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में पिटीशन दायर करके कहा था कि भाखड़ा डैम बनाने के लिए उसकी जमीन का अधिग्रहण किया गया था। इसके बदले में उसे ओढ़ां (सिरसा) में जमीन अलॉट हुई थी। जिस पर लोगों ने नाजायज कब्जा किया हुआ है। हरियाणा सरकार, जिला उपायुक्त सिरसा तथा फतेहाबाद को पार्टी बनाया गया था। पिटीशन पर सुनवाई करते हुए जस्टिस परमजीत सिंह धालीवाल ने उपरोक्त मामले का निपटारा तीन माह में करने के आदेश जारी किए थे। अप्रैल 2016 तक मामले का निपटारा हो जाना चाहिए था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। जिस पर अमरनाथ ने अदालत की अवमानना मामले में उपरोक्त दोनों उपायुक्त के खिलाफ याचिका दायर की है। 24 अगस्त को याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट दीपक कौशल पेश हुए। अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील का पक्ष सुनने के बाद दोनों उपायुक्त को नोटिस करके पूछा है कि क्यों न आपके खिलाफ कार्रवाई की जाए।
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यह है पूरा मामला
16 जुलाई 1966 को सरकार की पॉलिसी के अनुसार विस्थापित अमरनाथ को ओढ़ां में जमीन अलॉट हुई थी। उस समय ओढ़ां में विस्थापितों को जमीन अलॉट करने के लिए खसरा नंबर 244 से 188 कनाल 14 मरले जमीन पर 100 प्लॉट काटे गए थे। शेष जमीन पार्क या अन्य विकास कार्यों के लिए रख ली गई थी। तब से विस्थापित की जमीन पर नाजायज कब्जा चला आ रहा है।
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