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Sirsa News: गांव तिलोकेवाला में संत मोहन सिंह मतवाला की 33वीं बरसी पर कार्यक्रम आज
Thu, 16 Jan 2025 11:12 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Thu, 16 Jan 2025 11:12 PM IST
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डबवाली का मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
कालांवाली। शहर से करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव तिलोकेवाला का गुरुद्वारा निर्मलसर साहिब हजारों लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। गुरुद्वारा निर्मलसर साहिब में 17 जनवरी को संत मोहन सिंह मतवाला की 33वीं बरसी मनाई जाएगी। कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूर्ण कर ली गई है।
गुरुद्वारा साहिब के मुख्य सेवादार संत बाबा गुरमीत सिंह तिलोकेवाला ने बताया कि संत मोहन सिंह मतवाला का जन्म समाज में बुराइयों को दूर करने के लिए ही हुआ था। संत मोहन सिंह मतवाला ने हरियाणा, पंजाब के विभिन्न गांवों व शहरों में सिखी का प्रचार किया और शिक्षा की लहर चलाई। संत बाबा मोहन सिंह मतवाला ने लगभग 10 वर्षो तक मुक्तसर साहिब के ऐतिहासिक गुरुद्वारा तंबू साहिब में मुख्य ग्रंथी के रूप में सेवा निभाने के बाद सन 1930-31 में गुरुद्वारा निर्मलसर साहिब का निर्माण करवाया। उन्होंने कालांवाली, ओढ़ां, पक्का शहीदां, केवल सहित अन्य गांवों में जाकर सिख धर्म का प्रचार किया। संत मोहन सिंह मतवाला ने गांव तिलोकेवाला में खालसा प्राइमरी स्कूल की स्थापना कर शिक्षा की अलख जगाई। वर्तमान में संत मोहन सिंह मतवाला पब्लिक स्कूल के रूप में शिक्षा से वंचित लोगों को स्कूली शिक्षा, गुरबाणी, कीर्तन, संस्कार आदि ज्ञान से पूर्ण कर रहा है।
लगभग 70 वर्षो तक कालांवाली एरिया में मानवता की सेवा करते हुए संत मोहन सिंह मतवाला 15 जनवरी 1992 को संचखंड जा विराजे। इसके बाद गुरुद्वारा साहिब की जिम्मेदारी संत बाबा गुरमीत सिंह तिलोकेवाला को सौंपी गई।
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बाबा जी की 33वीं बरसी को लेकर गुरुद्वारा साहिब में तैयारियां पूर्ण
गांव तिलोकेवाला के श्री निर्मलसर साहिब में संत मोहन सिंह मतवाला की 33वीं बरसीं पर 17 जनवरी को श्री अखंड पाठ साहिबो के भोग डाले जाएंगे। इसके बाद गुरमति समागम सुबह 10 बजेे से लेकर दोपहर 3 बजे तक चलेगा। साथ में अमृत का बाटा दोपहर 1 बजे तैयार किया जाएगा। समारोह को लेकर गुरुद्वारा श्री निर्मलसर साहिब के सेवादारों ने तैयारियां मुकम्मल कर ली है। संगत की ओर से समस्त गांव की हर गली-मोहल्ले की बेहतरीन साफ-सफाई की गई है। श्री निर्मलसर साहिब के दरबार साहिब के अलावा सुंदर व आकर्षक रूप से सजाया गया है। साध संगत के लिए रहने,लंगर, चाय-पानी की व्यवस्था के साथ-साथ पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
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सच्ची श्रद्धा से मन्नत मांगने पर हर मुराद होती है पूर्ण
संत बाबा गुरमीत सिंह तिलोकेवाला ने बताया कि संत मोहन सिंह मतवाला की बरसी पर जो भी सच्ची श्रद्धा के साथ गुरु दरबार में आकर सेवा करता है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मन्नत मांगता है। वाहेगुरु जी उसकी हर मुराद पूरी करते हैं।
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कालांवाली। शहर से करीब 5 किलोमीटर की दूरी पर स्थित गांव तिलोकेवाला का गुरुद्वारा निर्मलसर साहिब हजारों लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है। गुरुद्वारा निर्मलसर साहिब में 17 जनवरी को संत मोहन सिंह मतवाला की 33वीं बरसी मनाई जाएगी। कार्यक्रम को लेकर तैयारियां पूर्ण कर ली गई है।
गुरुद्वारा साहिब के मुख्य सेवादार संत बाबा गुरमीत सिंह तिलोकेवाला ने बताया कि संत मोहन सिंह मतवाला का जन्म समाज में बुराइयों को दूर करने के लिए ही हुआ था। संत मोहन सिंह मतवाला ने हरियाणा, पंजाब के विभिन्न गांवों व शहरों में सिखी का प्रचार किया और शिक्षा की लहर चलाई। संत बाबा मोहन सिंह मतवाला ने लगभग 10 वर्षो तक मुक्तसर साहिब के ऐतिहासिक गुरुद्वारा तंबू साहिब में मुख्य ग्रंथी के रूप में सेवा निभाने के बाद सन 1930-31 में गुरुद्वारा निर्मलसर साहिब का निर्माण करवाया। उन्होंने कालांवाली, ओढ़ां, पक्का शहीदां, केवल सहित अन्य गांवों में जाकर सिख धर्म का प्रचार किया। संत मोहन सिंह मतवाला ने गांव तिलोकेवाला में खालसा प्राइमरी स्कूल की स्थापना कर शिक्षा की अलख जगाई। वर्तमान में संत मोहन सिंह मतवाला पब्लिक स्कूल के रूप में शिक्षा से वंचित लोगों को स्कूली शिक्षा, गुरबाणी, कीर्तन, संस्कार आदि ज्ञान से पूर्ण कर रहा है।
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लगभग 70 वर्षो तक कालांवाली एरिया में मानवता की सेवा करते हुए संत मोहन सिंह मतवाला 15 जनवरी 1992 को संचखंड जा विराजे। इसके बाद गुरुद्वारा साहिब की जिम्मेदारी संत बाबा गुरमीत सिंह तिलोकेवाला को सौंपी गई।
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बाबा जी की 33वीं बरसी को लेकर गुरुद्वारा साहिब में तैयारियां पूर्ण
गांव तिलोकेवाला के श्री निर्मलसर साहिब में संत मोहन सिंह मतवाला की 33वीं बरसीं पर 17 जनवरी को श्री अखंड पाठ साहिबो के भोग डाले जाएंगे। इसके बाद गुरमति समागम सुबह 10 बजेे से लेकर दोपहर 3 बजे तक चलेगा। साथ में अमृत का बाटा दोपहर 1 बजे तैयार किया जाएगा। समारोह को लेकर गुरुद्वारा श्री निर्मलसर साहिब के सेवादारों ने तैयारियां मुकम्मल कर ली है। संगत की ओर से समस्त गांव की हर गली-मोहल्ले की बेहतरीन साफ-सफाई की गई है। श्री निर्मलसर साहिब के दरबार साहिब के अलावा सुंदर व आकर्षक रूप से सजाया गया है। साध संगत के लिए रहने,लंगर, चाय-पानी की व्यवस्था के साथ-साथ पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
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सच्ची श्रद्धा से मन्नत मांगने पर हर मुराद होती है पूर्ण
संत बाबा गुरमीत सिंह तिलोकेवाला ने बताया कि संत मोहन सिंह मतवाला की बरसी पर जो भी सच्ची श्रद्धा के साथ गुरु दरबार में आकर सेवा करता है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब के समक्ष मन्नत मांगता है। वाहेगुरु जी उसकी हर मुराद पूरी करते हैं।