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Sirsa News: पीएम आवास की किस्त के इंतजार में लाभार्थी काट रहे कार्यालयों के चक्कर
Sat, 21 Feb 2026 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 21 Feb 2026 11:38 PM IST
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गांव नुहियांवाली में किश्त के अभाव में अधर में लटका एक लाभार्थी का मकान। संवाद
ओढां। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत लाभार्थियों के मकान एक वर्ष से बिना छत के हैं। लाभार्थी बीडीपीओ कार्यालय व अपने गांव के सरपंचों के चक्कर काटकर पूछ रहे हैं कि उनके मकान की किस्त कब आएगी। इसका जवाब न तो बीडीपीओ के पास है और न ही सरपंचों के पास। ऐसे में लाभार्थी किस्त के लिए परेशान हैं।
कई गांवों में तो सरपंचों ने लाभार्थियों को अपने स्तर पर निर्माण सामग्री उठवा दी, लेकिन किस्त न आने के कारण उनका पैसा भी अटक गया है। वहीं, इस विषय में बीडीपीओ कार्यालय के कर्मचारियों के पास मात्र यही जवाब है कि पीछे से बजट नहीं आया। अब बजट कब आएगा, इसके बारे में किसी के पास कोई जानकारी नहीं है।
लाभार्थियों का कहना है कि लंबे समय से उनके मकान बिना छत के अधर में हैं। इन लाभार्थियों में से कुछ की तो पहली किस्त भी नहीं आई है, वहीं, कई लाभार्थी दूसरी किस्त के इंतजार में हैं।
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पीएम ग्रामीण आवास योजना के तहत ओढां खंड में वर्ष 2024-25 में 843 लाभार्थियों ने पात्रता के लिए आवेदन किया था। इसमें से सर्वे के दौरान विभाग ने 417 को योग्य पात्र माना। इनमें से 174 लाभार्थियों की पहली किस्त हीं नहीं आई जबकि 243 लाभार्थी दूसरी किस्त के इंतजार में हैं। सरकार की ओर से योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को 1 लाख 38 हजार रुपये की राशि मकान बनाने के लिए 3 किस्तों में मिलनी है। इसमें 45 हजार रुपये की पहली किस्त निर्माण शुरू करने के लिए, 60 हजार रुपये की दूसरी किस्त मकान का कार्य दरवाजे के ऊपरी लेंटर तक पहुंच जाने के बाद तथा 33 हजार रुपये की अंतिम एवं तीसरी किस्त मकान पूर्ण होने के बाद दी जाती है। जिन लाभार्थियों को पहली किस्त के रुपये मिले, उन्होंने उससे मकान के लेंटर तक का कार्य पूरा कर लिया, लेकिन उसके आगे का कार्य राशि के अभाव में लटक गया है।
स्थिति यह है कि लाभार्थियों ने मकान तो खड़े कर लिए, लेकिन एक वर्ष से छत नहीं लग पाई है। वहीं, कुछ लाभार्थियों के तो पहली किस्त के रुपये भी नहीं आए हैं। ऐसे में लाभार्थी बीडीपीओ कार्यालय के चक्कर काटने के लिए विवश हैं। गांव नुहियांवाली की लाभार्थी सुनीता देवी, रानी, अंगूरी देवी, कमलेश, शांति देवी, सुमन देवी व बलराम ने बताया कि उन्हें पहली किस्त के रूप में मकान बनाने के लिए 45 हजार रुपये की राशि मिली। इससे उन्होंने निर्माण कार्य छत तक पहुंचा दिया, लेकिन उसके बाद राशि न आने से उनके मकान बिना छत के खड़े हैं। वहीं, गांव सालमखेड़ा, रोहिड़ांवाली, जलालआना, मिठड़ी, लक्कड़ांवाली व ओढां के लाभार्थियों ने बताया कि उन्होंने शीघ्र निर्माण की उम्मीद से अपने पहले वाले मकान तोड़ दिए थे। बरसात में उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ी। संवाद
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कई गांवों में तो सरपंचों ने लाभार्थियों को अपने स्तर पर निर्माण सामग्री उठवा दी, लेकिन किस्त न आने के कारण उनका पैसा भी अटक गया है। वहीं, इस विषय में बीडीपीओ कार्यालय के कर्मचारियों के पास मात्र यही जवाब है कि पीछे से बजट नहीं आया। अब बजट कब आएगा, इसके बारे में किसी के पास कोई जानकारी नहीं है।
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लाभार्थियों का कहना है कि लंबे समय से उनके मकान बिना छत के अधर में हैं। इन लाभार्थियों में से कुछ की तो पहली किस्त भी नहीं आई है, वहीं, कई लाभार्थी दूसरी किस्त के इंतजार में हैं।
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पीएम ग्रामीण आवास योजना के तहत ओढां खंड में वर्ष 2024-25 में 843 लाभार्थियों ने पात्रता के लिए आवेदन किया था। इसमें से सर्वे के दौरान विभाग ने 417 को योग्य पात्र माना। इनमें से 174 लाभार्थियों की पहली किस्त हीं नहीं आई जबकि 243 लाभार्थी दूसरी किस्त के इंतजार में हैं। सरकार की ओर से योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को 1 लाख 38 हजार रुपये की राशि मकान बनाने के लिए 3 किस्तों में मिलनी है। इसमें 45 हजार रुपये की पहली किस्त निर्माण शुरू करने के लिए, 60 हजार रुपये की दूसरी किस्त मकान का कार्य दरवाजे के ऊपरी लेंटर तक पहुंच जाने के बाद तथा 33 हजार रुपये की अंतिम एवं तीसरी किस्त मकान पूर्ण होने के बाद दी जाती है। जिन लाभार्थियों को पहली किस्त के रुपये मिले, उन्होंने उससे मकान के लेंटर तक का कार्य पूरा कर लिया, लेकिन उसके आगे का कार्य राशि के अभाव में लटक गया है।
स्थिति यह है कि लाभार्थियों ने मकान तो खड़े कर लिए, लेकिन एक वर्ष से छत नहीं लग पाई है। वहीं, कुछ लाभार्थियों के तो पहली किस्त के रुपये भी नहीं आए हैं। ऐसे में लाभार्थी बीडीपीओ कार्यालय के चक्कर काटने के लिए विवश हैं। गांव नुहियांवाली की लाभार्थी सुनीता देवी, रानी, अंगूरी देवी, कमलेश, शांति देवी, सुमन देवी व बलराम ने बताया कि उन्हें पहली किस्त के रूप में मकान बनाने के लिए 45 हजार रुपये की राशि मिली। इससे उन्होंने निर्माण कार्य छत तक पहुंचा दिया, लेकिन उसके बाद राशि न आने से उनके मकान बिना छत के खड़े हैं। वहीं, गांव सालमखेड़ा, रोहिड़ांवाली, जलालआना, मिठड़ी, लक्कड़ांवाली व ओढां के लाभार्थियों ने बताया कि उन्होंने शीघ्र निर्माण की उम्मीद से अपने पहले वाले मकान तोड़ दिए थे। बरसात में उन्हें भारी परेशानी झेलनी पड़ी। संवाद