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दस साल के मेद्यांश का नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज

Sun, 14 Feb 2021 11:38 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 14 Feb 2021 11:38 PM IST
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Name recorded in India Book of Records of ten year old child
मेद्यांश अपनी बहन के संग इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड व मेडल के साथ। - फोटो : Sirsa
दस साल का मेेद्यांश बचपन से आंखों से देख नहीं सकता, लेकिन वह सामान्य बच्चों के साथ ही सामान्य स्कूल में पढ़ता है। विशेष बात है कि मेद्यांश अगले तीस साल और पिछले तीस साल में किसी भी तिथि को क्या दिन था, उसे पलभर में गिनकर बता देता हैं। इसी विशेषता के चलते उसका नाम इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में दर्ज हुआ है। विशेष बच्चे मेद्यांश का नाम चार फरवरी को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में कैलेंडर डे रिकॉलड फ्रॉम डेट के तहत दर्ज किया गया है।
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बता दें कि शहर के नोहरिया निवासी रमता सोनी का दस वर्षीय बेटा मेद्यांश बचपन से आंखों से देख नहीं सकता। रमता सोनी ने बताया कि चार फरवरी को इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में उसका नाम दर्ज हुआ है। मेद्यांश ने वर्ष 2021 से पिछले तीस साल और अगले तीस साल में किस तिथि को कौन सा दिन था, इसका सही जवाब दिया। इसके लिए उसका इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड की ओर से टेस्ट लिया गया था। ज्यूरी ने मेद्यांश से 72 सवाल पूछे थे, जिसका उसने सटीक जवाब दिया। उन्होंने इसके लिए जनवरी 2021 में आवेदन किया था। मेद्यांश इससे पहले इंटरनेशनल ओलंपियाड में गणित, साइंस, जीके, इंग्लिश में करीब दस गोल्ड मेडल जीत चुका है।
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सामान्य स्कूल में ही जाता है मेद्यांश
मेद्यांश की मम्मी रमता सोनी ने बताया कि मेद्यांश बचपन से देख नहीं सकता। लेकिन हमने कभी उसे विशेष स्कूल में पढ़ाने के लिए नहीं भेजा। क्योंकि वह नहीं चाहती थी कि उसके बच्चे को लोग स्पेशल चाइल्ड कहे। इसलिए उसने शुरू से ही सामान्य स्कूल में दाखिला दिलवाया। हालांकि शुरू में उन्हें काफी दिक्कतें आई, क्योंकि स्कूल प्रबंधन मेद्यांश को सामान्य बच्चों के साथ पढ़ाने में आनाकानी करते थे। लेकिन उसने हार नहीं मानी और अब भी उसे सामान्य बच्चों के साथ ही शिक्षा दिलाई। मेद्यांश अब पांचवीं कक्षा में हैं और एक प्राइवेट स्कूल में सामान्य बच्चों के साथ ही पढ़ता है। रमता सोनी का कहना है कि वह चाहती है कि मेद्यांश जैसे ओर भी बच्चे सामान्य स्कूल में सामान्य बच्चों के साथ ही शिक्षा ग्रहण करें।
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