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Sirsa News: बाल संरक्षण कानूनों और स्कूल प्रबंधन की दी जानकारी
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सिरसा। राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय मेला ग्राउंड में जिला समग्र शिक्षा की ओर से प्राचार्यों के लिए आयोजित पांच दिवसीय नेतृत्व विकास प्रशिक्षण के दूसरे दिन विद्यालय प्रबंधन, बाल संरक्षण कानूनों, मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक आंकड़ों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों ने जानकारी दी। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्राचार्यों को विद्यालय संचालन, सुरक्षित वातावरण और शैक्षणिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए मार्गदर्शन देना रहा।
जिला परियोजना समन्वयक एपीसी बलबीर सिंह ने कहा कि प्राचार्य की भूमिका केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं है। वे विद्यालय के शैक्षणिक माहौल और कार्यसंस्कृति को दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के संदर्भ में विद्यालय नेतृत्व की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
सुबह के सत्र में हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) के संसाधन व्यक्ति गौरव मिगलानी और कर्ण अरोड़ा ने शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, योग, ध्यान, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, तनाव प्रबंधन और सकारात्मक विद्यालय संस्कृति पर विचार साझा किए।
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दोपहर के सत्र में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, डिंग के विषय विशेषज्ञ डॉ. राजेश खुराना ने बाल संरक्षण, पॉक्सो अधिनियम, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम संबंधी कानूनों और लैंगिक संवेदनशीलता की जानकारी दी। उन्होंने विद्यालयों में कानूनों के अनुपालन तथा विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने में प्राचार्यों की भूमिका समझाई।
सूचना प्रबंधन प्रणाली समन्वयक संदीप कौर ने यूडाइज प्लस में विद्यालयों के आंकड़ों की सही प्रविष्टि और निष्पादन श्रेणी सूचकांक (पीजीआई) के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सटीक और समय पर उपलब्ध आंकड़े शैक्षणिक योजनाएं बनाने तथा शिक्षा व्यवस्था की प्रगति का आकलन करने में सहायक होते हैं। अंतिम सत्र में विषय विशेषज्ञ डॉ. विनोद कुमार ने यूडाइज प्लस और पीजीआई से संबंधित सवालों के जवाब दिए।
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जिला परियोजना समन्वयक एपीसी बलबीर सिंह ने कहा कि प्राचार्य की भूमिका केवल प्रशासनिक कार्यों तक सीमित नहीं है। वे विद्यालय के शैक्षणिक माहौल और कार्यसंस्कृति को दिशा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के संदर्भ में विद्यालय नेतृत्व की जिम्मेदारी और बढ़ गई है।
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सुबह के सत्र में हरियाणा लोक प्रशासन संस्थान (हिपा) के संसाधन व्यक्ति गौरव मिगलानी और कर्ण अरोड़ा ने शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य, योग, ध्यान, भावनात्मक बुद्धिमत्ता, तनाव प्रबंधन और सकारात्मक विद्यालय संस्कृति पर विचार साझा किए।
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दोपहर के सत्र में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान, डिंग के विषय विशेषज्ञ डॉ. राजेश खुराना ने बाल संरक्षण, पॉक्सो अधिनियम, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम संबंधी कानूनों और लैंगिक संवेदनशीलता की जानकारी दी। उन्होंने विद्यालयों में कानूनों के अनुपालन तथा विद्यार्थियों और कर्मचारियों के लिए सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने में प्राचार्यों की भूमिका समझाई।
सूचना प्रबंधन प्रणाली समन्वयक संदीप कौर ने यूडाइज प्लस में विद्यालयों के आंकड़ों की सही प्रविष्टि और निष्पादन श्रेणी सूचकांक (पीजीआई) के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि सटीक और समय पर उपलब्ध आंकड़े शैक्षणिक योजनाएं बनाने तथा शिक्षा व्यवस्था की प्रगति का आकलन करने में सहायक होते हैं। अंतिम सत्र में विषय विशेषज्ञ डॉ. विनोद कुमार ने यूडाइज प्लस और पीजीआई से संबंधित सवालों के जवाब दिए।