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Sirsa News: गुरुजी बने विद्यार्थी, पहले सीखेंगे फिर सिखाएंगे
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राजकीय मॉडल स्कूल में शिक्षकों को मॉडल की ट्रेनिंग देते मास्टर ट्रेनर।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। शिक्षा विभाग का प्रयास है कि विद्यार्थियों को विज्ञान व गणित के प्रति प्रेरित किया जाए। इसके लिए उनको प्रैक्टिली रूप से दोनों विषयों के मॉडल बनाना सिखाया जाता है। स्कूलों में विद्यार्थी अब भी पुराने तरीकों पर ही मॉडल बनाकर पेश कर रहे हैं। ऐसे में विद्यार्थी अब कुछ नए तरीके सीखे इसके लिए पहले गुरुजी को मॉडल बनाना सिखाया जा रहा है। सिरसा, रानियां और डबवाली के राजकीय मॉडलों स्कूलों में जिले के 350 शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जा रही है। बुधवार से शुरू हुआ ट्रेनिंग शेड्यूल 26 नंवबर तक चलेगा। वीरवार को गुरु तेग बहादुर का प्रकाश पर्व होने के चलते अवकाश रहेगा।
बता दें कि शिक्षकों को ये ट्रेनिंग 22 मास्टर ट्रेनर दे रहे हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर स्कूलों में गणित व साइंस की प्रदर्शनी लगाई जाती है। जिसमें विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए मॉडलों को प्रदर्शित किया जाता है। ऐसे में जब अधिकारियों ने विश्लेषण किया तो देखा की विद्यार्थी उसी पुराने आइडिया पर मॉडल बना रहे हैं। ऐसे में उन्होंने इन विषयों को और रुचिकर बनाने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा पहली बार विज्ञान और गणित के मॉडल बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। ताकि ये शिक्षक आगे विद्यार्थियों को मॉडल बनाना सिखा सकें।
राष्ट्रीय स्तर पर मॉडलों की प्रदर्शनी के लिए किया जाएगा तैयार
हर साल स्कूलों में मॉडलों की प्रदर्शनी लगाई जाती है। इन्हीं प्रदर्शनियों में से कुछ विद्यार्थियों के मॉडल जिला स्तर फिर राज्य स्तर उसके बाद राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित होते हैं। इन प्रदर्शनियों में नए आइडिया पर काम करने के लिए विद्यार्थियों को विभाग तैयार कर रहा है। ताकि राष्ट्रीय स्तर पर भी विद्यार्थी विजेता बनकर वापस लौटे और उनके द्वारा बनाए गए मॉडलों से कुछ नया निकलकर सामने आए।
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विद्यार्थियों को नए आइडिया पर मोटिवेट करने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। विद्यार्थियों द्वारा पुरानी थीम पर ही मॉडल बनाए जा रहे थे। जिसको देखते हुए फैसला लिया गया कि शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाए। जिन शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जा रही है, वही शिक्षक आगे बच्चों के साथ मिलकर मॉडल बनाएंगे।
-डॉ. मुकेश कुमार, जिला विज्ञान विशेषज्ञ, सिरसा।
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बता दें कि शिक्षकों को ये ट्रेनिंग 22 मास्टर ट्रेनर दे रहे हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि समय-समय पर स्कूलों में गणित व साइंस की प्रदर्शनी लगाई जाती है। जिसमें विद्यार्थियों द्वारा बनाए गए मॉडलों को प्रदर्शित किया जाता है। ऐसे में जब अधिकारियों ने विश्लेषण किया तो देखा की विद्यार्थी उसी पुराने आइडिया पर मॉडल बना रहे हैं। ऐसे में उन्होंने इन विषयों को और रुचिकर बनाने के लिए शिक्षा विभाग द्वारा पहली बार विज्ञान और गणित के मॉडल बनाने की ट्रेनिंग दी जा रही है। ताकि ये शिक्षक आगे विद्यार्थियों को मॉडल बनाना सिखा सकें।
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राष्ट्रीय स्तर पर मॉडलों की प्रदर्शनी के लिए किया जाएगा तैयार
हर साल स्कूलों में मॉडलों की प्रदर्शनी लगाई जाती है। इन्हीं प्रदर्शनियों में से कुछ विद्यार्थियों के मॉडल जिला स्तर फिर राज्य स्तर उसके बाद राष्ट्रीय स्तर के लिए चयनित होते हैं। इन प्रदर्शनियों में नए आइडिया पर काम करने के लिए विद्यार्थियों को विभाग तैयार कर रहा है। ताकि राष्ट्रीय स्तर पर भी विद्यार्थी विजेता बनकर वापस लौटे और उनके द्वारा बनाए गए मॉडलों से कुछ नया निकलकर सामने आए।
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विद्यार्थियों को नए आइडिया पर मोटिवेट करने के उद्देश्य से इस कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। विद्यार्थियों द्वारा पुरानी थीम पर ही मॉडल बनाए जा रहे थे। जिसको देखते हुए फैसला लिया गया कि शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जाए। जिन शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जा रही है, वही शिक्षक आगे बच्चों के साथ मिलकर मॉडल बनाएंगे।
-डॉ. मुकेश कुमार, जिला विज्ञान विशेषज्ञ, सिरसा।