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बिजली और पानी के लिए किसानों का प्रदर्शन
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मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन करते किसान। संवाद
- फोटो : Sirsa
सिरसा। भारतीय किसान यूनियन चढ़ूनी ग्रुप के किसान वीरवार को अपनी मांगों को लेकर दोपहर करीब 12 बजे भगत सिंह स्टेडियम में एकत्र हुए। इस दौरान किसानों ने प्रदर्शन की रणनीति बनाई। वहीं, करीब साढ़े 12 बजे किसान नारेबाजी करते हुए लघु सचिवालय में पहुंचे। पुलिस ने किसानों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। इस पर किसानों ने लघु सचिवालय के बाहर ही प्रदर्शन कर अपनी नाराजगी का इजहार किया।
किसान नेता भूपिंद्र वैदवाला ने बताया कि किसानों को पानी और बिजली की किल्लत आ रही है। जिसके कारण किसान फसल को नहीं बो पा रहे हैं। वहीं बिजली विभाग घोषित कट 6 घंटे के बताती है और कट इससे ज्यादा लगाती है। बिजली कट की वजह से किसानों को मुश्किल का सामना करना पड़ा रहा है। वहीं, किसानों ने कहा कि किसानों की खराब फसलों के मुआवजे भी किसानों को नहीं दिए गए हैं। लघु सचिवालय के बाहर किसानों ने करीब तीन घंटे तक दरी बिछाकर मांगों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने अपनी मांगों को लेकर कृषि उपनिदेशक बाबू लाल को ज्ञापन सौंपा। जिन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा। उनकी समस्या जल्द से जल्द पूरी की जाएगी। वहीं, 20 मई तक कृषि उपनिदेशक ने किसानों से समस्या हल करने के लिए समय मांगा। इस मौके पर किसान नेता भूपेंद्र वैदवाला, हरविंद्र थिंद, जगदीश रूपावास, मोनिका गोदारा आदि मौजूद थे।
ये है किसानों की मुख्य मांगे
प्रदेशभर में किसानों की भूसे में लगी आग का मुआवजा दिलाया जाए।
बरसाती मौसम के कारण फसल कम हुई है, इसलिए गेहूं पर 500 रुपये बोनस।
बीमा कंपनियों से गेहूं की कम रहने पर एवरेज क्लेम दिया जाए।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ किसानों को दिया जाए।
खेतों में बिजली की सप्लाई 8 घंटे की जाए और एक भी कट न हो।
नहर और नाला टूटने से जो नुकसान हुआ उसका क्लेम दिया जाए।
पैदावार कम होने के कारण मजदूरों को अधिक नुकसान हुआ है, इसलिए मजदूर परिवार को 10 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए।
ग्वार, नरमा, धान, खरीफ की फसल के बीजों में हो रही धांधली को रोका जाए।
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किसान नेता भूपिंद्र वैदवाला ने बताया कि किसानों को पानी और बिजली की किल्लत आ रही है। जिसके कारण किसान फसल को नहीं बो पा रहे हैं। वहीं बिजली विभाग घोषित कट 6 घंटे के बताती है और कट इससे ज्यादा लगाती है। बिजली कट की वजह से किसानों को मुश्किल का सामना करना पड़ा रहा है। वहीं, किसानों ने कहा कि किसानों की खराब फसलों के मुआवजे भी किसानों को नहीं दिए गए हैं। लघु सचिवालय के बाहर किसानों ने करीब तीन घंटे तक दरी बिछाकर मांगों के समर्थन में धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने अपनी मांगों को लेकर कृषि उपनिदेशक बाबू लाल को ज्ञापन सौंपा। जिन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि मांगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचाया जाएगा। उनकी समस्या जल्द से जल्द पूरी की जाएगी। वहीं, 20 मई तक कृषि उपनिदेशक ने किसानों से समस्या हल करने के लिए समय मांगा। इस मौके पर किसान नेता भूपेंद्र वैदवाला, हरविंद्र थिंद, जगदीश रूपावास, मोनिका गोदारा आदि मौजूद थे।
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ये है किसानों की मुख्य मांगे
प्रदेशभर में किसानों की भूसे में लगी आग का मुआवजा दिलाया जाए।
बरसाती मौसम के कारण फसल कम हुई है, इसलिए गेहूं पर 500 रुपये बोनस।
बीमा कंपनियों से गेहूं की कम रहने पर एवरेज क्लेम दिया जाए।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ किसानों को दिया जाए।
खेतों में बिजली की सप्लाई 8 घंटे की जाए और एक भी कट न हो।
नहर और नाला टूटने से जो नुकसान हुआ उसका क्लेम दिया जाए।
पैदावार कम होने के कारण मजदूरों को अधिक नुकसान हुआ है, इसलिए मजदूर परिवार को 10 हजार रुपये मुआवजा दिया जाए।
ग्वार, नरमा, धान, खरीफ की फसल के बीजों में हो रही धांधली को रोका जाए।