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अग्निशमन की व्यवस्था: 24 घंटे में 10 गाड़ियां, 8 चालक, छह फायरमैन और चार लीडिंग फायरमैन
अमर उजाला ब्यूरो/सिरसा
Updated Wed, 05 Apr 2017 12:44 AM IST
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firestation
- फोटो : Bureau
शायद अब आग लगने की घटनाओं के दौरान लोगों को अपनी जान की सुरक्षा खुद ही करनी पड़ेगी। अग्निशमन की व्यवस्था भयंकर आग को रोकने में लचर साबित हो सकती है। व्यवस्था अनुसार 24 घंटे में तीन शिफ्टें हैं और इन तीनों शिफ्टों में 10 गाड़ियों पर मात्र आठ चालक, छह फायरमैन और चार लीड़िंग फायरमैन ही मुस्तैद हैं। विभाग ने कर्मचारियों के टोटे से निपटने के लिए सभी कर्मचारियों को 24 घंटे की ड्यूटी दे दी है। एक शिफ्ट के हिसाब से भी 50 प्रतिशत से अधिक स्टाफ की कमी है इनको तीन शिफ्टों में लगाने पर 80 प्रतिशत से अधिक कर्मचारियों की कमी हो जाएगी।
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हर वर्ष गेहूं के सीजन में अप्रैल और मई माह में अकेले सिरसा अग्निशमन केंद्रों में दो सौ से अधिक आग लगने की घटनाओं की सूचना आती हैं। अब गेहूं का सीजन शुरू होने वाला है ऐसे में विभाग की लचर व्यवस्था कैसे आग पर काबू पा सकेगी? इसको लेकर सरकार ने अब तक कोई व्यवस्था नहीं की है। पिछले काफी समय से अग्निशमन केंद्र कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है पर अब सीजन में यह कमी लोगों को जोखिम में डाल सकती है। जो कर्मचारी अनुबंध के आधार पर कार्यरत थे उनको भी हटा दिया गया है। नई भर्ती की प्रक्रिया जनवरी माह में शुरू की गई थी पर उसको रद्द करने के निर्देश सरकार ने जारी कर दिए हैं।
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अब भर्ती कब होगी इसका कोई पता नहीं पर गेहूं का सीजन एक सप्ताह में शुरू हो जाएगा। हर साल गेहूं की कटाई के दौरान एक दिन में 10 से 20 आग लगने की वारदात होती हैं। इस बार सरकार ने किसानों को किस के भरोसा छोड़ा है यह तो सरकार ही जानती है। ऐसा पहली बार हुआ है कि गाड़ियों से भी कम कर्मचारी गेहूं के सीजन में हैं। सिरसा के अग्निशमन केंद्र में 56 कर्मचारियों के पद स्वीकृत हैं जो आग पर नियंत्रण करते हैं और अब मात्र चालकों सहित 18 कर्मचारी हैं। एक गाड़ी पर एक चालक और एक फायरमैन भी नहीं जा सकता। यहां से न केवल सिरसा और आसपास के क्षेत्र में बल्कि डिंग, चोपटा, सरदूलगढ़, रानियां, ओढां आदि क्षेत्र में भी आग पर काबू पाने के लिए अग्निशमन की गाड़ियां जाती हैं। भर्ती रद्द करने से शहर व ग्रामीण क्षेत्र जोखिम में है। सरकार ने भर्ती रद्द कर लोगों को राम भरोसे छोड़ दिया है।
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जिला अग्निशमन अधिकारी सत्यवान नरवाल ने कहा कि अनुबंध के आधार पर कर्मचारियों की भर्ती के प्रक्रिया शुरू हुई थी पर सरकार के इस भर्ती को रद्द करने के निर्देश आ गए तो भर्ती नहीं हो सकी। अब सरकार के जो भी निर्देश आएंगे उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि गेहूं के सीजन को ध्यान में रखते हुए दो माह तक सभी कर्मचारियों की 24 घंटे तैनाती कर दी है। हर कर्मचारी तीनों शिफ्टों में मौजूद रहेंगे। इसके अलावा किसी भी प्रकार का अवकाश भी कर्मचारियों को नहीं दिया जाएगा। आदमी कम हैं पर भर्ती की प्रक्रिया सरकार ही कर सकती है।
सिरसा के अलावा यहां भी अग्निशमन गाड़ियां
चौपटा-01
रानियां-01
कालांवाली-01
ओढ़ा-01
डबवाली-03
ऐलनाबाद-01