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Sirsa News: दो दिन में 30 करोड़ का नुकसान, छोटे उद्योग शट डाउन
Sat, 24 Oct 2026 12:03 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sat, 24 Oct 2026 12:03 AM IST
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सिरसा। पंजुआना सब स्टेशन पर रात के सयम प्रदर्शन करते हुए किसान नेता व ग्रामीण। किसान नेता
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। दो दिनों से चल रही बिजली कर्मचारियों की हड़ताल ने जिले की गति को धीमा कर दिया है। वीरवार रात को डिंगमंडी में लोगों ने नेशनल हाईवे-9 जाम किया। किसानों ने पंजुआना और आसाखेड़ा सब स्टेशन पर प्रदर्शन किया। हड़ताल ने उद्योग प्रणाली को बुरी तरह से प्रभावित किया है।
दो दिनों में अनुमानित 30 करोड़ का नुकसान उद्योगों को हुआ है। छोटे उद्योगों ने जेनरेटर के भारी-भरकम डीजल खर्च से बचने के लिए यूनिट शट डाउन कर दी है। ऐसे में दिवाली के सीजन में बेहतर व्यापारी की उम्मीद करने वाले व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
वहीं, मंडियों में जेनरेटरों के खर्च को देखते हुए आढ़तियों ने धान व सैलर ने धान की खरीद कम कर दी है। सैलर भी अपने यूनिटों पर लोड कम कर रहे हैं ताकि उन्हें बड़े स्तर पर डीजल खर्च का सामना न करना पड़े।
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बाजारों में बिजली व्यवस्था प्रभावित होने के कारण बड़े स्तर पर जनरेटर की मांग बढ़ गई है। त्योहारी सीजन के चलते अब डीजल पर पूरा बाजार निर्भर हो गया है। इसलिए डीजल जेनरेटर भी अब नहीं मिल रहे हैं।
बाजारों में बिजली उपकरणों, वेल्डिंग यूनिटस, मशीनरी आदि की दुकानों पर बुरा प्रभाव पड़ा है। दो दिनों से 10 प्रतिशत काम भी वे नहीं कर पाए हैं। छोटे दुकान काम नहीं होने के चलते दुकानें बंद करने पर मजबूर हो गए हैं। इसके अलावा, कई सरकारी कार्यालयों में भी काम ठप रहा।
जिले डबवाली, ऐलनाबाद, चोपटा, रानियां, कालांवाली, ओढ़ां, बड़ागुढ़ा के 100 से ज्यादा गांवों में कल दोपहर से बिजली नहीं आई। बिजली नहीं आने के कारण जलघरों से पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई। गांव जमाल, कागदाना आदि क्षेत्र में लोगों को पानी के टैंकर मंगवाने पड़े हैं। इसके अलावा, दैनिक जरूरत के काम भी लोग नहीं कर पाए।
ट्यूबवेल लाइन बंद होने के कारण भूमि की सिंचाई का काम भी रुक गया है। बैंकों के एटीएम बंद हो गए और लोग उनकी सेवाओं का लाभ नहीं उठा पाए हैं। 50 से ज्यादा एटीएम प्रभावित हुए हैं।
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सिरसा। दो दिनों से चल रही बिजली कर्मचारियों की हड़ताल ने जिले की गति को धीमा कर दिया है। वीरवार रात को डिंगमंडी में लोगों ने नेशनल हाईवे-9 जाम किया। किसानों ने पंजुआना और आसाखेड़ा सब स्टेशन पर प्रदर्शन किया। हड़ताल ने उद्योग प्रणाली को बुरी तरह से प्रभावित किया है।
दो दिनों में अनुमानित 30 करोड़ का नुकसान उद्योगों को हुआ है। छोटे उद्योगों ने जेनरेटर के भारी-भरकम डीजल खर्च से बचने के लिए यूनिट शट डाउन कर दी है। ऐसे में दिवाली के सीजन में बेहतर व्यापारी की उम्मीद करने वाले व्यापारियों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
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वहीं, मंडियों में जेनरेटरों के खर्च को देखते हुए आढ़तियों ने धान व सैलर ने धान की खरीद कम कर दी है। सैलर भी अपने यूनिटों पर लोड कम कर रहे हैं ताकि उन्हें बड़े स्तर पर डीजल खर्च का सामना न करना पड़े।
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बाजारों में बिजली व्यवस्था प्रभावित होने के कारण बड़े स्तर पर जनरेटर की मांग बढ़ गई है। त्योहारी सीजन के चलते अब डीजल पर पूरा बाजार निर्भर हो गया है। इसलिए डीजल जेनरेटर भी अब नहीं मिल रहे हैं।
बाजारों में बिजली उपकरणों, वेल्डिंग यूनिटस, मशीनरी आदि की दुकानों पर बुरा प्रभाव पड़ा है। दो दिनों से 10 प्रतिशत काम भी वे नहीं कर पाए हैं। छोटे दुकान काम नहीं होने के चलते दुकानें बंद करने पर मजबूर हो गए हैं। इसके अलावा, कई सरकारी कार्यालयों में भी काम ठप रहा।
जिले डबवाली, ऐलनाबाद, चोपटा, रानियां, कालांवाली, ओढ़ां, बड़ागुढ़ा के 100 से ज्यादा गांवों में कल दोपहर से बिजली नहीं आई। बिजली नहीं आने के कारण जलघरों से पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई। गांव जमाल, कागदाना आदि क्षेत्र में लोगों को पानी के टैंकर मंगवाने पड़े हैं। इसके अलावा, दैनिक जरूरत के काम भी लोग नहीं कर पाए।
ट्यूबवेल लाइन बंद होने के कारण भूमि की सिंचाई का काम भी रुक गया है। बैंकों के एटीएम बंद हो गए और लोग उनकी सेवाओं का लाभ नहीं उठा पाए हैं। 50 से ज्यादा एटीएम प्रभावित हुए हैं।