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Sirsa News: 25 महिला उद्यमियों को 3.47 लाख की अनुदान राशि के चेक बांटे
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सिरसा।अतिरिक्त उपायुक्त वीरेंद्र सहरावत अपने कार्यालय कक्ष में महिलाओं को चैक वितरित करते हुए।
सिरसा। अतिरिक्त उपायुक्त वीरेंद्र सहरावत ने वीरवार को अपने कार्यालय कक्ष में हरियाणा मातृ शक्ति उद्यमिता योजना व विधवा ऋण योजना के तहत 25 महिला उद्यमियों को तीन लाख 47 हजार 118 रुपये की राशि के चेक वितरित किए। वीरेंद्र सहरावत ने बताया कि हरियाणा सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही हैं।
इनमें प्रमुख हैं हरियाणा मातृशक्ति उद्यमिता योजना और विधवा ऋण योजना। दोनों योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना और उन्हें स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। हरियाणा मातृशक्ति उद्यमिता योजना के तहत राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को पांच लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है। यदि महिला समय पर ऋण की किस्त चुकाती है, तो उसे तीन वर्षों तक 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी भी दी जाती है। इसके अलावा महिलाओं को ऋण चुकाने के लिए तीन महीने की अधिस्थगन अवधि मिलती है।यह योजना 18 से 60 वर्ष तक की महिलाओं के लिए है। केवल उन्हीं को लाभ मिलेगा जिनकी सालाना पारिवारिक आय 5 लाख रुपये से कम है। आवेदन करने के लिए महिला विकास निगम कार्यालय में आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र, आय प्रमाण पत्र और उद्यम से संबंधित विवरण देना आवश्यक है।
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तीन लाख तक मिल सकता है ऋणविधवा ऋण योजना खासतौर पर उन महिलाओं के लिए है जो विधवा, तलाकशुदा या कानूनी रूप से अलग हैं और आर्थिक रूप से कमजोर हैं। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को बैंक के माध्यम से 3 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इस ऋण का उपयोग महिलाएं किसी भी प्रकार के स्वरोजगार कार्यों जैसे ऑटो या ई-रिक्शा खरीदने, ब्यूटी पार्लर या सिलाई सेंटर खोलने, अचार-पापड़ बनाने, फूड स्टॉल लगाने जैसी गतिविधियों के लिए कर सकती हैं। इस योजना का लाभ केवल उन महिलाओं को मिलता है जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम है। आवेदन करते समय आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र, पति का मृत्यु प्रमाण पत्र (यदि विधवा है), राशन कार्ड और फोटो जैसे दस्तावेज जरूरी होते हैं। इस अवसर पर महिला विकास निगम की जिला प्रबंधक डाॅ. दर्शना सिंह भी मौजूद रहीं।
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इनमें प्रमुख हैं हरियाणा मातृशक्ति उद्यमिता योजना और विधवा ऋण योजना। दोनों योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत करना और उन्हें स्वरोजगार स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित करना है। हरियाणा मातृशक्ति उद्यमिता योजना के तहत राज्य की महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने के लिए ऋण उपलब्ध कराया जाता है।
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इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को पांच लाख रुपये तक का ऋण दिया जाता है। यदि महिला समय पर ऋण की किस्त चुकाती है, तो उसे तीन वर्षों तक 7 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी भी दी जाती है। इसके अलावा महिलाओं को ऋण चुकाने के लिए तीन महीने की अधिस्थगन अवधि मिलती है।यह योजना 18 से 60 वर्ष तक की महिलाओं के लिए है। केवल उन्हीं को लाभ मिलेगा जिनकी सालाना पारिवारिक आय 5 लाख रुपये से कम है। आवेदन करने के लिए महिला विकास निगम कार्यालय में आवेदन पत्र के साथ आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र, आय प्रमाण पत्र और उद्यम से संबंधित विवरण देना आवश्यक है।
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तीन लाख तक मिल सकता है ऋणविधवा ऋण योजना खासतौर पर उन महिलाओं के लिए है जो विधवा, तलाकशुदा या कानूनी रूप से अलग हैं और आर्थिक रूप से कमजोर हैं। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को बैंक के माध्यम से 3 लाख रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इस ऋण का उपयोग महिलाएं किसी भी प्रकार के स्वरोजगार कार्यों जैसे ऑटो या ई-रिक्शा खरीदने, ब्यूटी पार्लर या सिलाई सेंटर खोलने, अचार-पापड़ बनाने, फूड स्टॉल लगाने जैसी गतिविधियों के लिए कर सकती हैं। इस योजना का लाभ केवल उन महिलाओं को मिलता है जिनकी वार्षिक आय 3 लाख रुपये से कम है। आवेदन करते समय आधार कार्ड, परिवार पहचान पत्र, पति का मृत्यु प्रमाण पत्र (यदि विधवा है), राशन कार्ड और फोटो जैसे दस्तावेज जरूरी होते हैं। इस अवसर पर महिला विकास निगम की जिला प्रबंधक डाॅ. दर्शना सिंह भी मौजूद रहीं।