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Sirsa News: जियो स्विच और अलग फीडर के लिए डिंग के ग्रामीणों का बिजली सत्याग्रह, एसडीओ ने दिया आश्वासन
Fri, 17 Jul 2026 10:57 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Fri, 17 Jul 2026 10:57 PM IST
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डिंग मंडी में बिजली आपूर्ति बाधित होने पर लोगों को समझाने पहुंचे अधिकारी।
डिंग मंडी। क्षेत्र में अघोषित बिजली कटौती और उमस भरी गर्मी से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा शुक्रवार को फूट पड़ा। बिजली आपूर्ति में सुधार की मांग को लेकर ग्रामीणों ने दक्षिण हरियाणा बिजली वितरण निगम (डीएचबीवीएन) कार्यालय के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया। करीब ढाई घंटे चले प्रदर्शन में डिंग मंडी के साथ-साथ बग्गुवाली व अन्य आसपास के गांवों के लोग भी शामिल हुए।
अनाज मंडी में बैठक के बाद निकाला जुलूस
ग्रामीणों ने
आंदोलन की रूपरेखा दो दिन पहले ही तैयार कर ली गई थी। इसके तहत शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे ग्रामीण पुरानी अनाज मंडी के शेड के नीचे एकत्रित हुए। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कई-कई घंटों की बिजली कटौती के कारण पेयजल संकट खड़ा हो गया है और घरेलू व व्यावसायिक कार्य पूरी तरह ठप हैं। उमस भरी गर्मी में बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों का हाल बेहाल है। रात में बिजली न रहने से लोगों को जागकर गुजारनी पड़ती है। बैठक के बाद सभी ग्रामीण जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए सुबह 11:30 बजे बिजली सब-स्टेशन पहुंचे और मुख्य द्वार पर धरना शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही डिंग थाना प्रभारी निर्मल सिंह भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
जियो स्विच लगाने और फीडर अलग करने की मांग
प्रदर्शन के दौरान आजाद जाखड़, पंकज शर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। ग्रामीणों की मुख्य मांगों में क्षेत्र को 24 घंटे निर्बाध बिजली दी जाए और अघोषित कट तुरंत बंद हों। गांव के किसी एक हिस्से में खराबी आने पर पूरे गांव की बत्ती गुल कर दी जाती है। विभाग जियो स्विच लगाए ताकि केवल प्रभावित हिस्से की बिजली कटे और बाकी गांव में आपूर्ति जारी रहे। डिंग मंडी की बिजली लाइन को अन्य गांवों से अलग किया जाए ताकि बार-बार होने वाले ट्रिपिंग से राहत मिल सके।
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एसडीओ ने दिया तर्क और एक सप्ताह का आश्वासन
दोपहर करीब 12 बजे बिजली निगम के एसडीओ राजेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। एसडीओ ने बताया कि वर्तमान में भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ी है। डिंग मंडी का फीडर रूरल डोमेस्टिक फीडर है जो रूरल-अर्बन मोड पर चल रहा है। गांव कुकरथाना की अंडरग्राउंड केबल खराब होने के कारण उसे अस्थायी रूप से इस फीडर से जोड़ा गया था। नई केबल बिछते ही कुकरथाना को अलग कर दिया जाएगा। वहीं गांव गदली आधिकारिक रूप से इसी फीडर का हिस्सा है। कुछ बिजली कट उच्च स्तर (ग्रिड) से लग रहे हैं जो उनके नियंत्रण में नहीं हैं। एसडीओ राजेंद्र कुमार ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि एक सप्ताह के भीतर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस आश्वासन के बाद दोपहर ढाई बजे ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया।
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आरडीएसएस परियोजना के तहत क्षेत्र में बड़े स्तर पर बिजली सुधार कार्य चल रहे हैं। कई पुराने पोल बदले जा चुके हैं और करीब 15 नए फीडर शुरू किए जा रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा उठाए जियो स्विच और फीडर से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और चरणबद्ध तरीके से इनका समाधान कराया जाएगा। - राजेंद्र कुमार, एसडीओ, डीएचबीवीएन।
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अनाज मंडी में बैठक के बाद निकाला जुलूस
ग्रामीणों ने
आंदोलन की रूपरेखा दो दिन पहले ही तैयार कर ली गई थी। इसके तहत शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे ग्रामीण पुरानी अनाज मंडी के शेड के नीचे एकत्रित हुए। बैठक में वक्ताओं ने कहा कि कई-कई घंटों की बिजली कटौती के कारण पेयजल संकट खड़ा हो गया है और घरेलू व व्यावसायिक कार्य पूरी तरह ठप हैं। उमस भरी गर्मी में बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों का हाल बेहाल है। रात में बिजली न रहने से लोगों को जागकर गुजारनी पड़ती है। बैठक के बाद सभी ग्रामीण जुलूस के रूप में नारेबाजी करते हुए सुबह 11:30 बजे बिजली सब-स्टेशन पहुंचे और मुख्य द्वार पर धरना शुरू कर दिया। सूचना मिलते ही डिंग थाना प्रभारी निर्मल सिंह भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
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जियो स्विच लगाने और फीडर अलग करने की मांग
प्रदर्शन के दौरान आजाद जाखड़, पंकज शर्मा सहित अन्य वक्ताओं ने विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। ग्रामीणों की मुख्य मांगों में क्षेत्र को 24 घंटे निर्बाध बिजली दी जाए और अघोषित कट तुरंत बंद हों। गांव के किसी एक हिस्से में खराबी आने पर पूरे गांव की बत्ती गुल कर दी जाती है। विभाग जियो स्विच लगाए ताकि केवल प्रभावित हिस्से की बिजली कटे और बाकी गांव में आपूर्ति जारी रहे। डिंग मंडी की बिजली लाइन को अन्य गांवों से अलग किया जाए ताकि बार-बार होने वाले ट्रिपिंग से राहत मिल सके।
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एसडीओ ने दिया तर्क और एक सप्ताह का आश्वासन
दोपहर करीब 12 बजे बिजली निगम के एसडीओ राजेंद्र कुमार मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से वार्ता की। एसडीओ ने बताया कि वर्तमान में भीषण गर्मी के कारण बिजली की मांग बढ़ी है। डिंग मंडी का फीडर रूरल डोमेस्टिक फीडर है जो रूरल-अर्बन मोड पर चल रहा है। गांव कुकरथाना की अंडरग्राउंड केबल खराब होने के कारण उसे अस्थायी रूप से इस फीडर से जोड़ा गया था। नई केबल बिछते ही कुकरथाना को अलग कर दिया जाएगा। वहीं गांव गदली आधिकारिक रूप से इसी फीडर का हिस्सा है। कुछ बिजली कट उच्च स्तर (ग्रिड) से लग रहे हैं जो उनके नियंत्रण में नहीं हैं। एसडीओ राजेंद्र कुमार ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि एक सप्ताह के भीतर उनकी समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। इस आश्वासन के बाद दोपहर ढाई बजे ग्रामीणों ने धरना समाप्त कर दिया।
आरडीएसएस परियोजना के तहत क्षेत्र में बड़े स्तर पर बिजली सुधार कार्य चल रहे हैं। कई पुराने पोल बदले जा चुके हैं और करीब 15 नए फीडर शुरू किए जा रहे हैं। ग्रामीणों द्वारा उठाए जियो स्विच और फीडर से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाएगा और चरणबद्ध तरीके से इनका समाधान कराया जाएगा। - राजेंद्र कुमार, एसडीओ, डीएचबीवीएन।