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छात्राओं को अश्लील मूवी दिखाने का मामला, शिक्षा विभाग ने आरोपी कंप्यूटर लैब असिस्टेंट को टर्मिनेट किया
Updated Tue, 02 Oct 2018 12:55 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो।
ओढां। क्षेत्र के गांव के सरकारी स्कूल में छात्राओं को अश्लील मूवी व अश्लील साहित्य दिखाने का मामला तूल पकड़ गया है। सोमवार को अभिभावकों ने किसी भी छात्र को स्कूल नहीं भेजा। अभिभावकों की मांग है कि जब तक मामले की पूर्ण जांच कर एवं आरोपी के एक सहयोगी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो जाती तब तक वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। कार्यवाहक खंड शिक्षा अधिकारी एवं थाना प्रभारी ने गांव में पहुंचकर अभिभावकों के साथ वार्ता की लेकिन लोग नहीं माने। हालांकि पुलिस इस मामले में आरोपी के खिलाफ पोक्सो एवं एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। स्कूल में कक्षा छठी से 10वीं तक 173 विद्यार्थी हैं। जिनमें सोमवार को कोई भी स्कूल में नहीं पहुंचा। लेकिन प्राइमरी स्कूल के बच्चे उपस्थित रहे। स्कूल में सातवीं के विद्यार्थियों की सक्षम परीक्षा थी। ऐसे में विद्यार्थी परीक्षा भी नहीं दे पाए।
सोमवार को ओढ़ा खंड के गांव में स्पीकर के जरिए मुनादी करवाई गई की कोई भी विद्यार्थी स्कूल में नहीं जाएगा। काफी संख्या में ग्रामीण स्कूल के पास एकत्रित हो गए। मामले की सूचना पाकर कार्यवाहक खंड शिक्षा अधिकारी हरमेल सिंह व थाना प्रभारी काशीराम बैनीवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि पुलिस व शिक्षा विभाग ने आरोपी शिक्षक गुरप्रीत के खिलाफ कार्रवाई कर दी है। इसलिए इस मामले को तूल न देकर बच्चों को स्कूल भेजें। लेकिन ग्रामीणों का कहना था कि इस मामले में गुरप्रीत के अलावा भी स्कूल में ऐसे शिक्षक हैं जिन्हें विद्यार्थियों ने अवगत भी करवाया। लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया जिसके चलते ये पूरा प्रकरण हुआ है। लोगों ने स्कूल के शिक्षक मनोज सिंगला की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना से एक दिन पूर्व छात्राओं ने उसे गुरप्रीत की हरकत बारे अवगत भी करवाया था। लेकिन उसने इंचार्ज को अवगत करवाने की बजाए आरोपी शिक्षक का बचाव कर उसका सहयोग किया है। इसलिए मनोज के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। वहीं लोगों ने स्कूल में मुख्याध्यापक की स्थायी नियुक्ति की मांग करते हुए कहा कि स्कूल के सारे स्टाफ का ही तबादला किया जाए। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपनी बेटियों को स्कूल में शिक्षकों के भरोसे पर भेजते हैं। लेकिन कुछ तथाकथित शिक्षक अपनी घटिया प्रवृति से शिक्षा शब्द को ही दागदार करने पर तुले हुए हैं। बीईओ हरमेल सिंह ने बताया कि आरोपी कंप्यूटर लैब असिस्टेंट को उसे पद से टर्मिनेट कर दिया है।
दो घंटे तक चलता रहा वार्ता का दौर
बीईओ, थाना प्रभारी व ग्राम सरपंच सहित कुछ अन्य मौजिज लोगों ने आक्रोषित लोगों को समझाया कि कानून ने अपना कार्य किया है। इसलिए स्कूल का बहिष्कार करना विद्यार्थियों के हित में नहीं है। बीईओ ने सोमवार को 7वीं कक्षा के विद्यार्थियों की होने वाली सक्षम परीक्षा का भी हवाला दिया। लेकिन ग्रामीण अपनी बात पर अड़े रहे। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि जब तक मामले की पूर्ण जांच नहीं होती व अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती तब तक वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। दोनों अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ तीन बार वार्ता का दौर चलाया। लेकिन ग्रामीण अपनी बात पर अड़े रहे। जिसके बाद अधिकारी वापिस लौट गए तो वहीं स्टाफ छुट्टी होने तक स्कूल में मौजूद रहा।
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आरोपी कंप्यूटर लैब असिस्टेंट गुरप्रीत के खिलाफ विभाग ने तुरंत कार्रवाई कर उसे न केवल पुलिस के हवाले किया अपितु उसे टर्मिनेट भी कर दिया गया है। इस मामले में विभाग ने आरोपी का कोई पक्ष नहीं लिया है। स्कूल के अन्य स्टाफ पर लगे आरोपों की भी जांच करेंगे। तबादला करना या मुख्याध्यापक की नियुक्ति करना उच्चाधिकारियों का कार्य है। हमने पूरे मामले से अधिकारियों को अवगत करवा दिया है। जो बच्चे सक्षम परीक्षा नहीं दे पाए, उनकी अनुपस्थिति ही लगेगी, परीक्षा के संबंध में विभाग को सूचित कर दिया गया है।
- हरमेल सिंह, कार्यवाहक बीईओ
इस मामले बारे मुझे शनिवार को ही पता लगा जिसके बाद मैंने इस पर तुरंत एक्शन लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया तथा पुलिस में भी शिकायत दी। विद्यार्थियों ने मुझे पहले कभी भी ऐसी कोई बात नहीं बताई।
- अमीर चंद, स्कूल इंचार्ज
इस मामले में मुझ पर बेवजह आरोप लगाए जा रहे हैं। शुक्रवार को छात्राओं ने मुझे गुरप्रीत की हरकत के बारे में बताया था। जिसके बाद मैंने स्कूल इंचार्ज को फोन पर अवगत करवाना चाहा। लेकिन वे बाहर होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो पाया। हंगामे से पूर्व शनिवार को प्रार्थना सभा के बाद जब मैंने इंचार्ज को बताना चाहा तो इससे पहले अभिभावक स्कूल में पहुंच गए और हंगामा खड़ा हो गया। मेरा नाम इसमें बेवजह लिया जा रहा है। मंगलवार को मैं बीईओ व स्कूल इंचार्ज के समक्ष अपना पक्ष रखूंगा।
- मनोज सिंगला, शिक्षक।
आरोपी के खिलाफ एक छात्रा की शिकायत पर पोक्सो एवं एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। छात्रा के ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष ब्यान भी दर्ज करवाए गए हैं। मामले की जांच डीएसपी डबवाली कर रहे हैं। आरोपी को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
- काशीराम बैनीवाल, थाना प्रभारी।
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ओढां। क्षेत्र के गांव के सरकारी स्कूल में छात्राओं को अश्लील मूवी व अश्लील साहित्य दिखाने का मामला तूल पकड़ गया है। सोमवार को अभिभावकों ने किसी भी छात्र को स्कूल नहीं भेजा। अभिभावकों की मांग है कि जब तक मामले की पूर्ण जांच कर एवं आरोपी के एक सहयोगी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो जाती तब तक वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। कार्यवाहक खंड शिक्षा अधिकारी एवं थाना प्रभारी ने गांव में पहुंचकर अभिभावकों के साथ वार्ता की लेकिन लोग नहीं माने। हालांकि पुलिस इस मामले में आरोपी के खिलाफ पोक्सो एवं एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायिक हिरासत में भेज चुकी है। स्कूल में कक्षा छठी से 10वीं तक 173 विद्यार्थी हैं। जिनमें सोमवार को कोई भी स्कूल में नहीं पहुंचा। लेकिन प्राइमरी स्कूल के बच्चे उपस्थित रहे। स्कूल में सातवीं के विद्यार्थियों की सक्षम परीक्षा थी। ऐसे में विद्यार्थी परीक्षा भी नहीं दे पाए।
सोमवार को ओढ़ा खंड के गांव में स्पीकर के जरिए मुनादी करवाई गई की कोई भी विद्यार्थी स्कूल में नहीं जाएगा। काफी संख्या में ग्रामीण स्कूल के पास एकत्रित हो गए। मामले की सूचना पाकर कार्यवाहक खंड शिक्षा अधिकारी हरमेल सिंह व थाना प्रभारी काशीराम बैनीवाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि पुलिस व शिक्षा विभाग ने आरोपी शिक्षक गुरप्रीत के खिलाफ कार्रवाई कर दी है। इसलिए इस मामले को तूल न देकर बच्चों को स्कूल भेजें। लेकिन ग्रामीणों का कहना था कि इस मामले में गुरप्रीत के अलावा भी स्कूल में ऐसे शिक्षक हैं जिन्हें विद्यार्थियों ने अवगत भी करवाया। लेकिन उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया जिसके चलते ये पूरा प्रकरण हुआ है। लोगों ने स्कूल के शिक्षक मनोज सिंगला की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि घटना से एक दिन पूर्व छात्राओं ने उसे गुरप्रीत की हरकत बारे अवगत भी करवाया था। लेकिन उसने इंचार्ज को अवगत करवाने की बजाए आरोपी शिक्षक का बचाव कर उसका सहयोग किया है। इसलिए मनोज के खिलाफ भी कार्रवाई की जाए। वहीं लोगों ने स्कूल में मुख्याध्यापक की स्थायी नियुक्ति की मांग करते हुए कहा कि स्कूल के सारे स्टाफ का ही तबादला किया जाए। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपनी बेटियों को स्कूल में शिक्षकों के भरोसे पर भेजते हैं। लेकिन कुछ तथाकथित शिक्षक अपनी घटिया प्रवृति से शिक्षा शब्द को ही दागदार करने पर तुले हुए हैं। बीईओ हरमेल सिंह ने बताया कि आरोपी कंप्यूटर लैब असिस्टेंट को उसे पद से टर्मिनेट कर दिया है।
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दो घंटे तक चलता रहा वार्ता का दौर
बीईओ, थाना प्रभारी व ग्राम सरपंच सहित कुछ अन्य मौजिज लोगों ने आक्रोषित लोगों को समझाया कि कानून ने अपना कार्य किया है। इसलिए स्कूल का बहिष्कार करना विद्यार्थियों के हित में नहीं है। बीईओ ने सोमवार को 7वीं कक्षा के विद्यार्थियों की होने वाली सक्षम परीक्षा का भी हवाला दिया। लेकिन ग्रामीण अपनी बात पर अड़े रहे। उन्होंने स्पष्ट करते हुए कहा कि जब तक मामले की पूर्ण जांच नहीं होती व अन्य आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती तब तक वे अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजेंगे। दोनों अधिकारियों ने ग्रामीणों के साथ तीन बार वार्ता का दौर चलाया। लेकिन ग्रामीण अपनी बात पर अड़े रहे। जिसके बाद अधिकारी वापिस लौट गए तो वहीं स्टाफ छुट्टी होने तक स्कूल में मौजूद रहा।
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आरोपी कंप्यूटर लैब असिस्टेंट गुरप्रीत के खिलाफ विभाग ने तुरंत कार्रवाई कर उसे न केवल पुलिस के हवाले किया अपितु उसे टर्मिनेट भी कर दिया गया है। इस मामले में विभाग ने आरोपी का कोई पक्ष नहीं लिया है। स्कूल के अन्य स्टाफ पर लगे आरोपों की भी जांच करेंगे। तबादला करना या मुख्याध्यापक की नियुक्ति करना उच्चाधिकारियों का कार्य है। हमने पूरे मामले से अधिकारियों को अवगत करवा दिया है। जो बच्चे सक्षम परीक्षा नहीं दे पाए, उनकी अनुपस्थिति ही लगेगी, परीक्षा के संबंध में विभाग को सूचित कर दिया गया है।
- हरमेल सिंह, कार्यवाहक बीईओ
इस मामले बारे मुझे शनिवार को ही पता लगा जिसके बाद मैंने इस पर तुरंत एक्शन लेकर उच्चाधिकारियों को अवगत करवाया तथा पुलिस में भी शिकायत दी। विद्यार्थियों ने मुझे पहले कभी भी ऐसी कोई बात नहीं बताई।
- अमीर चंद, स्कूल इंचार्ज
इस मामले में मुझ पर बेवजह आरोप लगाए जा रहे हैं। शुक्रवार को छात्राओं ने मुझे गुरप्रीत की हरकत के बारे में बताया था। जिसके बाद मैंने स्कूल इंचार्ज को फोन पर अवगत करवाना चाहा। लेकिन वे बाहर होने के कारण उनसे संपर्क नहीं हो पाया। हंगामे से पूर्व शनिवार को प्रार्थना सभा के बाद जब मैंने इंचार्ज को बताना चाहा तो इससे पहले अभिभावक स्कूल में पहुंच गए और हंगामा खड़ा हो गया। मेरा नाम इसमें बेवजह लिया जा रहा है। मंगलवार को मैं बीईओ व स्कूल इंचार्ज के समक्ष अपना पक्ष रखूंगा।
- मनोज सिंगला, शिक्षक।
आरोपी के खिलाफ एक छात्रा की शिकायत पर पोक्सो एवं एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। छात्रा के ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष ब्यान भी दर्ज करवाए गए हैं। मामले की जांच डीएसपी डबवाली कर रहे हैं। आरोपी को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
- काशीराम बैनीवाल, थाना प्रभारी।