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Hindi News ›   Haryana ›   Controversy in CM's public dialogue: Despite 1200 policemen and 50 CID, protesters reached near CM

सीएम के जनसंवाद में विवाद: 1200 पुलिसकर्मी और 50 सीआईडी के बावजूद सीएम के नजदीक पहुंचे प्रदर्शनकारी

Sun, 14 May 2023 01:22 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो भूपेंद्र पंवार, संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
भूपेंद्र पंवार, संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा) Updated Sun, 14 May 2023 01:22 AM IST
सार

आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की तो पुलिस ने हिरासत में लिया और मुख्यमंत्री की सुरक्षा बढ़ाई गई।  एक व्यक्ति ने माइक लेकर कहा कि फ्री बिजली-पानी कब दोगे, सीएम बोले- मैं फ्री पानी पिलाता हूं। 1200 से ज्यादा पुलिस कर्मचारी और 50 से ज्यादा सीआईडी कर्मचारी तैनात थे।

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Controversy in CM's public dialogue: Despite 1200 policemen and 50 CID, protesters reached near CM
नारेबाजी करने के दौरान प्रदर्शनकारी का मुंह दबाकर चुप करवाते हुए सुरक्षाकर्मी - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल शनिवार को सिरसा जिले के गांव खैरेकां स्थित राजकीय विद्यालय में जन संवाद करने के लिए पहुंचे। मंच पर आते ही मुख्यमंत्री ने सुरक्षा कर्मचारियों को पीछे कर दिया और जनता को आगे आकर मंच के साथ बैठने के लिए कहा। कार्यक्रम के अंतिम समय में आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी कर दी, जिससे प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।

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प्रदर्शनकारियों को आनन-फानन हिरासत में लिया गया। लेकिन बड़ा सवाल ये है कि आखिर 1200 से ज्यादा पुलिस कर्मचारियों और 50 से ज्यादा सीआईडी कर्मचारियों के बावजूद प्रशासन न तो प्रदर्शनकारियों के हाव-भाव समझ पाया और न ही उनकी रणनीति समझ पाए।

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खैरेकां में शनिवार को सुबह पहला जनसंवाद कार्यक्रम हुआ। सुबह करीब साढ़े 10 बजे मुख्यमंत्री मनोहर लाल मंच पर पहुंचे। मुख्यमंत्री ने देखा कि सुरक्षा कर्मचारी चारों तरफ खड़े हैं और मंच के ठीक सामने डी बनाई गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देखिए, रैली और जन संवाद में अंतर समझना होगा। जन संवाद के दौरान जनता से सीधा संवाद किया जाता है।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि काले कपड़े वाले (सुरक्षा कर्मचारी) पीछे हट जाएं और आमजन जो पीछे की तरफ खड़े हैं वे आगे आकर मंच के ठीक सामने बैठ जाएं। इसके बाद मुख्यमंत्री ने आमजन से सीधी बात की।

जनसंवाद के लिए पुलिस के घेरे में जाते मुख्यमंत्री मनोहर लाल। संवाद
माइक जनता के बीच थे। ऐसे में अचानक कहीं से माइक पर आवाज आई कि मुख्यमंत्री जी फ्री बिजली और पानी कब दोगे। इस पर तुरंत रिएक्शन दिखाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अरे, किसके हाथ में है माइक।

 

आगे आ, मैं फ्री पिलाता हूं पानी। उक्त व्यक्ति भीड़ में गुम हो गया और सामने नहीं आया। मुख्यमंत्री ने कहा कि इनकी मंशा समझ में आ रही है। उन्होंने एक कहानी के माध्यम से उदाहरण देते हुए कहा कि हम इतना सक्षम बनाना चाहते हैं कि लोग अपने खर्चे स्वयं वहन कर सकें, न कि मुफ्त की चीजों पर आस लगाए।


विरोध की थी आशंका, लेकिन स्थिति को नहीं संभाल पाया प्रशासन
मुख्यमंत्री के आने से पहले ही जिले में विरोध किए जाने की चेतावनी जारी हुई थी। इसके बावजूद सुरक्षा कर्मचारी मौके पर स्थिति को नहीं संभाल पाए। हुआ यूं कि आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता एक-एक करके जन संवाद कार्यक्रम में प्रवेश कर गए। उन्हें सुरक्षा कर्मचारियों ने देखा भी और टोका भी, लेकिन प्रदर्शनकारियों की मंशा नहीं समझ पाए।

शिकायतें सुनी तो अचानक शुरू हो गई नारेबाजी
कार्यक्रम समाप्ति के दौरान जब मुख्यमंत्री शिकायतें व्यक्तिगत रूप से प्राप्त कर रहे थे तो अचानक कुछ लोगों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। इससे अफरा-तफरी का माहौल पैदा हो गया। सुरक्षा कर्मचारियों ने तुरंत प्रदर्शनकारियों को काबू करने का प्रयास किया, लेकिन वे बिखर गए और नियंत्रण में नहीं आए। प्रदर्शनकारियों में महिलाएं भी शामिल थीं। सुरक्षा कर्मचारियों ने प्रदर्शनकारियों के मुंह भी दबोचे ताकि वे नारेबाजी न करें। बाद में प्रदर्शनकारियों को धक्का देते हुए कार्यक्रम स्थल से बाहर ले गए और हिरासत में ले लिया।



गांव साहुवाला प्रथम में संदिग्धों को गुरुद्वारा में ठहराया, मुख्यमंत्री के काफिले को बडागुढ़ा की तरफ किया रवाना
नारेबाजी की घटना के तुरंत बाद मुख्यमंत्री की सुरक्षा बढ़ा दी गई। सुरक्षा कर्मचारी घेरा बनाकर काफिले की गाड़ियों के चारों तरफ खड़े हो गए। भारी सुरक्षा के बीच मुख्यमंत्री को अगले कार्यक्रम के लिए रवाना किया गया। इसके अलावा नेशनल हाइवे पर साहुवाला प्रथम गांव के पास भी विरोध प्रदर्शन की सूचना के बाद भारी पुलिस बल तैनात किया गया। बताया जा रहा है कि गांव साहुवाला प्रथम में आशंकित प्रदर्शनकारियों को गुरुद्वारा में कुछ समय के लिए ठहरा दिया गया और मुख्यमंत्री के काफिले को बडागुढ़ा की तरफ रवाना किया।

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