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Sirsa News: इंडियन पोटाश लिमिटेड के गैर-सब्सिडी वाले उर्वरकों की बिक्री पर लगाई रोक, सिरसा के बजाय जींद-झज्जर में सप्लाई की
Tue, 13 Oct 2026 10:27 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Tue, 13 Oct 2026 10:27 PM IST
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सिरसा। रबी सीजन में किसानों तक खाद की समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए हरियाणा कृषि विभाग ने सख्त कदम उठाया है। उर्वरकों की रैक निर्धारित स्थानों पर नहीं लगाने के मामले में मेसर्स इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) के गैर-सब्सिडी वाले उर्वरकों की बिक्री पर रोक लगा दी गई है। कंपनी का बिक्री प्राधिकरण आगामी आदेशों तक तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
कृषि विभाग के निदेशक एवं अधिसूचित प्राधिकारी अमित खत्री ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। विभाग ने सभी उर्वरक आपूर्तिकर्ताओं को निर्देश दिए थे कि राज्य में कहीं भी रैक लगाने से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य खाद की जरूरत वाले जिलों में समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
सिरसा की जगह झज्जर व जींद में लगाई रैक
आईपीएल को सिरसा और सातरोड, हिसार में डीएपी की रैक को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कंपनी ने निर्धारित स्थानों के बजाय झज्जर और जींद में रैक लगाई। इससे सिरसा में डीएपी की आपूर्ति में देरी हुई। सातरोड के लिए दिए गए निर्देशों की भी अवहेलना की गई। कृषि विभाग ने अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में कंपनी को कई बार चेतावनी दी थी। इसके बावजूद निर्देशों का पालन नहीं हुआ। इससे उर्वरक वितरण व्यवस्था प्रभावित हुई और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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आगामी आदेशों तक बिक्री रहेगी बंद
विभाग ने फर्टिलाइजर (कंट्रोल) ऑर्डर, 1985 के क्लॉज 31 के तहत कार्रवाई की है। आईपीएल का 31 मई 2017 को जारी मेमोरेंडम ऑफ एक्नॉलेजमेंट नंबर 01 निलंबित कर दिया गया है। यह प्राधिकरण 30 जून 2030 तक वैध था। संबंधित अधिकारियों को कंपनी के गैर-सब्सिडी वाले उर्वरकों की बिक्री तत्काल रुकवाने के निर्देश दिए गए हैं।
उप कृषि निदेशक डॉ. विनोद कुमार फोगाट ने कहा कि सिरसा में डीएपी सहित अन्य उर्वरकों की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। रैक पॉइंट से बिक्री केंद्रों तक वितरण पर नजर है। उन्होंने बताया कि विभागीय निर्देशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रबी सीजन में किसानों तक खाद पहुंचाना प्राथमिकता है।
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कृषि विभाग के निदेशक एवं अधिसूचित प्राधिकारी अमित खत्री ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। विभाग ने सभी उर्वरक आपूर्तिकर्ताओं को निर्देश दिए थे कि राज्य में कहीं भी रैक लगाने से पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगा। इसका उद्देश्य खाद की जरूरत वाले जिलों में समय पर आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
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सिरसा की जगह झज्जर व जींद में लगाई रैक
आईपीएल को सिरसा और सातरोड, हिसार में डीएपी की रैक को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद कंपनी ने निर्धारित स्थानों के बजाय झज्जर और जींद में रैक लगाई। इससे सिरसा में डीएपी की आपूर्ति में देरी हुई। सातरोड के लिए दिए गए निर्देशों की भी अवहेलना की गई। कृषि विभाग ने अक्तूबर के प्रथम सप्ताह में कंपनी को कई बार चेतावनी दी थी। इसके बावजूद निर्देशों का पालन नहीं हुआ। इससे उर्वरक वितरण व्यवस्था प्रभावित हुई और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
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आगामी आदेशों तक बिक्री रहेगी बंद
विभाग ने फर्टिलाइजर (कंट्रोल) ऑर्डर, 1985 के क्लॉज 31 के तहत कार्रवाई की है। आईपीएल का 31 मई 2017 को जारी मेमोरेंडम ऑफ एक्नॉलेजमेंट नंबर 01 निलंबित कर दिया गया है। यह प्राधिकरण 30 जून 2030 तक वैध था। संबंधित अधिकारियों को कंपनी के गैर-सब्सिडी वाले उर्वरकों की बिक्री तत्काल रुकवाने के निर्देश दिए गए हैं।
उप कृषि निदेशक डॉ. विनोद कुमार फोगाट ने कहा कि सिरसा में डीएपी सहित अन्य उर्वरकों की उपलब्धता पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। रैक पॉइंट से बिक्री केंद्रों तक वितरण पर नजर है। उन्होंने बताया कि विभागीय निर्देशों की अवहेलना बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रबी सीजन में किसानों तक खाद पहुंचाना प्राथमिकता है।