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Sirsa News: फर्जी फर्म मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तारी शेष, एसीबी ने शुरू की धरपकड़
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सिरसा। फर्जी फर्मों के मामले में स्टेट विजिलेंस ब्यूरो हिसार की ओर से वर्ष 2022 में दर्ज की गई एफआईआर में आबकारी एवं कराधान विभाग के ईटीओ संत स्वरूप की गिरफ्तारी के बाद अन्य आरोपियों की धड़कनें तेज हो गई हैं। इस मामले में पुलिस ने आरोपी पदम बंसल व उसके बेटे अमित बंसल सहित कई अन्य को गिरफ्तार किया था। उक्त सभी को कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।
एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) सिरसा के प्रभारी सत्यवान ने बताया कि इस मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तार अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि आरोपियों पर इस मामले में फर्जी फर्म बनाकर लाखों का रिफंड हासिल करने का आरोप है।
आरोपी ईटीओ संत स्वरूप वर्ष 2010 से 2015 तक सिरसा में स्टेनो के पद पर था। अब उसकी तैनाती पंचकूला में ईटीओ के पद भी थी। एसीबी को कोर्ट से आरोपी का पुलिस रिमांड नहीं मिला। आरोपी ने बताया है कि रिफंड दिलाने के बदले उसे पांच प्रतिशत कमीशन मिलता था। आरोपी को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, इस एफआईआर में ये मामला 58 करोड़ का नहीं बल्कि लाखों का रिफंड हासिल करने का है।
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10 जुलाई को दर्ज केस में गिरफ्तारियां बाकी
वहीं 10 जुलाई को एसीबी हिसार की ओर से आरोपी पदम बंसल व उसके बेटे अमित बंसल सहित डीईसीटी विभाग के छह सेवानिवृत्त अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आरोपियों ने हाईकोर्ट में एफआईआर रद्द करने की याचिका दायर कर रखी है। 20 नवंबर को हाईकोर्ट याचिका पर फैसला सुनाएगी।
हाईकोर्ट दे चुका है सुनवाई स्थगित करने का निर्देश
फर्जी फर्मों के मामले में सिरसा जिले में दर्ज 25 केसों की सुनवाई पर हाई कोर्ट ट्रायल कोर्ट को निर्देश दे चुका है कि वह मामले को हाईकोर्ट के समक्ष निर्धारित तिथि से आगे स्थगित कर दे। सभी आरोपियों ने हाईकोर्ट में एफआईआर को रद्द करने की मांग को याचिका दायर की हुई है। आरोपियों याचिका में मांग की है कि एफआईआर को रद्द किया जाए क्योंकि आरोपी का कथित अपराध हरियाणा वैट अधिनियम 2003 के प्रावधानों के अंतर्गत आता है। उक्त अधिनियम एक विशेष अधिनियम होने के कारण आईपीसी के सामान्य प्रावधानों पर प्रबल होगा।
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एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) सिरसा के प्रभारी सत्यवान ने बताया कि इस मामले में दो आरोपियों की गिरफ्तार अभी बाकी है। उन्होंने बताया कि आरोपियों पर इस मामले में फर्जी फर्म बनाकर लाखों का रिफंड हासिल करने का आरोप है।
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आरोपी ईटीओ संत स्वरूप वर्ष 2010 से 2015 तक सिरसा में स्टेनो के पद पर था। अब उसकी तैनाती पंचकूला में ईटीओ के पद भी थी। एसीबी को कोर्ट से आरोपी का पुलिस रिमांड नहीं मिला। आरोपी ने बताया है कि रिफंड दिलाने के बदले उसे पांच प्रतिशत कमीशन मिलता था। आरोपी को कोर्ट ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, इस एफआईआर में ये मामला 58 करोड़ का नहीं बल्कि लाखों का रिफंड हासिल करने का है।
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10 जुलाई को दर्ज केस में गिरफ्तारियां बाकी
वहीं 10 जुलाई को एसीबी हिसार की ओर से आरोपी पदम बंसल व उसके बेटे अमित बंसल सहित डीईसीटी विभाग के छह सेवानिवृत्त अधिकारियों के खिलाफ केस दर्ज में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। आरोपियों ने हाईकोर्ट में एफआईआर रद्द करने की याचिका दायर कर रखी है। 20 नवंबर को हाईकोर्ट याचिका पर फैसला सुनाएगी।
हाईकोर्ट दे चुका है सुनवाई स्थगित करने का निर्देश
फर्जी फर्मों के मामले में सिरसा जिले में दर्ज 25 केसों की सुनवाई पर हाई कोर्ट ट्रायल कोर्ट को निर्देश दे चुका है कि वह मामले को हाईकोर्ट के समक्ष निर्धारित तिथि से आगे स्थगित कर दे। सभी आरोपियों ने हाईकोर्ट में एफआईआर को रद्द करने की मांग को याचिका दायर की हुई है। आरोपियों याचिका में मांग की है कि एफआईआर को रद्द किया जाए क्योंकि आरोपी का कथित अपराध हरियाणा वैट अधिनियम 2003 के प्रावधानों के अंतर्गत आता है। उक्त अधिनियम एक विशेष अधिनियम होने के कारण आईपीसी के सामान्य प्रावधानों पर प्रबल होगा।