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‘बम के बदले बम’ थ्योरी पर कराए थे ब्लास्ट
सुशील गंभीर/अमर उजाला, पंचकूला
Updated Sat, 25 Jan 2014 10:13 AM IST
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समझौता ब्लास्ट मामले में वारदात के सात साल बाद आरोपियों पर आरोप तय हुए हैं। इस वारदात में एनआईए की अब तक दो चार्जशीट आई हैं। 20 जून 2011 को कोर्ट में दाखिल पहली चार्जशीट के मुताबिक ये धमाके बम के बदले बम थ्योरी पर किए गए।
चार्जशीट में कहा गया है कि स्वामी असीमानंद आतंकवादियों की तरफ से धार्मिक स्थलों पर हो रहे हमलों से काफी चिंतित थे। इस चिंता को उन्होंने अपने करीबी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, आरएसएस प्रचारक सुनील जोशी व भरत भाई के साथ भी शेयर किया। इसके बाद बदला लेने के लिए थ्योरी बनी ‘बम का बदला बम’।
चार्जशीट के मुताबिक, जून 2006 में भरत भाई के साथ वलसाद गुजरात स्थित घर पर एक मीटिंग हुई, जिसमें स्वामी असीमानंद, साध्वी प्रज्ञा, सुनील जोशी, संदीप ढांगी, राम जी कलसांगरे, लोकेश शर्मा, अमित व भरत भाई शामिल हुए।
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इस मीटिंग में स्वामी असीमानंद ने कहा कि आतंकवादियों के इन हमलों का बदला लेना है, जिस पर सभी ने सहमति जताई।
जोशी ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर होने वाले हमले में श्रद्धालु मारे जा रहे हैं और सरकार समझौता ट्रेन चला रही है। तभी ढांगी ने जवाब दिया कि समझौता को ही नष्ट कर देंगे।
उसके बाद स्वामी असीमानंद ने समझौता एक्सप्रेस के साथ-साथ अजमेर, मालेगांव व हैदराबाद में भी ब्लास्ट करने का सुझाव दिया, जिसकी जिम्मेदारी सुनील जोशी ने ली।
लोकेश, अमित ने रखा था बम : चार्जशीट
दूसरी चार्जशीट नौ अगस्त 2012 में आई। इसमें एनआईए ने कहा कि 2006 में कमल चौहान, कलसांगरे, लोकेश शर्मा, अमित व राजेंद्र चौधरी ने मध्य प्रदेश के जंगलों में ट्रेनिंग ली।
इसमें पिस्टल चलाना व पाइप बम बनाना सिखाया गया। यह ट्रेनिंग सुनील जोशी ने दिलवाई थी। लोकेश शर्मा, अमित, राजेंद्र चौधरी व कमल चौहान ने ट्रेन में बम रखा था।
चार बम प्लांट किए गए थे
ट्रेन में कुल चार बम प्लांट किए गए थे। बम प्लांट करने के बाद चारों ट्रेन से जयपुर चले गए और उसके बाद बस से इंदौर पहुंचे। अभी तक रामचंद्र कलसांगरे, संदीप ढांगे व अमित नहीं पकड़े गए हैं। तीसरी चार्जशीट 12 जून 2013 को आई, जो आरोपी राजेंद्र चौधरी के खिलाफ थी।
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चार्जशीट में कहा गया है कि स्वामी असीमानंद आतंकवादियों की तरफ से धार्मिक स्थलों पर हो रहे हमलों से काफी चिंतित थे। इस चिंता को उन्होंने अपने करीबी साध्वी प्रज्ञा ठाकुर, आरएसएस प्रचारक सुनील जोशी व भरत भाई के साथ भी शेयर किया। इसके बाद बदला लेने के लिए थ्योरी बनी ‘बम का बदला बम’।
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चार्जशीट के मुताबिक, जून 2006 में भरत भाई के साथ वलसाद गुजरात स्थित घर पर एक मीटिंग हुई, जिसमें स्वामी असीमानंद, साध्वी प्रज्ञा, सुनील जोशी, संदीप ढांगी, राम जी कलसांगरे, लोकेश शर्मा, अमित व भरत भाई शामिल हुए।
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इस मीटिंग में स्वामी असीमानंद ने कहा कि आतंकवादियों के इन हमलों का बदला लेना है, जिस पर सभी ने सहमति जताई।
जोशी ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर होने वाले हमले में श्रद्धालु मारे जा रहे हैं और सरकार समझौता ट्रेन चला रही है। तभी ढांगी ने जवाब दिया कि समझौता को ही नष्ट कर देंगे।
उसके बाद स्वामी असीमानंद ने समझौता एक्सप्रेस के साथ-साथ अजमेर, मालेगांव व हैदराबाद में भी ब्लास्ट करने का सुझाव दिया, जिसकी जिम्मेदारी सुनील जोशी ने ली।
लोकेश, अमित ने रखा था बम : चार्जशीट
दूसरी चार्जशीट नौ अगस्त 2012 में आई। इसमें एनआईए ने कहा कि 2006 में कमल चौहान, कलसांगरे, लोकेश शर्मा, अमित व राजेंद्र चौधरी ने मध्य प्रदेश के जंगलों में ट्रेनिंग ली।
इसमें पिस्टल चलाना व पाइप बम बनाना सिखाया गया। यह ट्रेनिंग सुनील जोशी ने दिलवाई थी। लोकेश शर्मा, अमित, राजेंद्र चौधरी व कमल चौहान ने ट्रेन में बम रखा था।
चार बम प्लांट किए गए थे
ट्रेन में कुल चार बम प्लांट किए गए थे। बम प्लांट करने के बाद चारों ट्रेन से जयपुर चले गए और उसके बाद बस से इंदौर पहुंचे। अभी तक रामचंद्र कलसांगरे, संदीप ढांगे व अमित नहीं पकड़े गए हैं। तीसरी चार्जशीट 12 जून 2013 को आई, जो आरोपी राजेंद्र चौधरी के खिलाफ थी।