Rohtak: बाबा मस्तनाथ मठ मेले में पहुंचे योगी आदित्यनाथ, कहा- शांति की गारंटी है तो वह सनातन व भारत दे सकता है
रोहतक स्थित बाबा मस्तनाथ मठ में ब्रह्मलीन महंत चांदनाथ योगी की स्मृति में शंखढाल व मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि दुनिया की एक बड़ी आबादी मौलिक अधिकारों के साथ जी रही है। आज भारत मजबूती से एक श्रेष्ठ भारत के रूप में स्वयं को साबित कर रहा है।
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हरियाणा के रोहतक में बाबा मस्तनाथ मठ में ब्रह्मलीन महंत चांदनाथ योगी की स्मृति में शंखढाल व मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में गुरुवार को श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। बाबा मस्तनाथ मठ में देशमेले के दूसरे दिन मेले में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत, रामदेव समेत अनेक दिग्गज पहुंचे। बाबा मस्तनाथ मठ आठवें भंडारे में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और उनके बेटे सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा के साथ स्टेज पर पहुंचे और बाबा बालक नाथ से आशीर्वाद लिया।
शांति की गारंटी है तो वह सनातन व भारत दे सकता
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि संत शक्ति कभी पलायन नहीं करती, वह चुनौतियों से जूझने का जज्बा रखती है। विपरीत परिस्थितयों में धैर्य खोए बिना कार्य करना अनिवार्य होता है। क्योंकि इसका मूल उद्देश्य लोक कल्याण, सनातन धर्म को मजबूती प्रदान करना और राष्ट्र कल्याण होता है। यह बात उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने कही।
वह वीरवार को रोहतक स्थित बाबा मस्तनाथ मठ में ब्रह्मलीन महंत चांदनाथ योगी की स्मृति में शंखढाल व मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि दुनिया की एक बड़ी आबादी मौलिक अधिकारों के साथ जी रही है। आज भारत मजबूती से एक श्रेष्ठ भारत के रूप में स्वयं को साबित कर रहा है। जन जागरण, सनातन धर्म के लिए यहां के संत समर्पित हैं। अलग-अलग पंत से होने के बावजूद सभी एक हैं, यही सनातन है। बाबा मस्तनाथ मठ पर आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए सीएम उत्तर प्रदेश ने बालकनाथ योगी को साधुवाद दिया और कहा कि नाथ संप्रदाय भारत की सनातन धर्म की सफलता का वाहक है।
सभी संत, पंत, संप्रदाय, सत्य और सनातन धर्म की पुर्नस्थापना के लिए एक जुट हो कर मजबूती से कार्य कर रहे हैं। इसमें आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का प्रमुख योगदान है। अयोध्या में राममंदिर निर्माण को लेकर योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ पलायन कर गए, वह भूलकर भी इसका नाम नहीं लेना चाहते थे। लेकिन जिनको सनातन धर्म की परंपरा पर विश्वास था और मानते थे कि कर्म करना हमारा कार्य है, परिणाम तो विधाता देंगे ही। वह अडिग रहे, इसमें कोई संशय भी नहीं होना चाहिए था।
जो लोगों के लिए असंभव था, उसे संभव बनाया। हमेशा सनातन धर्म को याद रखना। जगह-जगह युद्ध हो रहे हैं, कोई अफगानिस्तान छोड़ रहा है तो कोई गाजा-पट्टी से भाग रहा होगा। विश्व में यदि शांति की गारंटी है तो वह भारत में है। यह केवल सनातन धर्म के कारण हो सकती है। जब दुनिया पर संकट आया तो हर देश पीएम नरेंद्र मोदी की ओर देख रहा था। जब 140 करोड़ की आबादी उठती है तो दुनिया की एक ताकत बनती है। इस ताकत को हमें जोड़ना होगा। यह समारोह भी उसी अभियान को मजबूती प्रदान करने के लिए है।
यह तपो स्थली है, साधना स्थली है। यह नाथ संप्रदाय के सिद्ध संतों की पवित्र स्थली है। बाबा मस्तनाथ की समाधि स्थली है। महंत चांदनाथ ने जो संकल्प लिया, अब पूरा होने जा रहा है। उनको अनुमान था कि गुरु का मंदिर बनने तक वह भौतिक रूप से नहीं रहेंगे, लेकिन आध्यात्मिक व सूक्षम रूप से अवलोकन करेंगे। इसके बाद इसके परकोटा निर्माण के कार्य को मजबूती से महंत बालकनाथ योगी ने आगे बढ़ाया। यह कार्य सराहनीय व वंदनीय है, जो एक नया संदेश दे रही है।
#WATCH | Haryana: Uttar Pradesh CM Yogi Adityanath, RSS chief Mohan Bhagwat and Yog Guru Swami Ramdev attend the Murti Pran Pratishtha ceremony in Rohtak. pic.twitter.com/rPjiYKaWe3
— ANI (@ANI) October 12, 2023
मठ में पधारे संत व अनुयायी
मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा एवं देशमेले में संघ प्रमुख मोहन भागवत, यूपी के सीएम आदित्यनाथ, योग गुरु रामदेव ने की शिरकत
योगी क्या-क्या कर सकता है सबने देखा है : रामदेव
योग परंपरा का सारा श्रेय नाथ परंपरा को जाता है। शरीर का सूक्ष्म करना, व्यक्त करना, मूर्त से अमूर्त करने जैसी सिद्धियां नाथ परंपरा में हैं। इस परंपरा ने देश को बहुत कुछ दिया है। इसमें राज योग, हठ योग शामिल हैं। योगी क्या-क्या कर सकता है, यह सबने देखा है। यह बात योग गुरु रामदेव ने वीरवार को रोहतक स्थित बाबा मस्तनाथ मठ में ब्रह्मलीन महंत चांदनाथ योगी की स्मृति में शंखढाल व मूर्ति प्राण-प्रतिष्ठा कार्यक्रम में कही।
उन्होंने कहा कि महंत बालकनाथ योगी का बालक हृदय है। लेकिन हम व्यक्ति की नहीं परंपरा का सम्मान करते हैं। यह गुरु गोरखनाथ की परंपरा है। योगी कभी मरते नहीं हैं। वह मोक्ष में रहकर भी आशीर्वाद देते हैं। यह बाबा मस्तनाथ की समाधि नहीं,, बल्कि सनातन का गौरवकाल है। राजनीति जातिगत हो सकती है, लेकिन नाथ संप्रदाय में सारी जातियों की परंपरा का समावेश है।
योग गुरु रामदेव ने यूपी के सीएम आदित्यनाथ योगी व महंत बालकनाथ योगी को सूरज चांद की तरह हठ योगी बताया। उन्होंने बताया कि वह स्वयं रोजाना योग करते हैं। वह 55 की आयु में बचपन जैसा अनुभव महसूस करते हैं। यदि देशवासी 18 घंटे पुरुषार्थ करेंगे तो हमारे देश को विश्व गुरु बनने से कौन रोक सकता है।
हमारा देश सांस्कृतिक साम्राज्य बनेगा और 2035 में ही महाशक्ति बनेगा। जब आदिनाथ भोलेनाथ और नाथ हमारे साथ हैं तो देश अनाथ कैसे हो सकता है। बालकनाथ योगी में विनम्रता, वीर्यता, शोर्य, पराक्रम, तेजसता है। उनका हाथ चांदनाथ योगी जी पकड़ा कर गए थे और अपनी गद्दी का उत्तराधिकारी बनाया था। उनका आशीर्वाद आज भी है।