रोहतक में 18 फुट गहरे गड्ढे में गिरे बाइक सवार, कमर तक दलदल में धंसे, सीढ़ी डालकर निकाला
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जिस अम्रुत प्रोजेक्ट का सपना दिखाकर नेता और अधिकारी शहर की जनता के हमदर्द बने हुए हैं, वहीं प्रोजेक्ट बेहद धीमी गति से चल रहा है। आलम यह है कि शहर के सुनारिया चौक पर ढाई माह पहले सीवरेज लाइन बिछाने के लिए खोदे गए गड्ढे में मंगलवार दोपहर दो बाइक सवार युवक गिर गए।
किसी तरह आसपास के व्यापारियों ने सीढ़ी डालकर कमर तक दलदल में धंसे युवकों को बाहर निकाला। निगम आयुक्त प्रदीप गोदारा ने पूरे मामले में न केवल रिपोर्ट तलब की है, बल्कि अमृत प्रोजेक्ट ऑफिसर को हिदायत दी कि पहले उस एरिया का काम पूरा किया जाए, जहां लाइन बिछाने के लिए सड़क खोदी गई है।
शहर में लंब समय से पानी और सीवरेज की व्यवस्था सुधारने की कमी महसूस की जा रही थी, क्योंकि पूर्व सीएम बंसीलाल के कार्यकाल में 70 के दशक के अंदर पानी और सीवरेज लाइन बिछाई गई थी। शहर में बढ़ती जनसंख्या और क्षेत्रफल के दबाव के चलते पानी और सीवरेज व्यवस्था ठप हो गई थी।
इसके चलते 2018 में केंद्र सरकार ने 300 करोड़ से रोहतक में सीवरेज और पानी लाइन बिछाने के लिए अम्रुत प्रोजेक्ट शुरू किया था। दिसंबर 2019 में प्रोजेक्ट पूरा होना था, लेकिन अभी तक सीवरेज लाइन का मात्र 25 प्रतिशत काम पूरा हुआ है। शहर में खासकर आउटर एरिया में संबंधित कंपनी ने सड़कें तो खोद दीं, लेकिन प्लानिंग के तहत काम आगे नहीं बढ़ाया जा रहा है। इसके चलते शहर के लोग परेशान हैं।
ढाई माह से खुदी पड़ी सड़क, अवरोधक न चेतावनी बोर्ड
सुनारिया चौक स्थित दुकानदार प्रदीप छिक्कारा, अजय कुमार, विजय कुमार, सुनील कुमार, डॉ. अशोक स्वामी, बिजेंद्र कुमार और पंकज ने बताया कि झज्जर चुंगी की तरफ से सुनारिया चौक तक सीवरेज की लाइन बिछाने का काम चल रहा है। चौक के ऊपर कई दिन पहले जेसीबी से गड्ढा खोद दिया। दोनों तरफ मिट्टी का ढेर लगा दिया, लेकिन न अवरोधक लगाया और न चेतावनी बोर्ड।
व्यापारियों ने बताया कि मंगलवार दोपहर बाइक पर दो युवक बाइक पर आए और गड्ढे के किनारे मिट्टी के ऊपर से निकलने लगे। अचानक बाइक का संतुलन बिगड़ गया। दोनों युवक गड्ढे में जा गिरे, जबकि राहगीरों ने बाइक को गड्ढे में गिरने से पहले पकड़ लिया, तब जाकर दोनों युवकों की जान बची, नहीं तो बाइक ऊपर गिरने से उनको गहरी चोट आ सकती थी।
लोग लेकर आए सीढ़ी, तब बाहर निकले युवक
गड्ढे में गिरने से दोनों युवक कमर तक दलदल में धंस गए, क्योंकि गड्ढे में काफी कीचड़ था। प्रत्यक्षदर्शी व्यापारियों ने बताया कि अगर दलदल की गहराई 7 फीट से ज्यादा होती तो दोनों युवकों की दलदल में डूबकर जान भी जा सकती थी। किसी तरह लोगों ने सीढ़ी गड्ढे में डालकर दोनों युवकों को 15 मिनट की जद्दोजहद के बाद बाहर निकाला। मामले की सूचना अधिकारियों को दी गई।
करीब 15 मिनट बाद पुलिस मौके पर आकर लौट गई, जबकि एक घंटे बाद निगम के अधिकारी एक गाड़ी में सवार होकर आए। तत्काल मौके पर किसी से बात करके लौट गए।
कंपनी से जवाब मांगा है : निगमायुक्त
हादसे की सूचना मिली थी। इसके बाद अम्रुत प्रोजेक्ट संचालन कंपनी के अधिकारियों से हादसे के बारे में जवाब मांगा है। साथ ही हिदायत दी है कि नई सड़क गोदने की बजाए जो सड़क गोदी गई हैं, वहां काम पूरा किया जाए। प्रदीप गोदारा, आयुक्त नगर निगम
यहां भी ध्यान दें अधिकारी
एमडीयू के गेट नंबर 1 और दो के बीच पूर्व वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु के आवास की तरफ सड़क किनारे पर सीवरेज के ढक्कन के नजदीक भी गड्ढा बना हुआ है। कभी भी राहगीर हादसे का शिकार हो सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली बाईपास स्थित भाजपा नेता सतीश नांदल के ऑफिस के सामने सड़क किनारे नाले के ऊपर का स्लैब टूटा हुआ है।