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दुष्कर्म के आरोपी को आश्रय देने पर तीन साल की कैद
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दुष्कर्म के आरोपी को आश्रय देने पर एएसजे नरेश कुमार की अदालत ने एक व्यक्ति को तीन साल कैद व तीन हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी ने अदालत में मौके पर ही जुर्माना जमा करवा दिया। साथ ही अदालत ने तीन साल की सजा के चलते जमानत दे दी।
पीड़ित पक्ष के वकील गौतम ने बताया कि 2018 में दसवीं की छात्रा ने एक थाने में शिकायत दी थी कि जिस स्कूल में वह पढ़ती थी, उसके डायरेक्टर ने उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया। किसी न किसी बहाने आरोपी उसे अपने केबिन में बुलाकर शारीरिक शोषण करने लगा। डर के मारे वह चुप रही। एक दिन उसने हिम्मत करके अपने परिजनों को पूरे मामले से अवगत कराया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने आरोपी स्कूल डायरेक्टर के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट व एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। वकील ने बताया कि आरोपी को अदालत से जमानत मिल गई थी। तभी से जिला अदालत में केस चल रहा था। केस की सुनवाई के दौरान आरोपी की बीमारी के चलते मौत हो गई।
दोस्त ने दिया था आश्रय, अदालत ने दी सजा
पीड़ित पक्ष के वकील गौतम ने बताया कि मामले की जांच के दौरान पुलिस ने रोहतक के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि मुख्य आरोपी को उसके दोस्त ने आश्रय दिया है। ऐसे में अदालत ने वीरवार को केस का निपटारा करते हुए आरोपी के दोस्त को आईपीसी की धारा 212 के तहत 3 साल कैद व 3 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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पीड़ित पक्ष के वकील गौतम ने बताया कि 2018 में दसवीं की छात्रा ने एक थाने में शिकायत दी थी कि जिस स्कूल में वह पढ़ती थी, उसके डायरेक्टर ने उसका उत्पीड़न शुरू कर दिया। किसी न किसी बहाने आरोपी उसे अपने केबिन में बुलाकर शारीरिक शोषण करने लगा। डर के मारे वह चुप रही। एक दिन उसने हिम्मत करके अपने परिजनों को पूरे मामले से अवगत कराया। मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पुलिस ने आरोपी स्कूल डायरेक्टर के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट व एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था। वकील ने बताया कि आरोपी को अदालत से जमानत मिल गई थी। तभी से जिला अदालत में केस चल रहा था। केस की सुनवाई के दौरान आरोपी की बीमारी के चलते मौत हो गई।
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दोस्त ने दिया था आश्रय, अदालत ने दी सजा
पीड़ित पक्ष के वकील गौतम ने बताया कि मामले की जांच के दौरान पुलिस ने रोहतक के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि मुख्य आरोपी को उसके दोस्त ने आश्रय दिया है। ऐसे में अदालत ने वीरवार को केस का निपटारा करते हुए आरोपी के दोस्त को आईपीसी की धारा 212 के तहत 3 साल कैद व 3 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
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