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Rohtak News: आईडीसी में उपचार के लिए अस्पताल न डिस्पेंसरी... मरीज लाचार
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03 शिवाजी कॉलोनी ईएसआईएसी डिस्पेंसरी में इलाज के लिए बैठे मरीज। संवाद
- फोटो : शिवगढ़ के रामगढ़ गांव में जला हुआ बिस्तर व बगल में रखा डिब्बा।
रोहतक। औद्योगिक विकास निगम (आईडीसी) में कर्मचारियों व मजूदरों के उपचार के लिए कोई अस्पताल व डिस्पेंसरी नहीं है। सफर तय करके मजदूर व कर्मचारी इलाज के लिए पहुंचते हैं। उद्यमियों का कहना है जब तक शहर के अंदर मरीज पहुंचता है तब तक वह और गंभीर हो जाता है। निजी अस्पतालों में जाएं तो वहां जेब पर असर पड़ता है।
हिसार रोड आईडीसी में उद्यमियों, कर्मचारियों व मजदूरों की सुविधा में कोई स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। मजदूर व कर्मचारियों के लिए राज्य बीमा (ईएसआईसी) की सुविधा है। कर्मचारियों से बीमा रकम भी दी जाती है। इसके बावजूद स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं।
जिले में केवल तीन डिस्पेंसरी हैं जिनमें आईएमटी खरावड़ के निकट, सांपला व रोहतक के शिवाजी कॉलोनी में डिस्पेंसरी है जबकि पुराने औद्योगिक क्षेत्र में कोई डिस्पेंसरी नहीं है।
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वर्जन
शहर में ईएसआईसी प्लान के अनुसार सभी कर्मचारियाें का शिवाजी कॉलोनी डिस्पेंसरी में उपचार किया जा रहा है। आईएमटी औद्योगिक क्षेत्र के लिए भी खरावड़ के पास डिस्पेंसरी है। -डॉ. होशियार सिंह, चिकित्सक, ईएसआई डिस्पेंसरी शिवाजी कॉलोनी।
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फोटो : 04
औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कामगारों के लिए चिकित्सा की सुविधा नहीं है। कामगारों की ओर से प्रत्येक माह स्वास्थ्य का बीमा भी भरा जाता है। अधिकारियों को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। -सुरेंद्र सानेवाल, प्रधान, रोहतक आईडीसी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन।
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फोटो : 05
आईडीसी में डिस्पेंसरी न होने के कारण कर्मचारियों का भटकना पड़ता है। बीमा निगम की डिस्पेंसरी न होने से निजी अस्पतालों में चक्कर लगाने पड़ते हैं। मजदूरों की जेब पर भी खर्च पड़ता है। -पवन कुमार, आईडीसी औद्योगिक कर्मचारी।
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फोटो : 06
आपातकाल में कोई चिकित्सा सुविधा लेनी हो तो काई प्रबंध नहीं है। अगर इलाज की जरूरत पड़ जाए तो शहर के अंदर भी छुट्टी लेकर जाना पड़ता है। गेट पास 30 मिनट के लिए मिलता है। -राकेश कुमार, आईडीसी औद्योगिक कर्मचारी।
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हिसार रोड आईडीसी में उद्यमियों, कर्मचारियों व मजदूरों की सुविधा में कोई स्वास्थ्य केंद्र नहीं है। मजदूर व कर्मचारियों के लिए राज्य बीमा (ईएसआईसी) की सुविधा है। कर्मचारियों से बीमा रकम भी दी जाती है। इसके बावजूद स्वास्थ्य सुविधाओं से वंचित हैं।
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जिले में केवल तीन डिस्पेंसरी हैं जिनमें आईएमटी खरावड़ के निकट, सांपला व रोहतक के शिवाजी कॉलोनी में डिस्पेंसरी है जबकि पुराने औद्योगिक क्षेत्र में कोई डिस्पेंसरी नहीं है।
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वर्जन
शहर में ईएसआईसी प्लान के अनुसार सभी कर्मचारियाें का शिवाजी कॉलोनी डिस्पेंसरी में उपचार किया जा रहा है। आईएमटी औद्योगिक क्षेत्र के लिए भी खरावड़ के पास डिस्पेंसरी है। -डॉ. होशियार सिंह, चिकित्सक, ईएसआई डिस्पेंसरी शिवाजी कॉलोनी।
फोटो : 04
औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कामगारों के लिए चिकित्सा की सुविधा नहीं है। कामगारों की ओर से प्रत्येक माह स्वास्थ्य का बीमा भी भरा जाता है। अधिकारियों को कई बार पत्र लिखा जा चुका है। -सुरेंद्र सानेवाल, प्रधान, रोहतक आईडीसी इंडस्ट्रीज एसोसिएशन।
फोटो : 05
आईडीसी में डिस्पेंसरी न होने के कारण कर्मचारियों का भटकना पड़ता है। बीमा निगम की डिस्पेंसरी न होने से निजी अस्पतालों में चक्कर लगाने पड़ते हैं। मजदूरों की जेब पर भी खर्च पड़ता है। -पवन कुमार, आईडीसी औद्योगिक कर्मचारी।
फोटो : 06
आपातकाल में कोई चिकित्सा सुविधा लेनी हो तो काई प्रबंध नहीं है। अगर इलाज की जरूरत पड़ जाए तो शहर के अंदर भी छुट्टी लेकर जाना पड़ता है। गेट पास 30 मिनट के लिए मिलता है। -राकेश कुमार, आईडीसी औद्योगिक कर्मचारी।

03 शिवाजी कॉलोनी ईएसआईएसी डिस्पेंसरी में इलाज के लिए बैठे मरीज। संवाद- फोटो : शिवगढ़ के रामगढ़ गांव में जला हुआ बिस्तर व बगल में रखा डिब्बा।

03 शिवाजी कॉलोनी ईएसआईएसी डिस्पेंसरी में इलाज के लिए बैठे मरीज। संवाद- फोटो : शिवगढ़ के रामगढ़ गांव में जला हुआ बिस्तर व बगल में रखा डिब्बा।

03 शिवाजी कॉलोनी ईएसआईएसी डिस्पेंसरी में इलाज के लिए बैठे मरीज। संवाद- फोटो : शिवगढ़ के रामगढ़ गांव में जला हुआ बिस्तर व बगल में रखा डिब्बा।