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Rohtak News: एमडीयू से जुड़े सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा के तार
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अभ्यर्थियों से ठगी करने वाले आरोपी धीरज का कराैंथा स्थित घर। संवाद
- फोटो : Samvad
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा पास कराने नाम पर अभ्यर्थियों से हुई ठगी के तार एमडीयू से जुड़ रहे हैं। इस मामले में फरार आरोपी पवन एमडीयू का एक पूर्व स्कॉलर पर अतिथि अध्यापक बताया गया है। पिछले कुछ दिनों से यह विवि परिसर में भी नजर नहीं आया है।
यूजीसी नेट परीक्षा मामला गंभीर बनता जा रहा है। इस मामले में शिक्षकों के शामिल होने से इन्कार नहीं किया जा सकता। परीक्षार्थियों से ठगी के आरोपी धीरज का एमडीयू के सामने कोचिंग चलाना व एमडीयू के पूर्व स्कॉलर एवं वर्तमान अतिथि अध्यापक का नाम सामने आना इसी ओर संकेत कर रहा है।
यही नहीं, पकड़े गए परीक्षार्थियों में से कुछ शिक्षक परिवार से बताए गए हैं। इन शिक्षकों व आरोपियों के बीच संपर्क रहा है। इस मामले में शुरुआती कार्रवाई करने वाली टीम को इस संबंध में पुख्ता सबूत मिले हैं। यही नहीं, आरोपी पवन ही धीरज के लिए ग्राहक यानी परीक्षा पास करने के इच्छुक परीक्षार्थी लाने का कम करता था।
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यह गिरोह गोहाना की एक कबड्डी अकादमी से पकड़ा गया है। 17 दिसंबर को सीएम फ्लाइंग व पुलिस ने छापा डाला था। इस कार्रवाई में रोहतक, सोनीपत व पानीपत जिले की आठ टीमों ने रातभर कार्रवाई की। इसमें सीआईए, एसटीएफ व महिला थाना पुलिस शामिल रही। यहां एक निजी इंस्टीट्यूट चल रहा था। यह संस्थान राबिन खोखर का बताया गया है। इसका नाम पहले एक पेपर लीक मामले में आ चुका है। इसमें यह जमानत पर बताया गया है।
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आरोपी धीरज व नीरज की बहन बोली-मेरे भाई को फंसाया गया
- ज्योति ने कहा-इस तरह का गलत काम नहीं कर सकते मेरे भाई
रोहतक। मेरे भाई को फंसाया गया है। वे इस तरह का गलत काम नहीं कर सकते। बड़े भाई शुरू से ही पढ़ाई से जुड़े रहे हैं। पढ़ाई में रुचि होने के चलते बच्चों को पढ़ाते हैं। यह कहना है करौंथा निवासी धीरज की बहन ज्योति का। अमर उजाला से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि पहले वह एमडीयू के पास एक मॉल में कोचिंग सेंटर चलाते थे। अब सेंटर नहीं चला रहे हैं। अब भी बिना सेंटर के बच्चों को पढ़ाते हैं।
कॉलेज समय में मैं खुद भी उन्हीं से पढ़ी हूं। बड़े भाई 17 दिसंबर को घर से गए थे। इसके बाद से वापस नहीं आए हैं। वह कहां हैं, पता नहीं। पुलिस के पास गए तो उल्टा कहते हैं कि यह बोलने से क्या फायदा, आपको तो पता ही है। इस बारे में शिकायत नहीं दी गई है। ब्यूरो
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रोहतक। सीएसआईआर-यूजीसी नेट परीक्षा पास कराने नाम पर अभ्यर्थियों से हुई ठगी के तार एमडीयू से जुड़ रहे हैं। इस मामले में फरार आरोपी पवन एमडीयू का एक पूर्व स्कॉलर पर अतिथि अध्यापक बताया गया है। पिछले कुछ दिनों से यह विवि परिसर में भी नजर नहीं आया है।
यूजीसी नेट परीक्षा मामला गंभीर बनता जा रहा है। इस मामले में शिक्षकों के शामिल होने से इन्कार नहीं किया जा सकता। परीक्षार्थियों से ठगी के आरोपी धीरज का एमडीयू के सामने कोचिंग चलाना व एमडीयू के पूर्व स्कॉलर एवं वर्तमान अतिथि अध्यापक का नाम सामने आना इसी ओर संकेत कर रहा है।
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यही नहीं, पकड़े गए परीक्षार्थियों में से कुछ शिक्षक परिवार से बताए गए हैं। इन शिक्षकों व आरोपियों के बीच संपर्क रहा है। इस मामले में शुरुआती कार्रवाई करने वाली टीम को इस संबंध में पुख्ता सबूत मिले हैं। यही नहीं, आरोपी पवन ही धीरज के लिए ग्राहक यानी परीक्षा पास करने के इच्छुक परीक्षार्थी लाने का कम करता था।
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यह गिरोह गोहाना की एक कबड्डी अकादमी से पकड़ा गया है। 17 दिसंबर को सीएम फ्लाइंग व पुलिस ने छापा डाला था। इस कार्रवाई में रोहतक, सोनीपत व पानीपत जिले की आठ टीमों ने रातभर कार्रवाई की। इसमें सीआईए, एसटीएफ व महिला थाना पुलिस शामिल रही। यहां एक निजी इंस्टीट्यूट चल रहा था। यह संस्थान राबिन खोखर का बताया गया है। इसका नाम पहले एक पेपर लीक मामले में आ चुका है। इसमें यह जमानत पर बताया गया है।
आरोपी धीरज व नीरज की बहन बोली-मेरे भाई को फंसाया गया
- ज्योति ने कहा-इस तरह का गलत काम नहीं कर सकते मेरे भाई
रोहतक। मेरे भाई को फंसाया गया है। वे इस तरह का गलत काम नहीं कर सकते। बड़े भाई शुरू से ही पढ़ाई से जुड़े रहे हैं। पढ़ाई में रुचि होने के चलते बच्चों को पढ़ाते हैं। यह कहना है करौंथा निवासी धीरज की बहन ज्योति का। अमर उजाला से हुई बातचीत में उन्होंने कहा कि पहले वह एमडीयू के पास एक मॉल में कोचिंग सेंटर चलाते थे। अब सेंटर नहीं चला रहे हैं। अब भी बिना सेंटर के बच्चों को पढ़ाते हैं।
कॉलेज समय में मैं खुद भी उन्हीं से पढ़ी हूं। बड़े भाई 17 दिसंबर को घर से गए थे। इसके बाद से वापस नहीं आए हैं। वह कहां हैं, पता नहीं। पुलिस के पास गए तो उल्टा कहते हैं कि यह बोलने से क्या फायदा, आपको तो पता ही है। इस बारे में शिकायत नहीं दी गई है। ब्यूरो