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रंग बिरंगे फूलों ने लुभाया, युवाओं ने की मस्ती
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फूलों को देखती युवतियां। अमर उजाला
भारत उत्सवों का देश है। भारतीय संस्कृति-सभ्यता में उत्सवों का विशेष महत्व है। भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों का समाज में प्रचार-प्रसार हो। विश्वविद्यालय में आयोजित रंग-बहार पुष्प उत्सव भारतीय संस्कृति के प्रकृति-प्रेम का उत्सव है। यह कहना है एमडीयू के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह का। वे शुक्रवार को रंग बहार उत्सव का उद्घाटन कर रहे थे।
कुलपति ने कहा कि विवि देश में स्वच्छता-हरियाली के लिए जाना जाता है। कुलसचिव प्रो. गुलशन तनेजा ने कहा कि स्वच्छ, हरियाली भरे परिसर में कार्य करने से मन खुश रहता है। उन्होंने अपने परिसर को साफ-सुथरा रखने व प्रकृति से जुड़ने का आह्वान किया। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. राजकुमार ने कहा कि जीवन में फूलों के रंग जीवन को खुशगवार बना देते हैं। मंच संचालन निदेशक युवा कल्याण डॉ. जगबीर राठी ने किया। आभार प्रदर्शन रंग बहार इवेंट की संयोजक बॉटनी विभाग की अध्यक्ष प्रो. विनिता हुड्डा ने किया।
उद्घाटन कार्यक्रम में संगीत विभाग की टीम की ओर से राग खमाज व राग काफी में राधा कृष्ण की होली पर सुंदर रचनाएं प्रस्तुत की गई। विभागाध्यक्ष प्रो. विमल सिंह की रचित वृंदगान-आया आया बसंत सखी आया री पर संगीत विभाग की टीम की प्रस्तुति दी। इस मौके पर कुलपति ने संगीत विभाग की टीम को 21 हजार रुपये प्रेरणा राशि देने की घोषणा की। रंग बहार इवेंट में ड्यूटी देने वाले स्टूडेंट वालंटियर्स के लिए प्रशस्ति पत्र की भी घोषणा की। विश्वविद्यालय के गुलाब उद्यान में आयोजित रंग बहार इवेंट में लोक संगीतकारों की टोली ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों की संगीतमय प्रस्तुतियां देकर समां बांधा। कच्ची घोड़ी के नृत्य व बहुरूपियों के प्रदर्शन ने कार्यक्रम में मौज-मस्ती के नए रंग घोले। गुलाब वाटिका में जगह-जगह बने सेल्फी प्वाइंट्स विशेष आकर्षण का केंद्र रहें।
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आठ वर्गों में हुआ रंग बहार उत्सव
फ्रेश फ्लॉवर अरेंजमेंट, कट फ्लावर विद 2 स्टेम्स/स्पाइक्स, फ्लावर एग्जीबिट्स, फोलिएज प्लांट/बोनसाई/कक्टी, फ्लावर रंगोली कंटेस्ट (केवल मदवि के यूटीडी व संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए), ड्राइड/प्रेसड फ्लावर्स, लिव्ज, टवीग्स आर्टवर्क, फ्लावर ड्राइंग व बेस्ट गार्डन (केवल रोहतक शहर) में प्रतिस्पर्धात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। इसमें विवि कर्मियों व रोहतक वासियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। इसके अलावा रंगोली बनाओ प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया।
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कुलपति ने कहा कि विवि देश में स्वच्छता-हरियाली के लिए जाना जाता है। कुलसचिव प्रो. गुलशन तनेजा ने कहा कि स्वच्छ, हरियाली भरे परिसर में कार्य करने से मन खुश रहता है। उन्होंने अपने परिसर को साफ-सुथरा रखने व प्रकृति से जुड़ने का आह्वान किया। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. राजकुमार ने कहा कि जीवन में फूलों के रंग जीवन को खुशगवार बना देते हैं। मंच संचालन निदेशक युवा कल्याण डॉ. जगबीर राठी ने किया। आभार प्रदर्शन रंग बहार इवेंट की संयोजक बॉटनी विभाग की अध्यक्ष प्रो. विनिता हुड्डा ने किया।
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उद्घाटन कार्यक्रम में संगीत विभाग की टीम की ओर से राग खमाज व राग काफी में राधा कृष्ण की होली पर सुंदर रचनाएं प्रस्तुत की गई। विभागाध्यक्ष प्रो. विमल सिंह की रचित वृंदगान-आया आया बसंत सखी आया री पर संगीत विभाग की टीम की प्रस्तुति दी। इस मौके पर कुलपति ने संगीत विभाग की टीम को 21 हजार रुपये प्रेरणा राशि देने की घोषणा की। रंग बहार इवेंट में ड्यूटी देने वाले स्टूडेंट वालंटियर्स के लिए प्रशस्ति पत्र की भी घोषणा की। विश्वविद्यालय के गुलाब उद्यान में आयोजित रंग बहार इवेंट में लोक संगीतकारों की टोली ने पारंपरिक वाद्य यंत्रों की संगीतमय प्रस्तुतियां देकर समां बांधा। कच्ची घोड़ी के नृत्य व बहुरूपियों के प्रदर्शन ने कार्यक्रम में मौज-मस्ती के नए रंग घोले। गुलाब वाटिका में जगह-जगह बने सेल्फी प्वाइंट्स विशेष आकर्षण का केंद्र रहें।
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आठ वर्गों में हुआ रंग बहार उत्सव
फ्रेश फ्लॉवर अरेंजमेंट, कट फ्लावर विद 2 स्टेम्स/स्पाइक्स, फ्लावर एग्जीबिट्स, फोलिएज प्लांट/बोनसाई/कक्टी, फ्लावर रंगोली कंटेस्ट (केवल मदवि के यूटीडी व संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए), ड्राइड/प्रेसड फ्लावर्स, लिव्ज, टवीग्स आर्टवर्क, फ्लावर ड्राइंग व बेस्ट गार्डन (केवल रोहतक शहर) में प्रतिस्पर्धात्मक प्रतियोगिताएं आयोजित की गई। इसमें विवि कर्मियों व रोहतक वासियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया। इसके अलावा रंगोली बनाओ प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया।