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Rohtak News: स्वाद संग सेहत का मॉकटेल
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रोहतक। आपके मॉकटेल में स्वाद संग सेहत का खजाना भी मिल सकता है। स्पाइसी जामुन से बना मॉकटेल जहां शरीर को चुस्त बनाने में मददगार बन रहा है, वहीं कुनीनयुक्त खास पेय मलेरिया जैसी बीमारी से बचाने में काम आ रहा है। सबसे रोचक है कि सेहत भरे इन मॉकटेल को बनाना इतना आसान है कि इसे घर में ही तैयार किया जा सकता है।
सेहत भरे इन मॉकटेल को आज यहां लाइव बनाकर दिखाया एक अंतरराष्ट्रीय सिरप कंपनी के स्टूडियो मैनेजर और जाने-माने पेय पदार्थ विशेषज्ञ राहुल कुमार ने। वह तिलयार पर्यटन केंद्र स्थित राज्य होटल प्रबंधन संस्थान में आयोजित कार्यशाला में विद्य़ार्थियों को मॉकटेल बनाना सिखा रहे थे। उनके साथ मददगार के रूप में महावीर सिंह व उज्ज्वल भी मौजूद रहे।
टॉनिक वाटर और स्पार्कलिंग वाटर सेहत का खजाना
राहुल कुमार ने बताया कि टॉनिक वाटर मॉकटेल स्वादिष्ट ही नहीं, सेहतमंद भी होता है। साथ ही कुनीन युक्त यह मॉकटेल मलेरिया से भी बचाने में सक्षम पाया गया है। यही नहीं, जमीन से प्राकृतिक रूप से निकलने वाला सीओ-टू युक्त स्पार्कलिंग वाटर भी सेहत के लिए फायदेमंद है। इसमें विटामिन व कई तरह के मिनरल्स मौजूद होने से इटली व फ्रांस के लोग सामान्य पानी के बजाय स्पार्कलिंग वाटर ज्यादा प्रयोग करते हैं। इसे ही लोग अपने मॉकटेल व अन्य पेय में मिलाकर उसे सेहत से भरपूर बनाते हैं। कार्यशाला में उन्होंने विद्यार्थियों को विदेशों और पांच सितारा होटलों में विशेष रूप से तैयार करने व परोसे जाने वाले मॉकटेल बनाने सिखाए। उन्होंने बताया कि दूसरे विश्व युद्ध में मलेरिया बढ़ा तो वहां के लोगों ने टॉनिक वाटर को अपनाया। इसे अपने पेयपदार्थों में शामिल किया। चूंकि इसमें कुनीन मिस्क होता है, ऐसे में यह मलेरिया से लड़ने में सहायक सिद्ध होता है। अब यह टॉनिक वाटर मॉकटेल में प्रयोग होने लगा है। खुद सेहत से भरपूर इस मॉकटेल को आप खुद घर में बना सकते हैं।
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खीरे और संतरे के मॉकटेल भी कम नहीं
कार्यशाला में राहुल ने खीरा, संतरा, मोहितो, स्पाइसी जामुन, चीज़ केक व पॉपकॉर्न के मॉकटेल समेत 40 तरह के सेहत से भरपूर पेय बनाने सिखाए। कार्यशाला में विद्यार्थियों ने भी अनेक तरह के मॉकटेल बनाकर देखे। कार्यशाला के संयोजक सहायक व्याख्याता तरुण हुड्डा ने इनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।
दो घंटे में बनाए 40 तरीके के मॉकटेल
संस्थान में सुबह साढ़े दसबजे शुरू हुई यह कार्यशाला दोपहर साढ़े बारह बजे तक चली। इस दौरान कंपनी के अधिकारी ने करीब 40 तरीके की मॉकटेल बनाने की विधि सिखाई। उन्हें सही तरीके से परोसने की भी जानकारी के साथ विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिए। कार्यशाला के आयोजन के लिए उन्होंने संस्थान की प्राचार्य भानु विग का विशेष तौर से आभार जताया। इस मौके पर संजीव डे, पंकज सिंह, मुनेश कुमार, बृजेश एवं छात्र मौजूद रहे।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को विदेशों व पांच सितारा होटलों में मॉकटेल बनाने व परोसने की बारीकियां समझाईं। इसमें सेहत से भरपूर मॉकटेल व अपने प्राकृतिक रूप से तैयार सिरप के प्रयोग से भी अवगत कराया।
विकास देशवाल, व्याख्याता, राज्य होटल प्रबंधन संस्थान, तिलयार पयर्टन केंद्र
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सेहत भरे इन मॉकटेल को आज यहां लाइव बनाकर दिखाया एक अंतरराष्ट्रीय सिरप कंपनी के स्टूडियो मैनेजर और जाने-माने पेय पदार्थ विशेषज्ञ राहुल कुमार ने। वह तिलयार पर्यटन केंद्र स्थित राज्य होटल प्रबंधन संस्थान में आयोजित कार्यशाला में विद्य़ार्थियों को मॉकटेल बनाना सिखा रहे थे। उनके साथ मददगार के रूप में महावीर सिंह व उज्ज्वल भी मौजूद रहे।
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टॉनिक वाटर और स्पार्कलिंग वाटर सेहत का खजाना
राहुल कुमार ने बताया कि टॉनिक वाटर मॉकटेल स्वादिष्ट ही नहीं, सेहतमंद भी होता है। साथ ही कुनीन युक्त यह मॉकटेल मलेरिया से भी बचाने में सक्षम पाया गया है। यही नहीं, जमीन से प्राकृतिक रूप से निकलने वाला सीओ-टू युक्त स्पार्कलिंग वाटर भी सेहत के लिए फायदेमंद है। इसमें विटामिन व कई तरह के मिनरल्स मौजूद होने से इटली व फ्रांस के लोग सामान्य पानी के बजाय स्पार्कलिंग वाटर ज्यादा प्रयोग करते हैं। इसे ही लोग अपने मॉकटेल व अन्य पेय में मिलाकर उसे सेहत से भरपूर बनाते हैं। कार्यशाला में उन्होंने विद्यार्थियों को विदेशों और पांच सितारा होटलों में विशेष रूप से तैयार करने व परोसे जाने वाले मॉकटेल बनाने सिखाए। उन्होंने बताया कि दूसरे विश्व युद्ध में मलेरिया बढ़ा तो वहां के लोगों ने टॉनिक वाटर को अपनाया। इसे अपने पेयपदार्थों में शामिल किया। चूंकि इसमें कुनीन मिस्क होता है, ऐसे में यह मलेरिया से लड़ने में सहायक सिद्ध होता है। अब यह टॉनिक वाटर मॉकटेल में प्रयोग होने लगा है। खुद सेहत से भरपूर इस मॉकटेल को आप खुद घर में बना सकते हैं।
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खीरे और संतरे के मॉकटेल भी कम नहीं
कार्यशाला में राहुल ने खीरा, संतरा, मोहितो, स्पाइसी जामुन, चीज़ केक व पॉपकॉर्न के मॉकटेल समेत 40 तरह के सेहत से भरपूर पेय बनाने सिखाए। कार्यशाला में विद्यार्थियों ने भी अनेक तरह के मॉकटेल बनाकर देखे। कार्यशाला के संयोजक सहायक व्याख्याता तरुण हुड्डा ने इनका स्वागत एवं अभिनंदन किया।
दो घंटे में बनाए 40 तरीके के मॉकटेल
संस्थान में सुबह साढ़े दसबजे शुरू हुई यह कार्यशाला दोपहर साढ़े बारह बजे तक चली। इस दौरान कंपनी के अधिकारी ने करीब 40 तरीके की मॉकटेल बनाने की विधि सिखाई। उन्हें सही तरीके से परोसने की भी जानकारी के साथ विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिए। कार्यशाला के आयोजन के लिए उन्होंने संस्थान की प्राचार्य भानु विग का विशेष तौर से आभार जताया। इस मौके पर संजीव डे, पंकज सिंह, मुनेश कुमार, बृजेश एवं छात्र मौजूद रहे।
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने विद्यार्थियों को विदेशों व पांच सितारा होटलों में मॉकटेल बनाने व परोसने की बारीकियां समझाईं। इसमें सेहत से भरपूर मॉकटेल व अपने प्राकृतिक रूप से तैयार सिरप के प्रयोग से भी अवगत कराया।
विकास देशवाल, व्याख्याता, राज्य होटल प्रबंधन संस्थान, तिलयार पयर्टन केंद्र