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हिसार पहुंची स्वर्णिम विजयी मशाल का जोरदार स्वागत
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Swarnim Vijayi Massal Reached in hisar
- फोटो : Hisar
1971 के युद्ध के 50 साल पूरे होने पर सेना इसे स्वर्णिम विजय वर्ष के रूप में मना रही है। शुक्रवार को हिसार पहुंची स्वर्णिम विजयी मशाल का छावनी में डॉट ऑन टारगेट डिविजन ने जोरदार स्वागत किया। इस विजय मशाल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 दिसंबर 2020 को रवाना किया था।
हिसार पहुंचने पर विजयी मशाल को डॉट ऑन टारगेट डिविजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल देविंद्र कुमार ने प्राप्त किया। यहां सैनिक बैंड की धुनों पर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में सैन्य अधिकारियों, सैनिकों के अलावा पूर्व सैनिकों, उनके परिवार के सदस्यों ने भी भाग लिया। इस दौरान 1971 की लड़ाई में भाग लेने वाले या उनके परिवार के सदस्य भी विशेष रूप से कार्यक्रम में शामिल हुए। इनमें जिले के वीरचक्र से सम्मानित होने वाले लेफ्टिनेंट हवा सिंह और कंपनी हवलदार मेजर कृष्ण सिंह शामिल थे। कार्यक्रम में युद्ध के हीरो और शहीद होने वाले सैनिकों के परिजनों को भी सम्मानित किया गया।
10 दिन प्रदेश के सैनिकों के गांवों में जाएगी मशाल
मेजर जनरल देविंद्र कुमार ने बताया कि विजयी मशाल हिसार छावनी में 10 दिन तक रहेगी। इस दौरान मशाल युद्ध में भाग लेने वाले सैनिकों के गांवों में ले जाई जाएगी। इनमें हिसार, रोहतक, भिवानी, जींद, झज्जर, सिरसा, रेवाड़ी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और फतेहाबाद शामिल हैं। इसके बाद 25 जनवरी को विजयी मशाल जयपुर के लिए रवाना की जाएगी।
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1971 युद्ध के नायकों को याद रखने के लिए कार्यक्रम
मेजर जनरल देविंद्र कुमार ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य भारत-पाकिस्तान के बीच हुए 1971 के युद्ध के नायकों को याद रखना है। यह युद्ध 3 दिसंबर 1971 को शुरू हुआ था और 16 दिसंबर 1971 को खत्म हुआ था, जिसमें भारतीय सेना ने बहादुरी के साथ युद्ध में ऐतिहासिक जीत हासिल की थी।
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हिसार पहुंचने पर विजयी मशाल को डॉट ऑन टारगेट डिविजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल देविंद्र कुमार ने प्राप्त किया। यहां सैनिक बैंड की धुनों पर स्वागत किया गया। कार्यक्रम में सैन्य अधिकारियों, सैनिकों के अलावा पूर्व सैनिकों, उनके परिवार के सदस्यों ने भी भाग लिया। इस दौरान 1971 की लड़ाई में भाग लेने वाले या उनके परिवार के सदस्य भी विशेष रूप से कार्यक्रम में शामिल हुए। इनमें जिले के वीरचक्र से सम्मानित होने वाले लेफ्टिनेंट हवा सिंह और कंपनी हवलदार मेजर कृष्ण सिंह शामिल थे। कार्यक्रम में युद्ध के हीरो और शहीद होने वाले सैनिकों के परिजनों को भी सम्मानित किया गया।
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10 दिन प्रदेश के सैनिकों के गांवों में जाएगी मशाल
मेजर जनरल देविंद्र कुमार ने बताया कि विजयी मशाल हिसार छावनी में 10 दिन तक रहेगी। इस दौरान मशाल युद्ध में भाग लेने वाले सैनिकों के गांवों में ले जाई जाएगी। इनमें हिसार, रोहतक, भिवानी, जींद, झज्जर, सिरसा, रेवाड़ी, चरखी दादरी, महेंद्रगढ़ और फतेहाबाद शामिल हैं। इसके बाद 25 जनवरी को विजयी मशाल जयपुर के लिए रवाना की जाएगी।
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1971 युद्ध के नायकों को याद रखने के लिए कार्यक्रम
मेजर जनरल देविंद्र कुमार ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य भारत-पाकिस्तान के बीच हुए 1971 के युद्ध के नायकों को याद रखना है। यह युद्ध 3 दिसंबर 1971 को शुरू हुआ था और 16 दिसंबर 1971 को खत्म हुआ था, जिसमें भारतीय सेना ने बहादुरी के साथ युद्ध में ऐतिहासिक जीत हासिल की थी।

Swarnim Vijayi Massal Reached in hisar- फोटो : Hisar