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गैंग रेप मामले में सुप्रीम कोर्ट ने मांगा जवाब
रोहतक/ब्यूरो
Updated Mon, 02 Dec 2013 11:19 PM IST
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सामूहिक दुराचार के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करते हुए
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हरियाणा, दिल्ली के पुलिस महानिदेशक, रोहतक रेंज के आईजी व सीबीआई निदेशक
को नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जवाब मांगा है।
सीबीआई से मामले के बारे में पूछा गया है कि क्या सीबीआई जांच की जरूरत है। उच्चतम न्यायालय द्वारा नोटिस जारी होने पर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने मुख्य आरोपी धौड़ निवासी प्रदीप व उसके साथी गांव सुंडाना निवासी मंजीत को गिरफ्तार करके जिला अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। शनिवार को पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे और जांच दिल्ली पुलिस या सीबीआई को देने की अपील की थी।
यह है मामला
25 अक्तूबर को क्षेत्र के एक गांव की किशोरी को गांव धौड़ निवासी प्रदीप उठा ले गया था। आरोप है कि पंद्रह दिनों के दौरान नाबालिग के साथ नौ लोगों ने दुराचार किया, जिसमें झज्जर का एक पुलिस कर्मचारी भी शामिल था। आठ नवंबर को कलानौर पुलिस ने उसे गुड़गांव से बरामद किया। आरोप है कि किशोरी को एक रात थाने में अवैध हिरासत में भी रखा गया। इस दौरान उसके साथ मारपीट भी की गई। इस मामले में बाल संरक्षण आयोग की टीम ने भी पीड़िता के बयान दर्ज किए थे। वीरवार को एसपी ने इस मामले में एसआईटी का गठन किया।
सीबीआई से मामले के बारे में पूछा गया है कि क्या सीबीआई जांच की जरूरत है। उच्चतम न्यायालय द्वारा नोटिस जारी होने पर पुलिस प्रशासन में हड़कंप मचा हुआ है। मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी ने मुख्य आरोपी धौड़ निवासी प्रदीप व उसके साथी गांव सुंडाना निवासी मंजीत को गिरफ्तार करके जिला अदालत में पेश किया, जहां से उन्हें दो दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा है। शनिवार को पीड़िता ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए थे और जांच दिल्ली पुलिस या सीबीआई को देने की अपील की थी।
यह है मामला
25 अक्तूबर को क्षेत्र के एक गांव की किशोरी को गांव धौड़ निवासी प्रदीप उठा ले गया था। आरोप है कि पंद्रह दिनों के दौरान नाबालिग के साथ नौ लोगों ने दुराचार किया, जिसमें झज्जर का एक पुलिस कर्मचारी भी शामिल था। आठ नवंबर को कलानौर पुलिस ने उसे गुड़गांव से बरामद किया। आरोप है कि किशोरी को एक रात थाने में अवैध हिरासत में भी रखा गया। इस दौरान उसके साथ मारपीट भी की गई। इस मामले में बाल संरक्षण आयोग की टीम ने भी पीड़िता के बयान दर्ज किए थे। वीरवार को एसपी ने इस मामले में एसआईटी का गठन किया।