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Rohtak News: एमडीयू हाॅस्टल में जांच के खिलाफ भड़के छात्र, वीसी आवास घेरा
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50- एमडीयू रोहतक के हॉस्टलों में रेड के खिलाफ कुलपति आवास का घेराव करने पहुंचे छात्र। स्रोत : व
माई सिटी रिपोर्टर
रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के बॉयज हॉस्टल में चीफ वार्डन की नियमित जांच के खिलाफ छात्र भड़क गए। विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में रहने वाले सैकड़ों छात्रों ने वीसी आवास को घेरकर सोमवार देर रात 12:30 बजे तक प्रदर्शन किया। छात्रों ने एमडीयू प्रशासन पर जबरन हॉस्टल के कमरों में घुसने और दबाव बनाने का आरोप लगाया। मामले को लेकर विवि प्रशासन मौन साधे रहा।
एमडीयू के बॉयज हॉस्टल में सोमवार रात करीब 10 बजे चीफ वार्डन प्रो. सुधीर के नेतृत्व में जांच करने पहुंचे। इसको छात्रों ने विरोध किया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने हॉस्टल परिसर से लेकर कुलपति आवास तक नारेबाजी की। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए और विवि प्रशासन के खिलाफ रोष जताया।
छात्र दीपक ने बताया कि रात करीब 10 बजे चीफ वार्डन प्रो. सुधीर हॉस्टल में जांच करने पहुंचे थे। इसके बाद हॉस्टल में मौजूद छात्रों में रोष फैल गया। छात्रों ने एकजुट होकर इसका विरोध शुरू कर दिया और नारेबाजी करते हुए वीसी आवास की ओर बढ़े।
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छात्रों का प्रदर्शन करीब ढाई घंटे तक चला। रात करीब साढ़े 12 बजे प्रदर्शन समाप्त हुआ। इस दौरान छात्र क्रांति चौक तक भी पहुंचे और वहां भी नारेबाजी की। छात्रों का कहना था कि हॉस्टल में इस तरह की कार्रवाई को लेकर उन्हें अपनी बात रखने का अधिकार है और प्रशासन को छात्रों से संवाद कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
छात्रों ने हॉस्टल की व्यवस्थाओं और नियमों को लेकर भी नाराजगी जताई। वहीं, लड़कियों के हॉस्टल की टाइमिंग का मुद्दा भी छात्रों के बीच चर्चा में रहा। छात्रों के प्रदर्शन से देर रात तक विवि परिसर के आसपास माहौल गरमाया रहा।
हॉस्टल में नियमित चेकिंग का प्रावधान
एमडीयू के बॉयज हॉस्टल में समय-समय पर चेकिंग की जाती है। कमरों में बाहरी व्यक्ति के ठहरने, प्रतिबंधित या अतिरिक्त बिजली उपकरण रखने समेत अन्य हॉस्टल नियमों की जांच की जाती है। कूलर, केतली आदि अतिरिक्त उपकरण रखने पर निर्धारित शुल्क या चार्ज का प्रावधान होने की बात कही गई है। हॉस्टल से जुड़े ऐसे नियमों और शुल्क का उल्लेख विश्वविद्यालय के प्रोस्पेक्टस में भी किया जाता है।
यह है चेकिंग का उद्देश्य
हॉस्टल में अनुशासन बनाए रखना, बाहरी लोगों के अनधिकृत प्रवेश को रोकना और अतिरिक्त विद्युत उपकरणों के इस्तेमाल को निर्धारित नियमों के दायरे में रखना होता है।
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रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (एमडीयू) के बॉयज हॉस्टल में चीफ वार्डन की नियमित जांच के खिलाफ छात्र भड़क गए। विश्वविद्यालय के हॉस्टलों में रहने वाले सैकड़ों छात्रों ने वीसी आवास को घेरकर सोमवार देर रात 12:30 बजे तक प्रदर्शन किया। छात्रों ने एमडीयू प्रशासन पर जबरन हॉस्टल के कमरों में घुसने और दबाव बनाने का आरोप लगाया। मामले को लेकर विवि प्रशासन मौन साधे रहा।
एमडीयू के बॉयज हॉस्टल में सोमवार रात करीब 10 बजे चीफ वार्डन प्रो. सुधीर के नेतृत्व में जांच करने पहुंचे। इसको छात्रों ने विरोध किया और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों ने हॉस्टल परिसर से लेकर कुलपति आवास तक नारेबाजी की। इस दौरान बड़ी संख्या में छात्र सड़क पर उतर आए और विवि प्रशासन के खिलाफ रोष जताया।
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छात्र दीपक ने बताया कि रात करीब 10 बजे चीफ वार्डन प्रो. सुधीर हॉस्टल में जांच करने पहुंचे थे। इसके बाद हॉस्टल में मौजूद छात्रों में रोष फैल गया। छात्रों ने एकजुट होकर इसका विरोध शुरू कर दिया और नारेबाजी करते हुए वीसी आवास की ओर बढ़े।
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छात्रों का प्रदर्शन करीब ढाई घंटे तक चला। रात करीब साढ़े 12 बजे प्रदर्शन समाप्त हुआ। इस दौरान छात्र क्रांति चौक तक भी पहुंचे और वहां भी नारेबाजी की। छात्रों का कहना था कि हॉस्टल में इस तरह की कार्रवाई को लेकर उन्हें अपनी बात रखने का अधिकार है और प्रशासन को छात्रों से संवाद कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
छात्रों ने हॉस्टल की व्यवस्थाओं और नियमों को लेकर भी नाराजगी जताई। वहीं, लड़कियों के हॉस्टल की टाइमिंग का मुद्दा भी छात्रों के बीच चर्चा में रहा। छात्रों के प्रदर्शन से देर रात तक विवि परिसर के आसपास माहौल गरमाया रहा।
हॉस्टल में नियमित चेकिंग का प्रावधान
एमडीयू के बॉयज हॉस्टल में समय-समय पर चेकिंग की जाती है। कमरों में बाहरी व्यक्ति के ठहरने, प्रतिबंधित या अतिरिक्त बिजली उपकरण रखने समेत अन्य हॉस्टल नियमों की जांच की जाती है। कूलर, केतली आदि अतिरिक्त उपकरण रखने पर निर्धारित शुल्क या चार्ज का प्रावधान होने की बात कही गई है। हॉस्टल से जुड़े ऐसे नियमों और शुल्क का उल्लेख विश्वविद्यालय के प्रोस्पेक्टस में भी किया जाता है।
यह है चेकिंग का उद्देश्य
हॉस्टल में अनुशासन बनाए रखना, बाहरी लोगों के अनधिकृत प्रवेश को रोकना और अतिरिक्त विद्युत उपकरणों के इस्तेमाल को निर्धारित नियमों के दायरे में रखना होता है।

50- एमडीयू रोहतक के हॉस्टलों में रेड के खिलाफ कुलपति आवास का घेराव करने पहुंचे छात्र। स्रोत : व