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एलपीजी से सस्ती बायोगैस से जलेंगे चूल्हे

Mon, 25 Oct 2021 12:24 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 25 Oct 2021 12:24 AM IST
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Stoves will be burnt with biogas cheaper than LPG
एलपीजी की कीमतों की मार झेल रहे लोगों के लिए अच्छी खबर है। अब एलपीजी की तुलना में कहीं सस्ती बायोगैस से घरों के चूल्हे जलेंगे। गांव खरावड़ की गोशाला में जिले का पहला गोबर गैस प्लांट लगाया जाएगा। लोगों को पाइपलाइन के जरिये बायो गैस उपलब्ध करवाई जाएगी। अगर यह प्रोजेक्ट कामयाब रहा तो ऐसे और प्लांट भी लगाए जाएंगे।
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जिला परिषद की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के तहत 77 लाख रुपये से गांव खरावड़ की गोशाला में बायोगैस प्लांट लगाया जाएगा। जहां गोबर से बायोगैस बनाई जाएगी। प्लांट तैयार करने के टेंडर हो चुके हैं, इसका निर्माण पंचायती राज विभाग करवाएगा, एक्सईएन पंचायती राज को पैसे ट्रांसफर किए जा चुके हैं। जल्द ही इसका निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा, इसके बनने में करीब एक साल का समय लग सकता है। पहले चरण में 2500 परिवारों को बायोगैस उपलब्ध करवाई जाएगी। भविष्य में प्लांट की क्षमता बढ़ाकर और परिवारों को भी गैस मुहैया करवाई जाएगी। परियोजना अधिकारी करतार सिंह ने कहा कि अब गैस की लागत का आकलन नहीं किया गया है, लेकिन इतना तय है कि यह एलपीजी से काफी सस्ती पड़ेगी। इससे गांव के मध्यमवर्गीय परिवारों को काफी राहत मिलेगी, उनके किचन का मासिक खर्च कम हो जाएगा। इसके साथ ही गांव में गोबर की समस्या का समाधान होगा। इस कारण गंदगी नहीं फैलेगी।
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लागत का आकलन करने के बाद कमेटी तय करेगी रेट
गांव खरावड़ के निवर्तमान सरपंच विजेंदर ने बताया कि गोशाला बाबा टहल नाथ डेरे की जमीन पर है, डेरे के महंत बाबा भैरों नाथ ही गोशाला के प्रधान हैं। उनकी अध्यक्षता में गांवों के गणमान्य लोगों की कमेटी बनेगी, जिसमें पंचायत के प्रतिनिधि भी होंगे। वह कमेटी गैस की लागत का आकलन करेगी। इसमें गोबर इकट्ठा करने का खर्च, मैन पावर, पाइप लाइन व अन्य खर्चे शामिल होंगे। इसके आधार पर ही यह तय किया जाएगा कि लोगों को बायोगैस किस रेट पर दी जाए।
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33 लाख की गैस, 14 लाख की खाद बनेगी
परियोजना अधिकारी करतार सिंह ने बताया कि विभाग का आकलन है कि इस प्लांट से सालाना 33 लाख रुपये की बायोगैस बनेगी। इसके साथ ही वर्मी कम्पोस्ट खाद के रूप में आय का एक साधन बनेगा। प्लांट से साल में करीब 14.5 लाख रुपये की वर्मी कम्पोस्ट खाद भी निकलेगी।

गांव खरावड़ की गोशाला में जिले का पहला बायोगैस प्लांट लगाया जा रहा है। अगर यह प्रयोग कामयाब रहा तो ऐसे और प्लांट लगाए जाएंगे। इससे लोगों को सस्ती बायोगैस मिलेगी वहीं, गोबर और गंदगी की समस्या का समाधान होगा।
- महेश कुमार, सीईओ, जिला परिषद
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