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Rohtak: डॉक्टरों ने काले बैज लगाकर मनाया ब्लैक डे, बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में शाम को निकाला विरोध मार्च
Tue, 08 Nov 2022 03:41 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 08 Nov 2022 03:41 AM IST
सार
बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे एमबीबीएस विद्यार्थियों को दिया समर्थन। यहां कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला व बहुजन समाज पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट गुरुमुख सिंह उन्हें समर्थन देने पहुंचे।
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धरने पर बैठे विद्यार्थियों से मिलने पहुंचे कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रोहतक पीजीआई के एमबीबीएस विद्यार्थियों का बॉन्ड पॉलिसी के विरोध में धरना-प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहा। धरनास्थल पर विद्यार्थियों ने दोबारा अपना 40 फिट से अधिक लंबा बैनर टांगने के साथ नारेबाजी कर सरकार की पॉलिसी के खिलाफ रोष प्रकट किया। यहां कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला व बहुजन समाज पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष एडवोकेट गुरुमुख सिंह उन्हें समर्थन देने पहुंचे। शाम को विद्यार्थियों ने मेडिकल मोड़ तक विरोध मार्च निकाला गया।
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संस्थान के निदेशक कार्यालय के बाहर धरने पर बैठे विद्यार्थियों ने पहले दिन की तरह जोशीले अंदाज में नारेबाजी कर अपना विरोध प्रकट किया। विद्यार्थियों ने सरकार से बॉन्ड पॉलिसी पूरी तरह वापस लेने की अपील करते हुए कहा कि यह न्याय संगत नहीं है। इसे हर वर्ग प्रभावित होगा। सबसे पहले एमबीबीएस करने वाले उम्मीदवार व उनके अभिभावकों पर पॉलिसी का असर होगा। इसके बाद स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होंगी।
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इसका असर आम आदमी पर ही पड़ेगा। चिकित्सा स्वास्थ्य की गुणवत्ता पर भी असर पड़ेगा। अच्छे चिकित्सकों की कमी से गुणवत्ता परक इलाज नहीं मिलेगा। इस पॉलिसी से रुपये देकर डिग्री खरीदने का चलन बढ़ेगा। यह चिकित्सा जगह के लिए भी खतरनाक है।
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इसलिए सरकार इस पॉलिसी को रद्द करते हुए पुरानी व्यवस्था बहाल करे। अपनी मांगों को लेकर विद्यार्थियों ने शाम को निदेशक कार्यालय से पंडित नेकीराम शर्मा कॉलेज पावर हाउस चौक तक विरोध मार्च निकाला। इस दौरान विद्यार्थियों ने नारेबाजी करते हुए पॉलिसी रद्द करने की मांग की।
इधर, एचसीएमएस (हरियाणा सिविल मेडिकल सर्विसेज) एसोसिएशन ने सोमवार को एमबीबीएस विद्यार्थियों के समर्थन में काले बैज लगाकर काम किया। एसोसिएशन ने विद्यार्थियों पर रात के अंधेरे में पुलिस कार्रवाई करने व थोपी जा रही बॉन्ड पॉलिसी का विरोध जताया। एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. जसबीर परमार ने कहा कि सरकार चिकित्सकों व चिकित्सा विज्ञान के साथ गलत कर रही है।
बॉन्ड पॉलिसी की किसी भी सूरत में लागू करने लायक नहीं है। इसके केवल नुकसान हैं। एमबीबीएस के विद्यार्थी इसका विरोध कर रहे हैं। इन पर भी केस दर्ज कर दिया गया। यह अन्याय है। सरकार को व्यवस्था बनानी है तो पहले जमीनी स्तर पर सुधार करना होगा। लोगों को सीएचसी व पीएचसी स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया करानी होगी।
इसके लिए चिकित्सकों की नियुक्ति व उन्हें सभी तरह की सुविधाएं मुहैया करा कर हर व्यक्ति के लिए सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं बहाल की जा सकती हैं। इस तरह प्रदेश में डॉक्टर ही नहीं रहेंगे। पीजीआई में भी चिकित्सकों ने विरोध स्वरूप काले बैज लगाकर काम किया।
आधारहीन है बॉन्ड पॉलिसी : सुरजेवाला
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला सोमवार दोपहर पीजीआई पहुंचे। यहां बॉन्ड पॉलिसी के खिलाफ धरने पर बैठे विद्यार्थियों से मिले। वे रोहतक में किसी निजी काम से आए थे। यहां विद्यार्थियों को अपना हर संभव समर्थन देने हुए उन्होंने कहा कि बॉन्ड पॉलिसी आधारहीन है। विद्यार्थियों पर देर रात हुई पुलिस कार्रवाई से दुख पहुंचा। उन्होंने कहा कि सरकार हर साल दस लाख रुपये बॉन्ड के रूप में ले रही है। यह राशि चार साल में 40 लाख रुपये बनती है। गरीब परिवार यह राशि बैंकों से लेकर दे रहे हैं। इससे वे कर्जदार बन रहे हैं। साथ ही इस व्यवस्था से मेरिट पर भी सवाल उठते हैं। सरकारी मेडिकल कॉलेज में मेरिट पर दाखिला इसलिए नहीं लिया था। यहां विद्यार्थी कम फीस में बेहतर चिकित्सा शिक्षा प्राप्त करने के लिए आते हैं। इसके लिए वे अपने दो से पांच साल घर रह कर नीट की तैयारी करते हैं। यह सरकार के लिए शर्मनाक है। ये बच्चे राजनीतिक नहीं हैं। इसलिए सरकार सत्ता का हठ छोड़ दें और बगैर किसी शर्त के पॉलिसी हटाए।
सरासर गलत है बॉन्ड पॉलिसी : गुरुमुख सिंह
बहुजन समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष गुरुमुख सिंह भी सोमवार को पीजीआई पहुंचे। यहां उन्होंने प्रदर्शनकारी एमबीबीएस विद्यार्थियों से मुलाकात कर अपना समर्थन देने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि डॉक्टर को भगवान का दर्जा दिया जाता है। डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाले विद्यार्थी ठंड में सड़क पर धरना देने को विवश हैं। ये बॉन्ड पॉलिसी का विरोध कर रहे हैं। सरकार इसे बंद करे। बसपा इन विद्यार्थियों के साथ खड़ी है।