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दंगों पर जांच कमेटियों का ‘जंजाल’
ब्यूरो/अमर उजाला,रोहतक
Updated Thu, 24 Mar 2016 01:12 AM IST
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जाट आरक्षण
- फोटो : भव्य नरेश
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जाट आंदोलन के बाद दंगे और आंदोलन को भड़काने वालों का बचना मुश्किल है। प्रदेश सरकार ने दंगों की जांच के लिए एक के बाद एक जांच कमेटी का गठन करना शुुरू कर दिया है। इसी कड़ी में न्यायिक जांच आयोग का गठन करने की बात कही गई है। सबसे पहले उपद्रव के दौरान सरकारी अधिकारियों और पुलिस विभाग की लापरवाही की जांच करने के लिए रिटायर्ड आईपीएस प्रकाश सिंह के नेतृत्व में जांच कमेटी का गठन किया गया।
इसके बाद दंगों से जुड़ी एफआईआर की मॉनिटरिंग करने और उनके स्टेटस को जांचने के लिए स्टेट विजिलेंस के डीजीपी के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया गया। इसी तरह अब पूरे प्रकरण की जांच का जिम्मा न्यायिक आयोग को देने की तैयारी है।
100 से ज्यादा एसआईटी प्रदेशभर में करीब 100 से ज्यादा एसआईटी का गठन किया गया है। पुलिस विभाग की इन विशेष टीमों में करीब 600 से ज्यादा पुलिस अधिकारी शामिल हैं। अधिकतर टीमों में जिले से बाहर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल किए गए हैं।
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सभी जांच कमेटियों के एक जैसे सबूत
दंगों की जांच कर रही अधिकतर कमेटियों और विभागों के पास उपद्रव से जुड़े एक जैसे ही सबूत पहुंच रहे हैं। सभी के पास उपद्रव से जुड़ी वीडियो, ऑडियो और फोटो ही सबूत के तौर पर मौजूद हैं। चाहे वह मानवाधिकार आयोग हो या फिर प्रकाश सिंह कमेटी।
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इसके बाद दंगों से जुड़ी एफआईआर की मॉनिटरिंग करने और उनके स्टेटस को जांचने के लिए स्टेट विजिलेंस के डीजीपी के नेतृत्व में कमेटी का गठन किया गया। इसी तरह अब पूरे प्रकरण की जांच का जिम्मा न्यायिक आयोग को देने की तैयारी है।
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100 से ज्यादा एसआईटी प्रदेशभर में करीब 100 से ज्यादा एसआईटी का गठन किया गया है। पुलिस विभाग की इन विशेष टीमों में करीब 600 से ज्यादा पुलिस अधिकारी शामिल हैं। अधिकतर टीमों में जिले से बाहर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी शामिल किए गए हैं।
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सभी जांच कमेटियों के एक जैसे सबूत
दंगों की जांच कर रही अधिकतर कमेटियों और विभागों के पास उपद्रव से जुड़े एक जैसे ही सबूत पहुंच रहे हैं। सभी के पास उपद्रव से जुड़ी वीडियो, ऑडियो और फोटो ही सबूत के तौर पर मौजूद हैं। चाहे वह मानवाधिकार आयोग हो या फिर प्रकाश सिंह कमेटी।